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योरूबा में मूल संबंधसूचक और स्थानसूचक शब्द

Àwọn Ọ̀rọ̀ Àsopọ̀ Ìpìlẹ̀

यह लेख Settemila Lingue पर योरूबा व्याकरण-वृक्ष का हिस्सा है।

संक्षेप में

योरूबा में ní किसी जगह पर होने, sí किसी जगह की ओर जाने और láti किसी जगह से आने का संबंध बताता है; fún का सामान्य अर्थ “के लिए” और pẹ̀lú का “के साथ” है। जगह को और साफ़ करने के लिए orí “ऊपरी हिस्सा”, abẹ́ “निचला हिस्सा” और inú “भीतर” जैसे शब्द लगते हैं: lórí tábìlì “मेज़ पर”, nínú àpò “थैले में”। हिंदी के “घर में” के उलट, योरूबा में संबंध बताने वाला शब्द आम तौर पर जगह के नाम से पहले आता है।

एक नज़र में

“चाबी कहाँ है?”, “आप कहाँ जा रहे हैं?” और “यह किसके लिए है?”—इन सवालों का जवाब देने के लिए केवल जगहों और लोगों के नाम जानना काफ़ी नहीं। उनके बीच का संबंध भी बताना पड़ता है। ऐसे संबंध बताने वाले शब्दों को यहाँ संबंधसूचक शब्द कहेंगे। जगह या दिशा बताने वाले रूप उनके बहुत उपयोगी हिस्से हैं।

हिंदी में हम कहते हैं “घर में”, “बाज़ार की ओर”, “दोस्त के साथ”। योरूबा में क्रम बदलता है: sí ọjà “बाज़ार की ओर”, pẹ̀lú ọ̀rẹ́ mi “मेरे दोस्त के साथ”। इसलिए हिंदी वाक्य के शब्द उसी क्रम में रखकर योरूबा वाक्य बनाना ठीक नहीं होगा। पहले संबंध चुनें, फिर उस व्यक्ति या जगह का नाम जोड़ें।

यह विषय शुरुआती ए१ स्तर पर काम आता है। सबसे पहले कहाँ है, किधर जा रहा है और कहाँ से आया है का अंतर पकड़ें। उसके बाद ऊपर, नीचे, अंदर, आगे और पीछे बताना सीखें। जुड़े हुए रूपों तथा समय और अमूर्त अर्थों वाले प्रयोगों की चर्चा आगे अलग से है; शुरुआत में उन्हें एक साथ याद करने की ज़रूरत नहीं।

ये रूप कैसे काम करते हैं?

१. पहले संबंध चुनें

नीचे दिए पाँच शब्दों से बहुत-सी रोज़मर्रा की बातें कही जा सकती हैं। हर शब्द के लिए हिंदी का केवल एक स्थायी अनुवाद याद करने के बजाय उसका काम समझें।

योरूबा रूप मुख्य अर्थ किस बात पर ध्यान दें
ní में, पर, किसी जगह स्थान पर मौजूद होना या वहाँ कोई काम होना
sí की ओर, तक, को गंतव्य या वह दिशा जहाँ कोई जाता है
láti से शुरुआती जगह या स्रोत
fún के लिए, को लाभ पाने वाला या कुछ पाने वाला व्यक्ति
pẹ̀lú के साथ साथ मौजूद या साथ काम करने वाला व्यक्ति

मसलन, ilé का अर्थ “घर” है और ọjà का “बाज़ार”। लेकिन घर या बाज़ार का नाम अपने आप यह नहीं बताता कि कोई वहाँ है, वहाँ जा रहा है या वहाँ से आ रहा है। यह भेद संबंधसूचक शब्द से निकलता है।

  • Ó wà ní ilé. — वह घर पर है।
  • Mo ń lọ sí ọjà. — मैं बाज़ार जा रहा/रही हूँ।
  • Mo ń bọ̀ láti ọjà. — मैं बाज़ार से आ रहा/रही हूँ।

यहाँ wà किसी जगह मौजूद होने की क्रिया है; क्रिया वह शब्द है जो होना या कोई काम करना बताता है। lọ का अर्थ “जाना” और bọ̀ का “आना” है। ń इन उदाहरणों में काम के अभी जारी होने का संकेत देता है। संबंधसूचक शब्द समय नहीं बताता; उसका काम जगहों या लोगों का संबंध जोड़ना है।

२. हिंदी की तरह संबंध को अंत में न रखें

इन छोटे टुकड़ों का क्रम देखिए:

