माओरी में संबंधवाचक उपवाक्य
Rerenga Piri
यह लेख Settemila Lingue पर माओरी व्याकरण-वृक्ष का हिस्सा है।
संक्षेप में
माओरी में संबंधवाचक उपवाक्य, यानी किसी व्यक्ति या चीज़ की पहचान बताने वाला वाक्यांश, उसके नाम के बाद आता है: te tangata i haere mai — ‘वह व्यक्ति जो आया था’। हिंदी के ‘जो, जिसे, जहाँ’ के लिए माओरी में हर बार अलग शब्द नहीं लगाया जाता; वाक्य की बनावट से संबंध समझ आता है। जगह, समय या कारण का संबंध दिखाने में ai काम आता है, जबकि किसी काम से प्रभावित व्यक्ति या चीज़ को बताने के लिए कर्मवाच्य की बनावट बहुत उपयोगी है।
पहले बात समझें
मान लीजिए किसी मेज़ पर कई किताबें रखी हैं। आपको सिर्फ़ ‘किताब’ नहीं, बल्कि ‘वह किताब जो उसने लिखी थी’ कहना है। यहाँ ‘जो उसने लिखी थी’ बताता है कि कौन-सी किताब चाहिए। ऐसा हिस्सा संबंधवाचक उपवाक्य कहलाता है: वह पूरा वाक्य नहीं, बल्कि किसी बड़े वाक्य में नाम की जानकारी देने वाला हिस्सा है। माओरी में इस विषय को Rerenga Piri कहा जाता है।
हिंदी में ‘जो व्यक्ति कल आया था, वह मेरा दोस्त है’ और ‘वह व्यक्ति, जो कल आया था, मेरा दोस्त है’ दोनों बनावटें मिलती हैं। माओरी सीखते समय पहले नाम रखें और फिर उसकी पहचान वाली जानकारी जोड़ें। B1 स्तर पर यह आदत लोगों, जगहों, किताबों, मुलाक़ातों और बीती घटनाओं का अधिक सटीक वर्णन करने में मदद करती है।
इसके लिए भूतकाल का i पहचानना आना चाहिए। लेकिन केवल i और ai देखकर अनुवाद न करें। पहले पूछें: जिस व्यक्ति या चीज़ की बात हो रही है, वह आगे के काम में क्या भूमिका निभाता है? वही काम करता है, उस पर काम होता है, या वह जगह अथवा समय है? उत्तर के अनुसार बनावट बदलती है।
बनावट कैसे काम करती है?
1. पहले नाम, फिर उसकी पहचान
संज्ञा किसी व्यक्ति, वस्तु, जगह या विचार का नाम है, जैसे ‘व्यक्ति’, ‘किताब’ और ‘समय’। संबंधवाचक उपवाक्य जिस संज्ञा की जानकारी देता है, उसे यहाँ मुख्य संज्ञा कहेंगे।
- te tangata — वह व्यक्ति
- te tangata i haere mai — वह व्यक्ति जो आया था
- te pukapuka — वह किताब
- te pukapuka i tuhia e ia — वह किताब जो उसने लिखी थी
मूल क्रम है: मुख्य संज्ञा + उसकी पहचान बताने वाला उपवाक्य। हिंदी के ‘जो’ की जगह अपनी तरफ़ से कोई शब्द जोड़ना ज़रूरी नहीं।
ध्यान दें कि te pukapuka i tuhia e ia अभी सिर्फ़ एक नाम वाला बड़ा वाक्यांश है। इसे पूरे वाक्य में रख सकते हैं:
Kei runga i te tēpu te pukapuka i tuhia e ia.
वह किताब जो उसने लिखी थी, मेज़ पर है।
यहाँ मुख्य सूचना ‘मेज़ पर है’ है। उसके भीतर किताब की पहचान अलग से दी गई है। पढ़ते समय te pukapuka से लेकर e ia तक को एक इकाई मानें।
2. जब मुख्य संज्ञा ही काम करती है
कर्ता वह है जो काम करता है, जैसे ‘व्यक्ति आया’ में ‘व्यक्ति’। जब यही व्यक्ति मुख्य संज्ञा बनता है, तो उपवाक्य में उसे फिर से कहने की ज़रूरत नहीं रहती।
I haere mai te tangata.
