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उर्दू में संख्याएँ और गिनती

نمبر اور گنتی

यह लेख Settemila Lingue पर उर्दू व्याकरण-वृक्ष का हिस्सा है।

संक्षेप में

उर्दू की गिनती हिन्दी की गिनती से बहुत मिलती है: ایک، دو، تین، چار، پانچ का अर्थ है एक, दो, तीन, चार, पाँच। मुख्य नया काम इन्हीं परिचित शब्दों को उर्दू लिपि में पहचानना है। उर्दू में ۰۱۲۳۴۵۶۷۸۹ और 0123456789, दोनों तरह के अंक मिलते हैं; संख्या के भीतर अंकों का क्रम नहीं पलटता। एक से सौ तक हर संख्या का प्रचलित नाम सीखें—बाईस के लिए بائیس कहेंगे, अलग-अलग «बीस दो» नहीं।

परिचय

किसी दुकान पर दाम पूछना हो, अपना फ़ोन नंबर बताना हो या मिलने का समय तय करना हो, गिनती हर जगह काम आती है। यह शुरुआती स्तर की बुनियाद है, लेकिन केवल क्रम से सौ तक बोल लेना पर्याप्त नहीं। ज़रूरत पड़ने पर بائیس देखकर तुरंत बाईस समझना और बाईस सुनकर ۲۲ लिख पाना भी आना चाहिए।

हिन्दी जानने वाले को यहाँ बड़ी सुविधा है। دس दस है, بیس बीस है और سو सौ है। अक्सर नया शब्द सीखने के बजाय परिचित ध्वनि को नई लिखावट से जोड़ना होता है। फिर भी उर्दू की वर्तनी को देवनागरी का अक्षर-दर-अक्षर रूप न मानें। उर्दू में छोटे स्वर अक्सर नहीं लिखे जाते, और कुछ संख्याओं के उच्चारण में हिन्दी से हल्का फ़र्क भी सुनाई दे सकता है।

इस लेख में पहले अंक और एक से सौ तक के संख्या-नाम दिए गए हैं। उसके बाद वस्तुएँ गिनने, उम्र बताने और दाम पूछने के वाक्य हैं। अंत का उन्नत भाग क्रम, भिन्न और बड़ी संख्याओं का परिचय देता है; पहली बार पढ़ते हुए उसे बाद के लिए छोड़ सकते हैं।

गिनती कैसे बनती और लिखी जाती है

अंक और संख्या-नाम अलग चीज़ें हैं

अंक संख्या लिखने का चिह्न है, जैसे 2 या ۲। संख्या-नाम उस संख्या को बोलने वाला शब्द है, जैसे دو। मूल संख्या का अर्थ है मात्रा बताने वाली संख्या: कितने लोग, कितनी किताबें या कितने रुपये। यह «दूसरा» या «तीसरा» जैसे स्थान बताने वाले शब्दों से अलग है।

उर्दू के अंक फ़ारसी-उर्दू रूप के पूर्वी अरबी अंक हैं। व्यवहार में आम 0–9 वाले अंक भी बहुत मिलते हैं, खासकर फ़ोन, ऑनलाइन भुगतान और डिजिटल सूचनाओं में। दोनों को पहचानना उपयोगी है।

आम अंक उर्दू अंक हिन्दी में नाम
0 ۰ शून्य
1 ۱ एक
2 ۲ दो
3 ۳ तीन
4 ۴ चार
5 ۵ पाँच
6 ۶ छह
7 ۷ सात
8 ۸ आठ
9 ۹ नौ

उर्दू का वाक्य दाएँ से बाएँ चलता है, लेकिन संख्या के भीतर बड़ा स्थान बाईं तरफ़ रहता है। ۲۵ में बाईं ओर ۲ दो दहाइयाँ हैं और दाईं ओर ۵ पाँच इकाइयाँ: कुल पच्चीस। इसी तरह ۱۰۰ सौ है। इसे उलटकर नहीं पढ़ना है। यदि दाएँ-बाएँ चलने वाली लिपियों के साथ संख्या की जगह कुछ अटपटी दिखे, तब भी संख्या के भीतर का क्रम यही रहेगा।