  • sí ọjà — बाज़ार को / बाज़ार की ओर
  • láti ilé — घर से
  • fún Adé — अदे के लिए
  • pẹ̀lú ọ̀rẹ́ mi — मेरे दोस्त के साथ

ọ̀rẹ́ mi का अर्थ “मेरा दोस्त” है: यहाँ mi “मेरा/मेरी” बताता है और संबंधित नाम के बाद आता है। पूरे टुकड़े को साथ सीखना उपयोगी है। pẹ̀lú इस पूरे टुकड़े से पहले है, न कि हिंदी के “साथ” की तरह उसके बाद।

वाक्य का एक शुरुआती ढाँचा याद रखें: कौन + होना/जाना/आना + संबंधसूचक शब्द + जगह। सभी योरूबा वाक्य इसी एक ढाँचे में नहीं बनते, लेकिन इस पाठ के स्थान वाले उदाहरणों को समझने में यह मदद करेगा।

३. केवल जगह नहीं, उसका कौन-सा हिस्सा?

“घर पर” और “घर के सामने” एक ही बात नहीं हैं। अधिक सटीक जगह बताने के लिए योरूबा में स्थानसूचक संज्ञाएँ आती हैं। संज्ञा किसी व्यक्ति, वस्तु, जगह या धारणा का नाम होती है; यहाँ ये शब्द जगह के किसी हिस्से का नाम बताते हैं।

मूल शब्द स्थान से जुड़ा अर्थ इस्तेमाल की समझ
orí ऊपरी हिस्सा, ऊपर किसी सतह के ऊपर या उस पर
abẹ́ निचला हिस्सा, नीचे किसी चीज़ के नीचे
inú भीतरी हिस्सा, अंदर किसी घेरने वाली चीज़ के भीतर
ẹ̀yìn पिछला हिस्सा, पीछे किसी चीज़ के पीछे
iwájú सामने का हिस्सा, आगे किसी चीज़ के सामने

कई शब्दों का शरीर से जुड़ा अर्थ भी है: orí “सिर”, inú “पेट/भीतर” और ẹ̀yìn “पीठ/पीछे”। इससे स्थान वाला अर्थ याद रखने में मदद मिलती है। फिर भी हर प्रयोग का शाब्दिक अनुवाद करना ज़रूरी नहीं: lórí tábìlì स्वाभाविक हिंदी में “मेज़ पर” है, “मेज़ के सिर पर” नहीं।

हिंदी के “मेज़ के नीचे” में जो “के” आता है, उसकी नकल करके कोई अतिरिक्त शब्द न जोड़ें। lábẹ́ tábìlì अपने आप “मेज़ के नीचे” का पूरा संबंध बताता है।

४. जुड़े हुए स्थानसूचक रूप पहचानें

इन संज्ञाओं के साथ ní जुड़ने पर बहुत प्रचलित संयुक्त रूप मिलते हैं। जुड़ते समय स्वर बदल या लुप्त हो सकते हैं। सीखने के लिए नीचे के रूपों को सीधे पहचानना ज़्यादा उपयोगी है।

संयुक्त रूप हिंदी अर्थ याद रखने का आधार
lórí पर, ऊपर ऊपरी हिस्से वाला संबंध
lábẹ́ नीचे निचले हिस्से वाला संबंध
nínú में, अंदर भीतरी हिस्से वाला संबंध
lẹ́yìn पीछे पिछले हिस्से वाला संबंध
níwájú सामने आगे वाले हिस्से का संबंध

अब इन रूपों के बाद वस्तु या जगह रखिए:

  • lórí tábìlì — मेज़ पर
  • lábẹ́ àga — कुर्सी के नीचे
  • nínú àpò — थैले के अंदर
  • lẹ́yìn ilé — घर के पीछे
  • níwájú ilé — घर के सामने

यहाँ tábìlì “मेज़”, àga “कुर्सी” और àpò “थैला” है। Ó wà lórí tábìlì. का अर्थ “वह मेज़ पर है” होगा; किसी वस्तु की बात हो रही हो तो हिंदी में “वह चीज़ मेज़ पर है” समझें।

५. ní और lí को कैसे समझें?

ní के साथ lí और l- वाले रूपों का भी उल्लेख मिलता है। इन्हें “में” और “पर” के लिए दो अलग शब्द न समझें। इनका संबंध पास के स्वरों और शब्दों के जुड़ने से है। रोज़मर्रा के बहुत-से लिखित रूपों में पूरा lí अलग नहीं दिखाई देगा, बल्कि lórí और lábẹ́ जैसा जुड़ा रूप मिलेगा।