वह व्यक्ति आया था।
इससे बनता है:
te tangata i haere mai
वह व्यक्ति जो आया था
इसी तरह:
te wahine e kōrero ana
वह महिला जो बोल रही है
दूसरे उदाहरण में e … ana चल रहे काम की बनावट है। इसलिए संबंधवाचक उपवाक्य अपने-आप भूतकाल नहीं बन जाता। समय का अर्थ अंदर मौजूद क्रिया की बनावट से तय होता है। क्रिया, यानी काम या स्थिति बताने वाला शब्द, यहाँ haere ‘जाना’ और kōrero ‘बोलना’ है।
सीखते समय एक सावधानी रखें: te tangata i haere mai ai जैसे उदाहरण भी सामने आ सकते हैं। लेकिन ai को हर ‘जो’ का अनिवार्य अनुवाद मानकर इस नमूने की नकल न करें। केवल ‘वह व्यक्ति जो आया था’ कहना हो, तो te tangata i haere mai अधिक सीधा शुरुआती नमूना है। ai वाली बनावट समझने के लिए यह देखना पड़ता है कि वह किस संबंध की ओर लौट रहा है; केवल व्यक्ति के उल्लेख से ai आवश्यक नहीं हो जाता।
3. जब मुख्य संज्ञा पर काम होता है
कर्म वह व्यक्ति या चीज़ है जिस पर काम का सीधा असर पड़ता है: ‘उसने किताब लिखी’ में ‘किताब’। माओरी में ऐसी संज्ञा की पहचान बताते समय कर्मवाच्य बहुत उपयोगी है। कर्मवाच्य में बात ‘किसने किया’ के बजाय ‘किस पर क्या हुआ’ के आसपास बनती है।
I tuhia te pukapuka e ia.
किताब उसके द्वारा लिखी गई थी।
किताब को मुख्य संज्ञा बनाने पर:
te pukapuka i tuhia e ia
वह किताब जो उसने लिखी थी
tuhia क्रिया tuhi ‘लिखना’ का कर्मवाच्य रूप है। e ia लिखने वाले व्यक्ति को बताता है। हिंदी में ‘उसके द्वारा लिखी गई किताब’ सही है, लेकिन सामान्य बातचीत में ‘वह किताब जो उसने लिखी थी’ अधिक सहज लगता है। दोनों अनुवाद एक ही माओरी बनावट को समझा सकते हैं।
सभी क्रियाओं का कर्मवाच्य एक ही प्रत्यय लगाकर नहीं बनता। प्रत्यय, यानी शब्द के अंत में जुड़ने वाला हिस्सा, क्रिया के अनुसार बदल सकता है। यहाँ इन रूपों को साथ याद करें:
| माओरी रूप | हिंदी अर्थ | इस लेख में काम |
|---|---|---|
| tuhi → tuhia | लिखना → लिखा जाना | लिखी गई किताब की पहचान |
| kite → kitea | देखना या पाना → देखा या पाया जाना | मिली हुई चीज़ या उसके मिलने की जगह |
| noho → nohoia | रहना → निवास किया जाना | वह घर जिसमें कोई रहा |
आख़िरी रूप हिंदी से कुछ अलग लगता है। Te whare i nohoia e mātou का सहज अर्थ है ‘वह घर जिसमें हम रहे थे’। माओरी की बनावट का शब्दशः हिंदी ढाँचा बनाना यहाँ मदद नहीं करता; इसे पूरी इकाई की तरह सीखें।
4. जगह, समय और कारण के साथ ai
ai एक अव्यय है, यानी ऐसा छोटा शब्द जिसका काम रूप बदलकर व्यक्ति या वचन दिखाना नहीं, बल्कि वाक्य के हिस्सों का संबंध बताना है। यहाँ वह पहले कही गई जगह, समय या कारण की ओर वापस संकेत करता है।
I noho mātou ki te whare.
हम उस घर में रहे थे।
घर की पहचान बतानी हो, तो एक उपयोगी बनावट है:
te whare i noho ai mātou
वह घर जिसमें हम रहे थे
यहाँ ki te whare की बात मुख्य संज्ञा te whare में आ गई है और ai उससे संबंध जोड़ता है। इसलिए उसी छोटे उपवाक्य में ‘उस घर में’ फिर से जोड़ते न चलें।
इसी ढाँचे से:
- te wā i tae ai ia — वह समय जब वह पहुँचा था
- te take i haere ai au — वह कारण जिसकी वजह से मैं गया था
- te wāhi i kitea ai te taonga — वह जगह जहाँ वह कीमती वस्तु मिली थी
आख़िरी उदाहरण में te wāhi ‘जगह’ मुख्य संज्ञा है, लेकिन te taonga वह चीज़ है जो मिली। ai जगह से संबंध जोड़ता है; वह ‘कीमती वस्तु’ की जगह नहीं लेता।
5. ai कहाँ रखें?
