उर्दू में कर्मवाच्य: مجہول का गठन और प्रयोग
مجہول
यह लेख Settemila Lingue पर उर्दू व्याकरण-वृक्ष का हिस्सा है।
संक्षेप में
उर्दू का कर्मवाच्य مجہول काम करने वाले के बजाय उस व्यक्ति या चीज़ को सामने रखता है जिस पर काम होता है। इसे मुख्य क्रिया के पूर्ण रूप, जैसे پڑھا، پڑھی، پڑھے, के साथ جانا का आवश्यक रूप जोड़कर बनाते हैं: یہ کتاب پڑھی جاتی ہے۔ — यह किताब पढ़ी जाती है। हिंदी की तरह यहाँ भी «जाना» यात्रा नहीं बताता; यही ढाँचा مجھ سے چلا نہیں جاتا۔ — मुझसे चला नहीं जाता — में असमर्थता भी व्यक्त करता है।
पहले भाव को समझें
इन दो वाक्यों को साथ पढ़िए: علی نے خط لکھا۔ — अली ने पत्र लिखा; خط لکھا گیا۔ — पत्र लिखा गया। पहले वाक्य में अली और उसके काम की बात है। दूसरे में पत्र और उस पर हुए काम की बात है; किसने लिखा, यह बताया ही नहीं गया। इसी दूसरे ढंग को कर्मवाच्य कहते हैं। काम करने वाले को प्रमुख रखने वाला पहला ढंग कर्तृवाच्य कहलाता है।
हिंदी जानने वाले के लिए यह विषय बिल्कुल अनजान नहीं है। «यहाँ उर्दू बोली जाती है», «फैसला किया गया» और «मुझसे इतना खाया नहीं जाता» के उर्दू रूप बहुत परिचित लगेंगे। फिर भी केवल देवनागरी के बदले उर्दू लिपि लिख देना पर्याप्त नहीं है। मुख्य क्रिया का सही रूप, उसके साथ आने वाली सहायक क्रिया और سے का अर्थ समझना ज़रूरी है। सहायक क्रिया वह क्रिया है जो मुख्य काम के साथ मिलकर समय या उसके होने का ढंग बताती है।
बी२ स्तर पर इस ढाँचे की पूरी व्यवस्था सीखना उपयोगी है। समाचारों, दफ़्तर की सूचनाओं, विद्यालय के नियमों और सामान्य बातचीत में यह लगातार मिलता है। इसका अर्थ हमेशा बेबसी या परेशानी नहीं होता: किताब का पढ़ा जाना साधारण सूचना है, जबकि दर्द के कारण न चला जाना असमर्थता है।
वाक्य कैसे बनता है?
१. काम से प्रभावित चीज़ को सामने लाएँ
शुरू करने के लिए तीन बातें पहचानें: काम क्या है, उसे कौन कर रहा है और उसका असर किस पर पड़ रहा है। व्याकरण में काम करने वाले को कर्ता और काम से सीधे प्रभावित व्यक्ति या चीज़ को कर्म कहते हैं। علی نے خط لکھا۔ में अली कर्ता है और पत्र कर्म है।
कर्मवाच्य बनाने पर पत्र वाक्य का केंद्र बनता है। काम करने वाले को छोड़ सकते हैं; उसका उल्लेख ज़रूरी हो तो अलग से जोड़ सकते हैं।
| उर्दू | हिंदी अर्थ | वाक्य में प्रमुख बात |
|---|---|---|
| علی نے خط لکھا۔ | अली ने पत्र लिखा। | अली ने क्या किया |
| خط لکھا گیا۔ | पत्र लिखा गया। | पत्र पर कौन-सा काम हुआ |
| خط علی کے ذریعے لکھا گیا۔ | पत्र अली के द्वारा लिखा गया। | काम भी बताया और करने वाला भी |