शुरुआत में यह नियम न बनाएँ कि किसी भी स्वर से पहले ní को बस lí कर देना है। nínú, níwájú और lórí में अलग-अलग परिणाम दिखते हैं। प्रत्येक प्रचलित रूप उसके सही चिह्नों के साथ सीखें। इसी तरह ní ilé “घर पर” का जुड़ा रूप nílé भी मिलता है।

६. fún और pẹ̀lú जगह नहीं बताते

सभी संबंधसूचक शब्द “कहाँ?” का जवाब नहीं देते। fún किसी के लिए कुछ करने या किसी को कुछ देने में आता है:

  • Mo ra oúnjẹ fún Adé. — मैंने अदे के लिए खाना खरीदा।
  • Mo fún Adé ní owó. — मैंने अदे को पैसे दिए।

दूसरे वाक्य में fún “देना” क्रिया है और ní दी जाने वाली चीज़ को जोड़ता है। इसलिए ní को हर जगह “में” नहीं कह सकते। फिलहाल “किसी को कुछ देना” वाला यह पूरा ढाँचा अलग से पहचान लेना काफ़ी है।

pẹ̀lú साथ बताता है:

  • Mo ń lọ sí ọjà pẹ̀lú ọ̀rẹ́ mi. — मैं अपने दोस्त के साथ बाज़ार जा रहा/रही हूँ।

इस वाक्य में sí ọjà गंतव्य बताता है और pẹ̀lú ọ̀rẹ́ mi साथी। एक वाक्य में दोनों संबंध आराम से आ सकते हैं।

संदर्भ सहित उदाहरण

योरूबा का ó हिंदी के “वह” की तरह व्यक्ति या किसी पहले बताई गई चीज़ के लिए आ सकता है। इससे अपने आप पुरुष या स्त्री का पता नहीं चलता। इसलिए नीचे के हिंदी अनुवादों में जहाँ ज़रूरी है, दोनों रूप दिए गए हैं।

योरूबा हिंदी अर्थ ध्यान देने की बात
Ó wà ní ilé. वह घर पर है। मौजूद होने की जगह
Mo ń lọ sí ọjà. मैं बाज़ार जा रहा/रही हूँ। जाने का गंतव्य
Mo ń bọ̀ láti ọjà. मैं बाज़ार से आ रहा/रही हूँ। आने की शुरुआती जगह
Ó wà lórí tábìlì. वह चीज़ मेज़ पर है। ऊपर की सतह पर
Ó wà nínú àpò. वह चीज़ थैले के अंदर है। भीतर होना
Ìwé wà lórí tábìlì. किताब मेज़ पर है। वस्तु का नाम सीधे दिया गया है
Ológbò wà lábẹ́ àga. बिल्ली कुर्सी के नीचे है। नीचे की जगह
Ọkọ̀ wà lẹ́yìn ilé. गाड़ी घर के पीछे है। घर को आधार बनाकर जगह बताना
Adé wà níwájú ilé. अदे घर के सामने है। सामने की जगह
Mo ń dúró níwájú ilé. मैं घर के सामने खड़ा/खड़ी हूँ। कोई काम कहाँ हो रहा है
Mo ra oúnjẹ fún Adé. मैंने अदे के लिए खाना खरीदा। किसके लिए खरीदा
Mo ń lọ sí ọjà pẹ̀lú ọ̀rẹ́ mi. मैं अपने दोस्त के साथ बाज़ार जा रहा/रही हूँ। गंतव्य और साथी दोनों
Fi ìwé sínú àpò. किताब थैले में रख दो। अंदर की ओर रखना
Fi ìwé sórí tábìlì. किताब मेज़ पर रख दो। सतह पर पहुँचाना

अंतिम दो वाक्यों में fi रखने का निर्देश देता है। sínú और sórí में दिशा शामिल है; इनका अंतर आगे स्पष्ट किया गया है।

आम गलतियाँ

१. हिंदी वाला शब्दक्रम रख देना

  • गलत: Mo ń lọ ọjà sí.
  • सही: Mo ń lọ sí ọjà. — मैं बाज़ार जा रहा/रही हूँ।
  • क्यों: sí गंतव्य के नाम से पहले आता है। हिंदी में “बाज़ार की ओर” कहते हैं, लेकिन वही क्रम योरूबा में न रखें।