ai को बस उपवाक्य के अंत में लगा देना सही नियम नहीं है। इन बनावटों में वह क्रिया के बाद और अक्सर आगे आने वाले कर्ता या दूसरे नाम वाले हिस्से से पहले आता है:
te wā i tae ai ia
वह समय जब वह पहुँचा था
यहाँ क्रम है: i + tae + ai + ia।
mai और atu जैसे दिशा बताने वाले छोटे शब्द क्रिया के साथ हों, तो ai उनके बाद आता है:
te wā i tae mai ai ia
वह समय जब वह यहाँ पहुँचा था
इसमें mai को छोड़ देने से आने की दिशा का संकेत हट जाता है। अभ्यास करते समय tae mai ai को एक साथ पढ़ना उपयोगी है।
संदर्भ में उदाहरण
नीचे कुछ उदाहरण केवल किसी व्यक्ति या चीज़ की पहचान बताते हैं; बाकी पूरे वाक्य हैं। दोनों का अंतर पहचानना ज़रूरी है: ‘वह किताब जो उसने लिखी थी’ अपने-आप यह नहीं बताता कि उस किताब के बारे में आगे क्या कहा जा रहा है।
| माओरी | हिंदी अर्थ | ध्यान देने की बात |
|---|---|---|
| Te tangata i haere mai. | वह व्यक्ति जो आया था। | मुख्य संज्ञा ही आने वाला व्यक्ति है। |
| Te wahine e kōrero ana. | वह महिला जो बोल रही है। | जारी काम; भूतकाल नहीं। |
| Ngā tamariki i tākaro ki waho. | वे बच्चे जो बाहर खेले थे। | बहुवचन मुख्य संज्ञा। |
| Te pukapuka i tuhia e ia. | वह किताब जो उसने लिखी थी। | लिखने वाला व्यक्ति e ia से बताया गया है। |
| Te whare i nohoia e mātou. | वह घर जिसमें हम रहे थे। | nohoia वाली कर्मवाच्य बनावट। |
| Te whare i noho ai mātou. | वह घर जिसमें हम रहे थे। | यहाँ वही संबंध ai से जुड़ता है। |
| Te wāhi i kitea ai te taonga. | वह जगह जहाँ वह कीमती वस्तु मिली थी। | जगह मुख्य संज्ञा है; मिली हुई चीज़ te taonga है। |
| Te wā i tae mai ai te pahi. | वह समय जब बस यहाँ पहुँची थी। | mai के बाद ai आता है। |
| Te take i hoki ai ia ki te kāinga. | वह कारण जिसकी वजह से वह घर लौटा था। | ai कारण से संबंध जोड़ता है। |
| Kei konei te tangata i waea mai. | वह व्यक्ति यहाँ है जिसने फ़ोन किया था। | पहचान वाला हिस्सा पूरे वाक्य में जुड़ा है। |
| I pānui au i te pukapuka i tuhia e koe. | मैंने वह किताब पढ़ी जो तुमने लिखी थी। | पढ़ने और लिखने की दो अलग घटनाएँ हैं। |
| He pai te kai i tunua e Mere. | मेरे ने जो खाना पकाया था, वह अच्छा है। | खाने की पहचान कर्मवाच्य से दी गई है। |
यहाँ Mere एक व्यक्ति का नाम है; हिंदी में ‘मेरे’ उसी नाम का लिप्यंतरण है, ‘मेरा’ का रूप नहीं। ia अपने-आप ‘वह पुरुष’ या ‘वह महिला’ का भेद नहीं बताता। संदर्भ के अनुसार ‘उसने लिखी थी’ दोनों के लिए हो सकता है। mātou में बोलने वाला और उसके साथी शामिल हैं, लेकिन सुनने वाला शामिल नहीं है।
आम गलतियाँ
1. हिंदी के क्रम में पहचान वाला हिस्सा पहले रखना
- गलत: i tuhia e ia te pukapuka — यदि इससे ‘वह किताब जो उसने लिखी थी’ कहना चाहते हैं।
- सही: te pukapuka i tuhia e ia — वह किताब जो उसने लिखी थी।