शून्य का उर्दू नाम صفر है। किसी फ़ोन नंबर में आने वाले शून्य के लिए इसे याद रखें।

एक से बीस: पहले परिचित शब्दों की लिखावट पकड़ें

नीचे हिन्दी का नाम अर्थ बताने के लिए है, हर उर्दू शब्द का बिल्कुल सटीक ध्वन्यात्मक लिप्यंतरण नहीं। विशेष रूप से چھ का उच्चारण अक्सर हिन्दी के बोलचाल वाले «छः» जैसा सुनाई देता है।

संख्या उर्दू शब्द हिन्दी अर्थ
1 ایک एक
2 دو दो
3 تین तीन
4 چار चार
5 پانچ पाँच
6 چھ छह
7 سات सात
8 آٹھ आठ
9 نو नौ
10 دس दस
11 گیارہ ग्यारह
12 بارہ बारह
13 تیرہ तेरह
14 چودہ चौदह
15 پندرہ पंद्रह
16 سولہ सोलह
17 سترہ सत्रह
18 اٹھارہ अठारह
19 انیس उन्नीस
20 بیس बीस

शुरुआत इन दो छोटी लड़ियों से करें: ایک دو تین چار پانچ और چھ سات آٹھ نو دس। फिर ग्यारह से बीस तक जाएँ। उसके बाद संख्याओं को क्रम से हटाकर पढ़ें, ताकि किसी शब्द की पहचान उसके पहले वाले शब्द पर निर्भर न रहे।

इक्कीस से सौ: हर संख्या का पूरा नाम सीखें

हिन्दी की तरह उर्दू में भी दहाई और इकाई को हर बार एक ही ढंग से जोड़कर नया शब्द नहीं बनाया जा सकता। بیس बीस है, लेकिन बाईस بائیس है; تیس तीस है, लेकिन बत्तीस بتیس है। कई शब्दों में संबंध दिखाई देगा, फिर भी सही पूरा रूप पहचानना ज़रूरी है।

हिन्दी बोलने वाला मन में «इक्कीस, बाईस, तेईस» दोहराकर उर्दू लिखावट से मिला सकता है। यह उपयोगी सहारा है, लेकिन केवल पहले अक्षर को देखकर अनुमान न लगाएँ। खासकर सत्रह और सत्तर, उन्नीस और उनहत्तर, अठारह और अठहत्तर को ध्यान से अलग करें।

संख्या उर्दू शब्द हिन्दी अर्थ
21 اکیس इक्कीस
22 بائیس बाईस
23 تئیس तेईस
24 چوبیس चौबीस
25 پچیس पच्चीस
26 چھبیس छब्बीस
27 ستائیس सत्ताईस
28 اٹھائیس अट्ठाईस
29 انتیس उनतीस
30 تیس तीस
31 اکتیس इकतीस
32 بتیس बत्तीस
33 تینتیس तैंतीस
34 چونتیس चौंतीस
35 پینتیس पैंतीस
36 چھتیس छत्तीस
37 سینتیس सैंतीस
38 اڑتیس अड़तीस
39 انتالیس उनतालीस
40 چالیس चालीस
41 اکتالیس इकतालीस
42 بیالیس बयालीस
43 تینتالیس तैंतालीस
44 چوالیس चवालीस
45 پینتالیس पैंतालीस
46 چھیالیس छियालीस
47 سینتالیس सैंतालीस
48 اڑتالیس अड़तालीस
49 انچاس उनचास
50 پچاس पचास
संख्या उर्दू शब्द हिन्दी अर्थ
51 اکیاون इक्यावन
52 باون बावन
53 ترپن तिरपन
54 چوّن चौवन
55 پچپن पचपन
56 چھپن छप्पन
57 ستاون सत्तावन
58 اٹھاون अट्ठावन
59 انسٹھ उनसठ
60 ساٹھ साठ
61 اکسٹھ इकसठ
62 باسٹھ बासठ
63 تریسٹھ तिरसठ
64 چونسٹھ चौंसठ
65 پینسٹھ पैंसठ
66 چھیاسٹھ छियासठ
67 سڑسٹھ सड़सठ
68 اڑسٹھ अड़सठ
69 انہتر उनहत्तर
70 ستر सत्तर
71 اکہتر इकहत्तर
72 بہتر बहत्तर
73 تہتر तिहत्तर
74 چوہتر चौहत्तर
75 پچھتر पचहत्तर
76 چھہتر छिहत्तर
77 ستتر सतहत्तर
78 اٹھہتر अठहत्तर
79 اناسی उनासी
80 اسّی अस्सी
81 اکیاسی इक्यासी
82 بیاسی बयासी
83 تراسی तिरासी
84 چوراسی चौरासी
85 پچاسی पचासी
86 چھیاسی छियासी
87 ستاسی सत्तासी
88 اٹھاسی अट्ठासी
89 نواسی नवासी
90 نوے नब्बे
91 اکیانوے इक्यानवे
92 بانوے बानवे
93 ترانوے तिरानवे
94 چورانوے चौरानवे
95 پچانوے पंचानवे
96 چھیانوے छियानवे
97 ستانوے सत्तानवे
98 اٹھانوے अट्ठानवे
99 ننانوے निन्यानवे
100 سو सौ