२. जगह पर होने के लिए sí लगाना

  • गलत: Ó wà sí ilé.
  • सही: Ó wà ní ilé. — वह घर पर है।
  • क्यों: इस सामान्य स्थान बताने वाले वाक्य में wà ní चाहिए। “वहाँ है” और “वहाँ जा रहा है” को अलग रखें: Ó ń lọ sí ilé. — वह घर जा रहा/रही है।

३. अंदर होने के लिए orí चुन लेना

  • गलत, यदि किताब थैले के अंदर है: Ìwé wà lórí àpò.
  • सही: Ìwé wà nínú àpò. — किताब थैले के अंदर है।
  • क्यों: पहला वाक्य व्याकरण की दृष्टि से संभव है, पर उसका अर्थ “किताब थैले के ऊपर है” होगा। lórí और nínú एक-दूसरे के बदले नहीं आते।

४. “दोस्त के लिए” और “दोस्त के साथ” मिला देना

  • गलत, यदि मतलब साथ जाना है: Mo ń lọ sí ọjà fún ọ̀rẹ́ mi.
  • सही: Mo ń lọ sí ọjà pẹ̀lú ọ̀rẹ́ mi. — मैं अपने दोस्त के साथ बाज़ार जा रहा/रही हूँ।
  • क्यों: fún ọ̀rẹ́ mi का अर्थ “मेरे दोस्त के लिए” है। यह दोस्त की ओर से या उसके काम से जाने की बात हो सकती है; इससे उसका साथ जाना नहीं निकलता।

५. संयुक्त रूप के आगे फिर ní जोड़ना

  • गलत: Ó wà ní lórí tábìlì.
  • सही: Ó wà lórí tábìlì. — वह चीज़ मेज़ पर है।
  • क्यों: lórí में स्थान वाला संबंध पहले ही शामिल है। उसी साधारण स्थानसूचक टुकड़े में दोबारा ní जोड़ने की ज़रूरत नहीं।

प्रयोग संबंधी बातें

हिंदी का “में” हमेशा nínú नहीं होगा

ní किसी सामान्य जगह का संबंध बता सकता है; nínú भीतर होने को साफ़ करता है। Ó wà ní ilé. का स्वाभाविक अर्थ “वह घर पर है” है। Ó wà nínú ilé. — “वह घर के अंदर है”—में बाहर के बजाय भीतर होने पर ज़ोर है।

इसीलिए पहले तय करें कि आप केवल जगह बता रहे हैं या किसी सीमा के भीतर होने की बात। हिंदी में “घर में है” कई बार इन दोनों कामों में आ जाता है; योरूबा रूप चुनते समय इस अंतर पर थोड़ा ध्यान देना उपयोगी है।

चिह्न उच्चारण का हिस्सा हैं

ní, sí, láti, fún, pẹ̀lú, lẹ́yìn जैसे शब्दों में चिह्न सजावट नहीं हैं। योरूबा में स्वराघात, यानी किसी अक्षर को ऊँचे या नीचे सुर में बोलना, शब्द की पहचान में महत्त्व रखता है। ऊपर जाता चिह्न ऊँचा सुर और नीचे जाता चिह्न नीचा सुर दिखाता है; बिना ऐसे चिह्न वाला स्वर आम तौर पर मध्य सुर का होता है।

ẹ और ọ के नीचे की बिंदी भी अलग स्वरध्वनियों को दर्शाती है। लिखते समय उसे हटाकर केवल e या o न कर दें। विशेष रूप से pẹ̀lú, ẹ̀yìn और ọjà को उनके पूरे रूप में सीखें।

संयुक्त रूप अपने आप अनौपचारिक नहीं होते

lórí, nínú और níwájú सामान्य लिखित भाषा में भी आते हैं। वे केवल तेज़ बातचीत के अधूरे शब्द नहीं हैं। अच्छी लिखावट के लिए हमेशा शब्दों को अलग करना ज़रूरी समझना भी गलत होगा। शुरुआती अध्ययन में इन्हें पूरे स्थानसूचक रूपों की तरह याद करें, फिर पढ़ते-सुनते उनके हिस्से पहचानने लगें।

बुनियाद से आगे

यह हिस्सा बाद के अध्ययन के लिए है। शुरुआत में पाँच मुख्य संबंधों और पाँच जगहों का अंतर समझ लेना पर्याप्त है।