आख़िरी वाक्य व्याकरण समझने के लिए उपयोगी है, लेकिन साधारण बातचीत में अली का नाम ही मुख्य सूचना हो तो पहला वाक्य अधिक सहज होगा। हर सक्रिय वाक्य को निष्क्रिय बनाना अच्छा लेखन नहीं है।
२. मुख्य क्रिया का पूर्ण रूप लें
यहाँ पूर्ण रूप से आशय उस क्रिया-रूप से है जो काम को एक पूरे काम के रूप में प्रस्तुत करता है: हिंदी के «लिखा», «लिखी», «किया» जैसे रूप। इसे पूर्ण कृदंत भी कहते हैं। केवल क्रिया की जड़ के बाद हर जगह ا लगा देना सही नियम नहीं है; कुछ बहुत आम क्रियाओं के रूप अलग होते हैं।
| मूल क्रिया | पुल्लिंग एकवचन | स्त्रीलिंग एकवचन | पुल्लिंग बहुवचन | हिंदी अर्थ |
|---|---|---|---|---|
| پڑھنا | پڑھا | پڑھی | پڑھے | पढ़ना |
| لکھنا | لکھا | لکھی | لکھے | लिखना |
| بنانا | بنایا | بنائی | بنائے | बनाना |
| کرنا | کیا | کی | کیے | करना |
| دینا | دیا | دی | دیے | देना |
| لینا | لیا | لی | لیے | लेना |
पुल्लिंग/स्त्रीलिंग शब्द का व्याकरणिक लिंग बताते हैं और एकवचन/बहुवचन एक या एक से अधिक होने का भेद। उर्दू में हिंदी की तरह निर्जीव चीज़ों का भी लिंग होता है: کتاب — किताब — स्त्रीलिंग है, जबकि خط — पत्र — पुल्लिंग है।
मुख्य क्रिया का यह पूर्ण रूप पूरे वाक्य को अपने आप भूतकाल का नहीं बना देता। پڑھی جاتی ہے में پڑھی होने पर भी अर्थ «पढ़ी जाती है» है, «पढ़ी गई» नहीं। पूरे क्रिया-समूह को पढ़ना आवश्यक है।
३. उसके बाद جانا का रूप जोड़ें
सामान्य ढाँचा है: काम से प्रभावित व्यक्ति या चीज़ + मुख्य क्रिया का पूर्ण रूप + جانا का उपयुक्त रूप। समय और काम के होने का ढंग मुख्यतः आख़िरी भाग से पता चलता है। काल का अर्थ समय-संबंधी भेद है; यहाँ आदत, जारी काम और पूरा हो चुका काम भी अलग-अलग दिखते हैं।
| उर्दू | हिंदी अर्थ | प्रयोग |
|---|---|---|
| خط لکھا جاتا ہے۔ | पत्र लिखा जाता है। | वर्तमान में आदत या सामान्य प्रक्रिया |
| خط لکھا جا رہا ہے۔ | पत्र लिखा जा रहा है। | अभी काम जारी है |
| خط لکھا گیا۔ | पत्र लिखा गया। | बीता हुआ पूरा काम |
| خط لکھا گیا ہے۔ | पत्र लिखा गया है। | काम हो चुका है और अभी उससे संबंध है |
| خط لکھا جاتا تھا۔ | पत्र लिखा जाता था। | अतीत में आदत |
| خط لکھا جا رہا تھا۔ | पत्र लिखा जा रहा था। | अतीत में काम जारी था |
| خط لکھا گیا تھا۔ | पत्र लिखा गया था। | अतीत के संदर्भ में पहले हो चुका काम |
| خط لکھا جائے گا۔ | पत्र लिखा जाएगा। | भविष्य |
| خط لکھا جائے۔ | पत्र लिखा जाए। | निर्देश, प्रस्ताव या इच्छा |
| خط لکھا جانا چاہیے۔ | पत्र लिखा जाना चाहिए। | उचित या अपेक्षित काम |
جانا का मूल अर्थ «जाना» है, लेकिन यहाँ इसका काम कर्मवाच्य बनाना है। خط لکھا گیا में पत्र कहीं गया नहीं; उसे लिखा गया। जारी काम में جا رہا और भविष्य में جائے گا जैसे पूरे रूप सीखें।