- क्यों: नाम वाले वाक्यांश में पहले मुख्य संज्ञा आएगी। पहला क्रम कोई स्वतंत्र कथन समझा जा सकता है; वह माँगा गया नाम-वाक्यांश नहीं बनाता।
2. नाम बताने के बाद उसी कर्ता को दोहरा देना
- गलत: te tangata i haere mai ia — आशय: वह व्यक्ति जो आया था।
- सही: te tangata i haere mai — वह व्यक्ति जो आया था।
- क्यों: आने वाला व्यक्ति पहले ही te tangata है। यहाँ ia ‘वह’ जोड़ना हिंदी के ‘जो … वह’ की अनावश्यक नकल है।
3. कर्मवाच्य रूप के साथ कर्ता का चिह्न भूलना
- गलत: te pukapuka i tuhia ia
- सही: te pukapuka i tuhia e ia — वह किताब जो उसने लिखी थी।
- क्यों: इस कर्मवाच्य बनावट में लिखने वाले को e ia से बताया जाता है। केवल ia जोड़ने से उसका काम स्पष्ट और सही ढंग से नहीं बनता।
4. ai को बिल्कुल आख़िर में रख देना
- गलत: te wā i tae ia ai
- सही: te wā i tae ai ia — वह समय जब वह पहुँचा था।
- क्यों: यहाँ ai क्रिया tae के बाद और ia से पहले आता है। ‘पूरे हिस्से के अंत में लगाओ’ वाला नियम न बनाएँ।
5. मुख्य संज्ञा और उपवाक्य की भूमिका में मेल न रखना
- गलत: te tangata i kitea ai te taonga — यदि आशय है ‘वह व्यक्ति जिसे पाया गया’।
- सही: te tangata i kitea — वह व्यक्ति जिसे देखा या पाया गया।
- अलग सही अर्थ: te wāhi i kitea ai te taonga — वह जगह जहाँ कीमती वस्तु मिली।
- क्यों: ai लगा देने से किसी भी नाम का संबंध अपने-आप सही नहीं हो जाता। आख़िरी वाक्यांश में मिली हुई चीज़ te taonga है, जबकि मुख्य संज्ञा खोज की जगह बताती है।
प्रयोग से जुड़ी बातें
हिंदी का अनुवाद चुनें, उसका ढाँचा न थोपें
एक ही माओरी बनावट का हिंदी में कभी ‘जो’, कभी ‘जिसे’, कभी ‘जिसमें’ और कभी ‘जहाँ’ से अनुवाद होगा। इसका मतलब यह नहीं कि ai इन सभी शब्दों का साझा शब्दकोशीय अर्थ है। अनुवाद पूरी स्थिति का होता है।
ख़ास तौर पर te whare i nohoia e mātou और te whare i noho ai mātou दोनों का सहज हिंदी अर्थ ‘वह घर जिसमें हम रहे थे’ हो सकता है। पहली बनावट में कर्मवाच्य रूप है, दूसरी में ai घर को रहने की जगह से जोड़ता है। हिंदी अनुवाद समान होने पर भी माओरी में अंदर की बनावट अलग है।
ai केवल औपचारिक लेखन की सजावट नहीं है
इसका इस्तेमाल रोज़मर्रा की जगह, समय और वजह बताने में भी होता है। इसलिए इसे ‘बातचीत में हमेशा हटा सकते हैं’ न मानें। दूसरी तरफ़, हर संबंधवाचक उपवाक्य में इसे लगाना भी सही नहीं। स्वाभाविक प्रयोग सुनते समय पूरे टुकड़े पर ध्यान दें: te take i … ai … या te wā i … ai …।
‘वह’ का अर्थ हर बार अलग शब्द से नहीं आता
हिंदी अनुवाद में ‘वह किताब’ पढ़कर माओरी में कोई अतिरिक्त संकेत करने वाला शब्द जोड़ना ज़रूरी नहीं। te संज्ञा को निश्चित बनाता है, यानी ऐसी किताब जिसकी पहचान की जा सकती है। पास की या दूर की चीज़ पर ख़ास इशारा करना अलग बात है। पहले उपवाक्य की बुनियादी बनावट पक्की करें।
आगे की समझ: लंबे और सूक्ष्म प्रयोग
1. मुख्य वाक्य और पहचान वाले हिस्से का समय अलग हो सकता है
Kei konei te tangata i waea mai.