मौजूद होना और किसी जगह पहुँचाना

ní और sí का अंतर संयुक्त स्थानसूचक रूपों में भी बना रहता है।

योरूबा हिंदी अर्थ संबंध
Ìwé wà nínú àpò. किताब थैले में है। भीतर मौजूद होना
Fi ìwé sínú àpò. किताब थैले में रख दो। भीतर पहुँचाना
Ìwé wà lórí tábìlì. किताब मेज़ पर है। सतह पर मौजूद होना
Fi ìwé sórí tábìlì. किताब मेज़ पर रख दो। सतह पर पहुँचाना

sínú को sí + inú और sórí को sí + orí से जोड़कर समझें। हिंदी में “में” और “पर” दोनों प्रकार के वाक्यों में वैसे ही रहते हैं। योरूबा में रूप का बदलाव यह बताने में मदद करता है कि बात किसी स्थिति की है या उस स्थिति तक पहुँचाने की।

फिर भी केवल “वाक्य में गति है” देखकर हर बार sí न लगा दें। Mo ń ṣiṣẹ́ ní ilé. — “मैं घर पर काम कर रहा/रही हूँ”—में काम जारी है, लेकिन घर गंतव्य नहीं, काम होने की जगह है। असली सवाल है: कहाँ काम हो रहा है, या किस जगह की ओर जाना है?

láti केवल किसी भौतिक जगह से आना नहीं

láti समय की शुरुआत भी बता सकता है। láti òwúrọ̀ का अर्थ “सुबह से” है। यही शब्द दूसरे वाक्य-ढाँचों में किसी काम को व्यक्त करने के लिए भी मिलेगा, जहाँ उसे हिंदी के “से” से बदलना संभव नहीं होता। उदाहरण के लिए Mo fẹ́ láti lọ. का अर्थ “मैं जाना चाहता/चाहती हूँ” है।

इन प्रयोगों को एक ही नियम में जबरन न समेटें। जगहों के साथ láti ọjà “बाज़ार से” सीखें; इच्छा जैसी क्रियाओं के साथ आने वाले ढाँचे बाद में अलग अभ्यास से समझें।

स्थान से समय और विषय तक

lẹ́yìn स्थान में “पीछे” और समय में “के बाद” बता सकता है:

  • lẹ́yìn ilé — घर के पीछे
  • lẹ́yìn oúnjẹ — खाने के बाद

इसी तरह lórí का विस्तार विषय तक होता है। Ọ̀rọ̀ yìí dá lórí owó. — “यह बात पैसे के बारे में है।” यहाँ किसी चीज़ का पैसों के ऊपर रखा होना अभिप्रेत नहीं है। dá lórí जैसे पूरे मेल को “के बारे में होना/पर आधारित होना” के अर्थ में सीखना बेहतर है।

ये विस्तार याद दिलाते हैं कि संबंधसूचक शब्दों का अर्थ आसपास के शब्दों से तय होता है। शुरुआती भौतिक अर्थ मज़बूत रखें, लेकिन बाद में हर जगह वही शाब्दिक अर्थ थोपें नहीं।

अभ्यास के तरीके

  1. एक किताब और एक थैला लेकर जगह बदलें। किताब को मेज़ पर, कुर्सी के नीचे और थैले के अंदर रखें। हर बार बोलें: Ìwé wà lórí tábìlì., Ìwé wà lábẹ́ àga., Ìwé wà nínú àpò. फिर रखने का निर्देश दें: Fi ìwé sínú àpò. इस तरह स्थिर जगह और नई जगह तक पहुँचाने का अंतर दिखाई भी देगा।

  2. एक ही यात्रा की तीन बातें लिखें। कहाँ हैं, कहाँ जा रहे हैं और कहाँ से आ रहे हैं—इनके लिए अलग पंक्तियाँ बनाएँ। शुरुआत Mo wà ní ilé. “मैं घर पर हूँ”, Mo ń lọ sí ọjà. “मैं बाज़ार जा रहा/रही हूँ” और Mo ń bọ̀ láti ọjà. “मैं बाज़ार से आ रहा/रही हूँ” से करें। अनुवाद ढककर पहले सही संबंधसूचक शब्द चुनें।

  3. “किसके लिए?” और “किसके साथ?” अलग पूछें। fún ọ̀rẹ́ mi “मेरे दोस्त के लिए” और pẹ̀lú ọ̀rẹ́ mi “मेरे दोस्त के साथ” के लिए अलग दृश्य सोचें। पहला दोस्त के लिए सामान खरीदना हो सकता है, दूसरा उसका आपके साथ बाज़ार जाना। केवल हिंदी के छोटे शब्द रटने के बजाय दृश्य से रूप याद करें।

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