४. लिंग और वचन मिलाएँ
मेल का अर्थ है कि क्रिया का रूप संबंधित शब्द के लिंग और वचन के अनुसार बदले। साधारण कर्मवाच्य में, जब सामने रखे गए कर्म के साथ کو जैसा चिह्न नहीं है, क्रिया सामान्यतः उसी से मेल खाती है।
| उर्दू | हिंदी अर्थ | मेल |
|---|---|---|
| خط لکھا جاتا ہے۔ | पत्र लिखा जाता है। | पुल्लिंग एकवचन |
| خط لکھے جاتے ہیں۔ | पत्र लिखे जाते हैं। | पुल्लिंग बहुवचन |
| کتاب پڑھی جاتی ہے۔ | किताब पढ़ी जाती है। | स्त्रीलिंग एकवचन |
| کتابیں پڑھی جاتی ہیں۔ | किताबें पढ़ी जाती हैं। | स्त्रीलिंग बहुवचन |
| خط لکھا گیا۔ | पत्र लिखा गया। | पुल्लिंग एकवचन, भूतकाल |
| خط لکھے گئے۔ | पत्र लिखे गए। | पुल्लिंग बहुवचन, भूतकाल |
| کتاب پڑھی گئی۔ | किताब पढ़ी गई। | स्त्रीलिंग एकवचन, भूतकाल |
| کتابیں پڑھی گئیں۔ | किताबें पढ़ी गईं। | स्त्रीलिंग बहुवचन, भूतकाल |
स्त्रीलिंग बहुवचन में پڑھی جاتی ہیں पर ध्यान दें: हर शब्द को अलग से बहुवचन जैसा दिखाने की कोशिश न करें। پڑھی और جاتی ऐसे ही रहते हैं; यहाँ ہیں बहुवचन बताता है। वहीं पूर्ण भूतकाल में گئی के बदले گئیں आता है।
संदर्भ में उदाहरण
नीचे दिए वाक्यों में पहले परिस्थिति देखें, फिर अंतिम क्रिया-समूह पढ़ें। हिंदी अर्थ से तुलना करने पर यह भी स्पष्ट होगा कि कहाँ उर्दू और हिंदी एक ही ढंग अपनाती हैं।
| उर्दू | हिंदी अर्थ | क्या ध्यान दें |
|---|---|---|
| یہ کتاب پڑھی جاتی ہے۔ | यह किताब पढ़ी जाती है। | सामान्य या नियमित काम |
| یہاں اردو بولی جاتی ہے۔ | यहाँ उर्दू बोली जाती है। | भाषा का नाम स्त्रीलिंग है |
| مکان بنایا گیا۔ | मकान बनाया गया। | पूरा हुआ काम; बनाने वाला नहीं बताया |
| ہر درخواست غور سے پڑھی جاتی ہے۔ | हर आवेदन ध्यान से पढ़ा जाता है। | उर्दू में درخواست स्त्रीलिंग है; हिंदी «आवेदन» पुल्लिंग |
| سڑک کی مرمت کی جا رہی ہے۔ | सड़क की मरम्मत की जा रही है। | काम अभी जारी है |
| یہ دوائیں بچوں کو دی جاتی ہیں۔ | ये दवाएँ बच्चों को दी जाती हैं। | क्रिया का मेल दवाओं से है, बच्चों से नहीं |
| اجلاس کل بلایا جائے گا۔ | बैठक कल बुलाई जाएगी। | उर्दू اجلاس पुल्लिंग है; हिंदी «बैठक» स्त्रीलिंग |
| کھڑکیاں بند کر دی گئی ہیں۔ | खिड़कियाँ बंद कर दी गई हैं। | पूरे हुए काम पर ज़ोर |
| پرانی عمارت کی تصویریں لی گئیں۔ | पुरानी इमारत की तस्वीरें ली गईं। | لینا का रूप لی और स्त्रीलिंग बहुवचन گئیں |
| کیا فیصلہ سب کی رضامندی سے کیا گیا؟ | क्या फैसला सबकी सहमति से किया गया? | यहाँ سے सहमति का ढंग बताता है, कर्ता नहीं |