दहाइयों की अलग लड़ी भी बनाएँ: دس، بیس، تیس، چالیس، پچاس، ساٹھ، ستر، اسّی، نوے، سو। नब्बे के उर्दू शब्द نوے पर विशेष ध्यान दें: इसे हिन्दी «नब्बे» की लिखावट मानकर न पढ़ें; इसका उच्चारण «नव्वे» के करीब है। तालिका में हिन्दी अर्थ नब्बे ही है।

اسّی में ऊपर का छोटा चिह्न बीच की ध्वनि को दुहराकर बोलने का संकेत देता है। सामान्य लिखावट में यह चिह्न अक्सर छूट जाता है और اسی दिखता है। इसी तरह چوّن बिना चिह्न के چون भी लिखा मिलता है। लिखावट का यह अंतर संख्या नहीं बदलता।

संख्या के साथ वस्तु का नाम

वस्तु, व्यक्ति या जगह का नाम बताने वाले शब्द को संज्ञा कहते हैं। उर्दू में, हिन्दी की तरह, गिनती सामान्यतः संज्ञा से पहले आती है: دو کتابیں यानी दो किताबें, تین دن यानी तीन दिन। अलग से कोई अनिवार्य गिनती-सूचक शब्द जोड़ना नहीं पड़ता।

एक से अधिक होने पर संज्ञा का बहुवचन, यानी अनेक का रूप, आता है। कुछ शब्दों का रूप साफ़ बदलता है: کتاب से کتابیں। कुछ का सीधा बहुवचन एक जैसा दिखता है: دن एक दिन भी है और تین دن में तीन दिन भी। इसलिए केवल शब्द के अंतिम अक्षर से मात्रा तय न करें।

संख्या स्वयं स्त्री या पुरुष के अनुसार नहीं बदलती। دو لڑکے दो लड़के और دو لڑکیاں दो लड़कियाँ हैं; दोनों में دو वही है। लिंग का अर्थ यहाँ किसी शब्द का पुल्लिंग या स्त्रीलिंग होना है; यह हमेशा किसी व्यक्ति के स्त्री या पुरुष होने की बात नहीं है। संज्ञा और बाकी वाक्य के रूप बदल सकते हैं, मूल संख्या नहीं।

रोज़मर्रा के वाक्यों में उदाहरण

इन उदाहरणों में संख्या को किसी काम से जोड़कर पढ़ें। पहले उर्दू वाक्य समझें, फिर हिन्दी से मिलाएँ। केवल अंकों को देख लेने के बजाय संख्या का पूरा नाम बोलने की आदत डालें।