वह व्यक्ति यहाँ है जिसने फ़ोन किया था।
अभी यहाँ होना और पहले फ़ोन करना दो अलग सूचनाएँ हैं। पहचान वाले हिस्से में i आने का अर्थ यह नहीं कि मुख्य वाक्य भी भूतकाल में होना चाहिए। इसी तरह ‘बोल रही महिला’ में e kōrero ana बोलने की चल रही स्थिति दिखाता है। लंबे वाक्य को समझने के लिए हर क्रिया का समय अलग पहचानें।
2. कर्म की पहचान बताने की दूसरी बनावट
आगे चलकर nā या nō से काम करने वाले को सामने रखने वाली बनावटें भी मिलेंगी। उदाहरण देखें:
te pukapuka nā Mere i tuhi
वह किताब जो मेरे ने लिखी थी
यहाँ tuhi मूल क्रिया रूप है, tuhia नहीं। तुलना करें:
te pukapuka i tuhia e Mere
वह किताब जो मेरे ने लिखी थी
दूसरी बनावट कर्मवाच्य है; पहली nā Mere के साथ लिखने वाले को सामने रखती है। दोनों का हिंदी अनुवाद समान हो सकता है, पर उनके हिस्से आपस में मिलाकर नई बनावट न बनाएँ। nā/nō वाले ढाँचे के अपने नियम हैं; उसे सीखते समय ai जोड़ देना या मूल क्रिया को मनमाने ढंग से कर्मवाच्य में बदलना ठीक नहीं।
3. मालिकाना संबंध के लिए अलग साधन
हिंदी में ‘जिसका’ भी इसी परिवार का लगता है, पर माओरी में केवल ai लगा देने से मालिकाना संबंध नहीं बनता। किसी की चीज़ बताने के लिए अधिकार-संबंध वाली बनावट सीखनी होती है।
te wahine nōna te whare
वह महिला जिसका वह घर है
यहाँ nōna महिला और घर के बीच अधिकार का संबंध बताता है। यह te wahine e kōrero ana ‘वह महिला जो बोल रही है’ से अलग प्रकार का संबंध है। इसलिए ‘जो, जिसे, जहाँ, जिसका’ के लिए एक ही माओरी सूत्र ढूँढ़ने के बजाय भूमिका पहचानना अधिक उपयोगी है।
4. पहचान और अतिरिक्त जानकारी का अंतर
‘कल जो व्यक्ति आया था’ कभी यह चुनने में मदद करता है कि कई लोगों में किसकी बात हो रही है। कभी सुनने वाला व्यक्ति को पहले से जानता है और आने की बात सिर्फ़ अतिरिक्त जानकारी होती है। हिंदी के अल्पविराम या ‘जो’ देखकर माओरी में नया जोड़ने वाला शब्द न खोजें। संदर्भ और बोलने का उतार-चढ़ाव भी अर्थ में योगदान देते हैं।
यदि एक ही संज्ञा के बाद बहुत सारे लंबे हिस्से आ रहे हों, तो अभ्यास में उन्हें दो वाक्यों में बाँटना बेहतर है। पहले व्यक्ति की पहचान बताएँ, फिर उसके बारे में अगली सूचना दें। जटिलता बढ़ाने के लिए लंबा उपवाक्य बनाना आवश्यक नहीं।
अभ्यास के तरीके
1. तीन भूमिकाओं की अलग पर्चियाँ बनाएँ
एक पर्ची पर ‘काम करने वाला’, दूसरी पर ‘जिस पर काम हुआ’ और तीसरी पर ‘जगह या समय’ लिखें। फिर इन तीन नमूनों को सही पर्ची के नीचे रखें:
- te tangata i haere mai — वह व्यक्ति जो आया था
- te pukapuka i tuhia e ia — वह किताब जो उसने लिखी थी
- te wā i tae ai ia — वह समय जब वह पहुँचा था
हर बार पहले भूमिका बोलें, फिर माओरी टुकड़ा पढ़ें। इससे ai को हर जगह लगाने की आदत नहीं बनेगी।
2. छोटे कथन को पहचान वाले हिस्से में बदलें
पहले लिखें: I tuhia te pukapuka e ia — ‘किताब उसने लिखी थी’। अब किताब को सामने रखकर बनाएँ: te pukapuka i tuhia e ia — ‘वह किताब जो उसने लिखी थी’। अंत में इसे पूरे वाक्य में लगाएँ: I pānui au i te pukapuka i tuhia e ia — ‘मैंने वह किताब पढ़ी जो उसने लिखी थी’।
यही तीन चरण एक दिन में दो या तीन परिचित क्रियाओं के साथ करें। नए कर्मवाच्य रूप गढ़ने के बजाय पहले सत्यापित रूप इस्तेमाल करें।
3. ai के लिए एक जाँच-प्रश्न रखें
अपने उदाहरण में ai घेरें और पूछें: ‘यह किस जगह, समय या कारण की ओर लौट रहा है?’ फिर उसकी जगह देखें: क्या वह क्रिया के बाद है, और mai हो तो उसके बाद? यदि संबंध साफ़ नहीं समझ आ रहा, तो हिंदी अनुवाद रटने के बजाय मूल वाक्यांश की भूमिका दोबारा जाँचें।
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