| یہ رپورٹ ماہرین کے ذریعے تیار کی گئی۔ | यह रिपोर्ट विशेषज्ञों के द्वारा तैयार की गई। | काम करने वालों का स्पष्ट उल्लेख |
| یہ بات کسی کو نہ بتائی جائے۔ | यह बात किसी को न बताई जाए। | निषेध वाला निर्देश |
| مجھ سے چلا نہیں جاتا۔ | मुझसे चला नहीं जाता। | चल पाने में असमर्थता |
| اتنا شور مجھ سے برداشت نہیں کیا جاتا۔ | मुझसे इतना शोर बर्दाश्त नहीं किया जाता। | सहन न कर पाने की भावना |
किसी उर्दू संज्ञा का हिंदी अनुवाद अलग लिंग का हो सकता है। इसलिए हिंदी अनुवाद की क्रिया देखकर उर्दू की क्रिया तय न करें। درخواست پڑھی جاتی ہے का अर्थ समझने के लिए «आवेदन पढ़ा जाता है» सही हिंदी है, लेकिन उर्दू में स्त्रीलिंग रूप ही चाहिए। संज्ञा उस शब्द को कहते हैं जिससे किसी व्यक्ति, चीज़, जगह या विचार का नाम लिया जाता है।
आम गलतियाँ
१. पूर्ण रूप की जगह ता-वाला रूप लगाना
- गलत: یہ کتاب پڑھتی جاتی ہے۔ — यदि आशय «यह किताब पढ़ी जाती है» हो।
- सही: یہ کتاب پڑھی جاتی ہے۔ — यह किताब पढ़ी जाती है।
- क्यों: सामान्य कर्मवाच्य में पहले پڑھی चाहिए, پڑھتی नहीं। ता-वाला रूप और جانا दूसरे संदर्भों में अलग ढाँचा बना सकते हैं, इसलिए केवल दोनों क्रियाएँ दिखाई देने से कर्मवाच्य न मानें।
२. स्त्रीलिंग शब्द के साथ पुल्लिंग क्रिया रखना
- गलत: یہ کتاب پڑھا جاتا ہے۔
- सही: یہ کتاب پڑھی جاتی ہے۔ — यह किताब पढ़ी जाती है।
- क्यों: کتاب स्त्रीलिंग है। मुख्य क्रिया और جاتی दोनों में उसका मेल दिखना चाहिए।
३. करना के लिए नियमित रूप गढ़ लेना
- गलत: کام کرا گیا۔ — यदि आशय केवल «काम किया गया» हो।
- सही: کام کیا گیا۔ — काम किया गया।
- क्यों: کرنا का आवश्यक पूर्ण रूप کیا है। «करना» और «करवाना» को भी अलग रखें: کام کروایا گیا۔ का अर्थ है «काम करवाया गया»।
४. पुराने कर्ता के साथ ने बनाए रखना
- गलत: خط علی نے لکھا گیا۔
- सही: خط علی کے ذریعے لکھا گیا۔ — पत्र अली के द्वारा लिखा गया।
- दूसरा सहज विकल्प: علی نے خط لکھا۔ — अली ने पत्र लिखा।
- क्यों: نے को सामान्य कर्मवाच्य में काम करने वाले का चिह्न बनाकर नहीं रख सकते। या तो पूरा सक्रिय ढाँचा चुनें या कर्मवाच्य के अनुकूल अलग उल्लेख करें।
५. से वाले वाक्य को सफल काम मान लेना
- गलत अर्थ: مجھ سے یہ خط نہیں لکھا جاتا۔ = मैंने यह पत्र नहीं लिखा।
- सही अर्थ: مجھ سے یہ خط نہیں لکھا جاتا۔ — मुझसे यह पत्र लिखा नहीं जाता; मैं इसे लिख नहीं पाता।
- यदि केवल काम न करने की बात हो: میں نے یہ خط نہیں لکھا۔ — मैंने यह पत्र नहीं लिखा।
- क्यों: क्षमता न होना और किसी अवसर पर काम न करना अलग बातें हैं।
प्रयोग की बातें
काम करने वाले का नाम कब दें?