उर्दू हिन्दी अर्थ ध्यान देने की बात
مجھے ایک ٹکٹ چاہیے۔ मुझे एक टिकट चाहिए। एक चीज़ माँगना
دو چائے دیجیے۔ दो चाय दीजिए। प्रसंग में दो कप चाय
میرے پاس تین کتابیں ہیں۔ मेरे पास तीन किताबें हैं। एक से अधिक किताबें
ہم چار لوگ ہیں۔ हम चार लोग हैं। लोगों की संख्या
یہ پانچ روپے کا ہے۔ यह पाँच रुपये का है। किसी चीज़ का दाम
میرے بیٹے کی عمر چھ سال ہے۔ मेरे बेटे की उम्र छह साल है। उम्र बताना
دکان سات بجے کھلتی ہے۔ दुकान सात बजे खुलती है। पूरे घंटे का समय
آٹھ کرسیاں یہاں رکھ دیجیے۔ आठ कुर्सियाँ यहाँ रख दीजिए। वस्तुएँ गिनना
نو اور ایک دس ہوتے ہیں۔ नौ और एक दस होते हैं। जोड़ बोलकर बताना
بارہ انڈے دیجیے۔ बारह अंडे दीजिए। सामान की मात्रा
کمرے میں بائیس طالب علم ہیں۔ कमरे में बाईस विद्यार्थी हैं। बाईस को एक संख्या-नाम की तरह पढ़ें
تیس منٹ انتظار کیجیے۔ तीस मिनट इंतज़ार कीजिए। समय की अवधि
یہ پچھتر روپے کا ہے۔ यह पचहत्तर रुपये का है। दाम में पूरी संख्या
میرے پاس سو روپے ہیں۔ मेरे पास सौ रुपये हैं। सौ रुपये की कुल राशि

आम गलतियाँ

1. पूरी संख्या का नाम बनाने के बजाय दहाई और इकाई अलग बोलना

  • गलत: یہ بیس دو روپے کا ہے۔ — बाईस रुपये का दाम बताने के लिए।
  • सही: یہ بائیس روپے کا ہے۔ — यह बाईस रुपये का है।
  • कारण: सामान्य गिनती में बाईस का स्थापित नाम بائیس है। अंक अलग-अलग बताना किसी पहचान-संख्या या फ़ोन नंबर का अलग प्रसंग हो सकता है।

2. उर्दू की दिशा देखकर संख्या उलट देना

  • गलत: ۲۵ को बावन पढ़ना।
  • सही: ۲۵ = پچیس, यानी पच्चीस; बावन ۵۲ = باون है।
  • कारण: संख्या के भीतर दहाई बाईं ओर और इकाई दाईं ओर रहती है। वाक्य की दिशा इस क्रम को नहीं बदलती।

3. सत्रह और सत्तर को एक समझना

  • गलत: सत्तर रुपये के लिए سترہ روپے कहना।
  • सही: ستر روپے — सत्तर रुपये।
  • कारण: سترہ सत्रह है, ستر सत्तर। आखिरी ہ की मौजूदगी और बोले गए पूरे शब्द, दोनों पर ध्यान दें। दाम सुनते समय संदेह हो तो दोबारा पूछें।

4. बहुवचन वाले शब्द का गलत रूप चुनना

  • गलत: میرے پاس تین کتاب ہے۔
  • सही: میرے پاس تین کتابیں ہیں۔ — मेरे पास तीन किताबें हैं।
  • कारण: तीन किताबों के लिए کتابیں और इस वाक्य में ہیں चाहिए। हिन्दी «तीन किताबें हैं» वाली समझ यहाँ मदद करती है, लेकिन हर उर्दू संज्ञा का बहुवचन अलग से सीखें।

5. रुपये के एकवचन को हर जगह रख देना

  • गलत: یہ پچاس روپیہ کا ہے۔
  • सही: یہ پچاس روپے کا ہے۔ — यह पचास रुपये का है।
  • कारण: इस मानक बनावट में पचास के साथ روپے आता है। तुलना करें: ایک روپیہ एक रुपया, دو روپے दो रुपये। बोलचाल में अलग रूप सुनाई दे सकते हैं, पर शुरुआत में यही रूप अपनाएँ।