अक्सर नाम न देना ही कर्मवाच्य का उद्देश्य होता है: कौन ज़िम्मेदार है, यह मालूम नहीं; नाम प्रासंगिक नहीं; या ध्यान केवल प्रक्रिया पर है। دروازہ بند کر دیا گیا۔ — दरवाज़ा बंद कर दिया गया — अपने आप में पूरा वाक्य है। इसके साथ अनिवार्य रूप से «किसके द्वारा» जोड़ने की ज़रूरत नहीं।
नाम जोड़ने पर کے ذریعے — के माध्यम से/के द्वारा — स्पष्ट, अक्सर औपचारिक विकल्प है। यह माध्यम भी बता सकता है: اطلاع فون کے ذریعے دی گئی۔ — सूचना फ़ोन के माध्यम से दी गई। फ़ोन काम करने वाला व्यक्ति नहीं, सूचना पहुँचाने का साधन है।
سے का अर्थ भी संदर्भ पर निर्भर है। यह काम करने वाला, माध्यम या ढंग दिखा सकता है, और असमर्थता के वाक्यों में बहुत आम है। इसलिए हिंदी «से» की तरह इसे देखकर एक ही अर्थ तय न करें। مجھ سے — मुझसे — और آپ سے — आपसे — जैसे रूपों को अलग शब्द-समूह के रूप में पहचानें।
बातचीत, समाचार और निर्देश
रोज़मर्रा की उर्दू में भी یہاں چائے ملتی ہے۔ — यहाँ चाय मिलती है — जैसा सीधा वाक्य कई बार یہاں چائے دی جاتی ہے۔ — यहाँ चाय दी जाती है — से अधिक स्वाभाविक सूचना देगा। दोनों सही हो सकते हैं, लेकिन पहला उपलब्धता बताता है, दूसरा देने की प्रक्रिया। हिंदी के हर «मिलता है» को कर्मवाच्य में बदलना आवश्यक नहीं।
दफ़्तर और समाचारों में اعلان کیا گیا۔ — घोषणा की गई — तथा منظوری دی گئی۔ — मंज़ूरी दी गई — बहुत उपयोगी ढाँचे हैं। निर्देश में درخواست جمع کی جائے۔ — आवेदन जमा किया जाए — आदेश को व्यक्ति से हटाकर प्रक्रिया पर रखता है। यह औपचारिक है, पर अपने आप में हमेशा अधिक विनम्र नहीं; परिस्थिति और बाकी शब्द भी महत्त्व रखते हैं।
नकार के लिए सामान्य कथन में نہیں, और ऐसे निर्देशों में نہ मिलता है: دروازہ نہیں کھولا گیا۔ — दरवाज़ा नहीं खोला गया; دروازہ نہ کھولا جائے۔ — दरवाज़ा न खोला जाए।
आगे की समझ: असमर्थता और दूसरे भेद
असमर्थता केवल सकर्मक क्रियाओं तक सीमित नहीं
सकर्मक क्रिया वह है जिसका सीधा कर्म हो सकता है, जैसे किताब पढ़ना। साधारण कर्मवाच्य का आधार यही है। लेकिन चलना जैसी अकर्मक क्रिया, जिसका ऐसा सीधा कर्म नहीं होता, भी असमर्थता वाले ढाँचे में आ सकती है।
مجھ سے چلا نہیں جاتا۔ — मुझसे चला नहीं जाता — में कोई चीज़ «चली गई» नहीं है। वक्ता कह रहा है कि उससे चलने का काम हो नहीं पाता। यह शारीरिक तकलीफ़, थकान या दूसरी रुकावट का नतीजा हो सकता है। उसी तरह مجھ سے اب بیٹھا نہیں جاتا۔ — मुझसे अब बैठा नहीं जाता — में बैठ पाना कठिन है। ऐसे अवैयक्तिक ढाँचे में, यानी जहाँ कोई कर्म क्रिया का मेल नहीं तय कर रहा, सामान्य पुल्लिंग एकवचन چلا/بیٹھا मिलता है; महिला वक्ता भी यही कह सकती है।
इसके विपरीत میں نہیں چل سکتا۔ — मैं नहीं चल सकता — पुरुष वक्ता का रूप है; महिला वक्ता میں نہیں چل سکتی۔ — मैं नहीं चल सकती — कहेगी। दोनों तरह के वाक्य क्षमता बता सकते हैं, पर مجھ سے… نہیں جاتا में अक्सर अपनी कोशिश के बावजूद काम न हो पाने का भाव अधिक उभरता है। यह भाव संदर्भ से बनता है; हर कर्मवाच्य में इसे न खोजें।
کو रहने पर मेल बदल सकता है
लोगों के लिए کو — को — कर्मवाच्य में भी रह सकता है: بچوں کو بلایا گیا۔ — बच्चों को बुलाया गया। यहाँ بچوں बहुवचन होने पर भी بلایا گیا सामान्य पुल्लिंग एकवचन है। کو लगा हुआ शब्द सामान्यतः क्रिया का मेल तय नहीं करता।
इसे पहले के یہ دوائیں بچوں کو دی جاتی ہیں۔ से तुलना करें। वहाँ بچوں کو पाने वाले हैं, जबकि دوائیں — दवाएँ — बिना کو के है और क्रिया उससे मेल खाती है। केवल सबसे पास वाले शब्द को देखकर क्रिया न चुनें; देखें कि वाक्य में किसकी क्या भूमिका है।
काम होना और काम किया जाना
دروازہ کھل گیا۔ — दरवाज़ा खुल गया — में खुलने की घटना बताई गई है। دروازہ کھولا گیا۔ — दरवाज़ा खोला गया — में किसी के खोलने का काम बताया गया है, भले उसका नाम न हो। पहला दूसरे का छोटा रूप नहीं है; کھلنا — खुलना — और کھولنا — खोलना — अलग क्रियाएँ हैं।
इसी तरह دروازہ بند ہے۔ — दरवाज़ा बंद है — अवस्था बताता है, यानी वह अभी कैसा है। دروازہ بند کیا گیا۔ — दरवाज़ा बंद किया गया — बंद करने की घटना बताता है। हिंदी में भी «बंद है» और «बंद किया गया» का यही अंतर उपयोगी आधार देता है।
संयुक्त क्रिया का कर्मवाच्य
संयुक्त क्रिया में दो क्रियाएँ मिलकर एक काम का विशेष भाव बनाती हैं, जैसे «लिख देना»। خط لکھ دیا گیا۔ — पत्र लिख दिया गया — में मुख्य काम लिखना है; دیا काम पूरा कर देने का भाव जोड़ता है और گیا कर्मवाच्य बनाता है। स्त्रीलिंग में درخواست لکھ دی گئی۔ — अर्ज़ी लिख दी गई — होगा।
इसलिए हर वाक्य को केवल «एक पूर्ण रूप + जाना» तक सीमित न समझें। पहले पूरे क्रिया-समूह का अर्थ पहचानें, फिर आख़िरी कर्मवाच्य रूप देखें। क्षमता जोड़ने पर یہ کام کیا جا سکتا ہے۔ — यह काम किया जा सकता है — मिलता है। यहाँ کیا काम का रूप है, جا कर्मवाच्य का भाग और سکتا ہے संभव होने की बात करता है। केवल کیا جا سکتا ہے कहने से काम हो चुका होना सिद्ध नहीं होता।
अभ्यास के तरीके
- एक ही काम को चार तरह से लिखें। خط لکھا جاتا ہے، خط لکھا جا رہا ہے، خط لکھا گیا، خط لکھا جائے گا — पत्र लिखा जाता है, लिखा जा रहा है, लिखा गया, लिखा जाएगा। फिर पत्र की जगह کتاب — किताब — रखकर आवश्यक रूप बदलें। अपने उत्तर में केवल आख़िरी शब्द नहीं, पूरा क्रिया-समूह जाँचें।
- हर वाक्य में भूमिका पहचानें। یہ دوائیں بچوں کو دی جاتی ہیں۔ — ये दवाएँ बच्चों को दी जाती हैं — पढ़कर पूछें: क्या दिया जा रहा है? किसे? देने वाला बताया है या नहीं? यही तीन सवाल लिंग-वचन और अर्थ दोनों की गलतियाँ पकड़ेंगे।
- असमर्थता को घटना से अलग करें। «मैंने पत्र नहीं लिखा», «मुझसे पत्र लिखा नहीं जाता» और «पत्र नहीं लिखा गया» के उर्दू वाक्य बनाइए। उत्तर क्रमशः میں نے خط نہیں لکھا۔، مجھ سے خط لکھا نہیں جاتا۔، خط نہیں لکھا گیا۔ हैं। फिर अपने जीवन की किसी वास्तविक स्थिति से एक नया वाक्य बनाएँ, ताकि अभ्यास केवल शब्द बदलने तक सीमित न रहे।
संबंधित विषय
- पहले पढ़ें: संयुक्त क्रियाएँ और सहायक क्रियाओं के भाव — लिख देना और कर लेना जैसे समूह समझने से लंबे कर्मवाच्य रूप पढ़ना आसान होगा।
- आगे पढ़ें: कर्मवाच्य के विविध रूप और अर्थ की बारीकियाँ — असमर्थता, प्रसंग और शैली के सूक्ष्म अंतर पर आगे काम करें।