इस्तेमाल की बातें

गिनती और पहचान-संख्या में फ़र्क

پچیس पच्चीस वस्तुओं की मात्रा हो सकती है। लेकिन किसी फ़ोन नंबर, गुप्त अंक-क्रम या पहचान-संख्या को बताते समय अंक अलग-अलग भी बोले जाते हैं। हिन्दी में भी यही अंतर है: «पच्चीस रुपये» और «दो, पाँच» कहना एक बात नहीं। सामने वाला कौन-सी सूचना लिख रहा है, उसके अनुसार पूरा संख्या-नाम या अलग अंक चुनें।

पढ़ने के अभ्यास में ۲۵، 25، پچیس को एक ही मात्रा से जोड़ें। फ़ोन नंबर लिखवाने के अभ्यास में دو، پانچ को अलग-अलग अंकों से जोड़ें। इससे संख्या पढ़ना और अंक सुनकर लिखना, दोनों कौशल बनेंगे।

दाम और समय में केवल संख्या काफी नहीं

پچاس का अर्थ पचास है, पर वह पचास रुपये हैं या पचास मिनट, यह अगले शब्द से पता चलता है। روپے रुपये हैं, منٹ मिनट हैं और سال साल हैं। नई गिनती को हमेशा कम-से-कम एक परिचित इकाई के साथ बोलें।

पूछने वाले शब्द भी उपयोगी हैं: کتنے روپے؟ यानी कितने रुपये? और کتنی کتابیں؟ यानी कितनी किताबें? हिन्दी की तरह प्रश्न का रूप गिनी जाने वाली चीज़ के साथ बदलता है। इसके विपरीत उत्तर की मूल संख्या, जैसे پانچ, दोनों जगह एक ही रहती है।

समय में سات بجے सात बजे है, जबकि سات گھنٹے सात घंटे हैं। पहला घड़ी का समय बताता है, दूसरा अवधि। संख्या पहचान लेने के बाद यह अंतर सुनना भी ज़रूरी है।

लिखावट देखकर उच्चारण का पूरा अनुमान न लगाएँ

उर्दू में छोटे स्वर और ध्वनि दुहराने के चिह्न प्रायः नहीं लिखे जाते। इसलिए शुरुआती अभ्यास में उर्दू शब्द को परिचित हिन्दी अर्थ और सुने हुए उच्चारण, दोनों से जोड़ें। लिखावट देखकर स्वयं अतिरिक्त स्वर या दुहरी ध्वनि न जोड़ें। तेज़ बातचीत में कोई संख्या अस्पष्ट लगे तो उसे अंकों में लिखकर पुष्टि कर लेना स्वाभाविक है।

बुनियाद से आगे: बाद में काम आने वाली बातें

नीचे की बातें अभी एक साथ याद करने की ज़रूरत नहीं। पहले एक से सौ तक पढ़ना और साधारण मात्राएँ बताना सहज करें। फिर इन रूपों को जोड़ें।

सौ के बाद बड़ी संख्या बनाना

सौ के बाद सैकड़ों और बची हुई संख्या को जोड़ना अपेक्षाकृत साफ़ दिखाई देता है। ایک سو ایک एक सौ एक है, ایک سو پچیس एक सौ पच्चीस और دو سو दो सौ। एक सौ को سو और ایک سو, दोनों तरह से कहा जा सकता है। एक से निन्यानवे तक के सीखे हुए नाम बड़ी संख्याओं के अंदर भी काम आते हैं।

उर्दू रूप हिन्दी अर्थ
ایک سو دس एक सौ दस
دو سو پچاس दो सौ पचास
ایک ہزار एक हज़ार
ایک لاکھ एक लाख
ایک کروڑ एक करोड़

हिन्दी जानने वाले के लिए हज़ार, लाख और करोड़ की व्यवस्था परिचित है। यहाँ भी मुख्य मेहनत उर्दू लिखावट और सुनकर पहचानने की है। सौ से आगे जाने पर एक से सौ वाली तालिका छोड़ न दें; बड़ी संख्या में गलती अक्सर बीच के उसी छोटे हिस्से में होती है।

«दो» और «दूसरा» अलग हैं

क्रमवाचक संख्या वह शब्द है जो क्रम में जगह बताता है, जैसे पहला या दूसरा। دو کتابیں दो किताबें हैं, लेकिन دوسری کتاب दूसरी किताब है। उर्दू में پہلا पहला, دوسرا दूसरा और تیسرا तीसरा है।

मूल संख्याओं से अलग, क्रम बताने वाले इन शब्दों के रूप बदलते हैं: پہلا دن पहला दिन, پہلی کتاب पहली किताब। हिन्दी का «पहला दिन, पहली किताब» इस अंतर को समझने में सीधा सहारा देता है। अभी इतना याद रखें कि मात्रा गिनने और स्थान बताने के लिए अलग शब्द चाहिए।

आधा, डेढ़, ढाई और सवा

मात्रा हमेशा पूरी संख्या में नहीं होती। آدھا आधा, ڈیڑھ डेढ़ और ڈھائی ढाई है। سوا का अर्थ किसी पूरी संख्या से चौथाई अधिक और ساڑھے का अर्थ संबंधित प्रयोगों में आधा अधिक होता है। जैसे ساڑھے تین کلو साढ़े तीन किलो है।

घड़ी में سوا تین بجے सवा तीन बजे और پونے چار بجے पौने चार बजे हैं। पौने चार में अगला घंटा चार बोला जाता है, पर समय चार से पंद्रह मिनट पहले का है—हिन्दी जैसा ही। इन शब्दों को अलग सूची की तरह रटने के बजाय समय या नाप-तौल के पूरे वाक्य में सीखना बेहतर है।

ठीक-ठीक संख्या और अनुमान

दो पास-पास की संख्याएँ साथ कहने पर अनुमान भी बन सकता है: دو تین دن दो-तीन दिन है। इसका अर्थ जोड़कर पाँच दिन नहीं। इसी तरह ایک دو منٹ एक-दो मिनट है। प्रसंग बताता है कि वक्ता सटीक गिनती नहीं, थोड़ी लचीली मात्रा बता रहा है।

हिन्दी और उर्दू में यह समानता काम की है, लेकिन हर दो संख्याओं को मनमाने ढंग से जोड़कर अनुमान न बनाएँ। पहले دو تین और ایک دو जैसे आम प्रयोग पूरे वाक्यों में पहचानें।

अभ्यास के तरीके

  1. तीन रूपों का मिलान करें। दस छोटी पर्चियों पर आम अंक, दस पर उर्दू अंक और दस पर उर्दू शब्द लिखें। जैसे 22, ۲۲ और بائیس की तिकड़ी बनाएँ। अगली बार क्रम बदल दें। इससे केवल क्रम से गिनने के बजाय हर संख्या की स्वतंत्र पहचान होगी।
  2. घर में छोटी खरीदारी का अभ्यास करें। पाँच वस्तुएँ चुनकर 12, 25, 50, 75 और 100 जैसे दाम लगाएँ। फिर یہ پچیس روپے کا ہے۔ जैसे पूरे वाक्य बोलें। बीच-बीच में सत्रह और सत्तर जैसे भ्रमित करने वाले जोड़े भी रखें।
  3. सुनकर लिखें, फिर उलटी जाँच करें। किसी उर्दू वक्ता या विश्वसनीय ध्वनि-सामग्री से दस संख्याएँ सुनें और उर्दू अंकों में लिखें। फिर अपनी लिखी संख्या को शब्दों में पढ़ें। गलती को अलग पहचानें: शब्द गलत सुना, अंक गलत बनाया या उनका क्रम उलट दिया? अगले अभ्यास में उसी कठिनाई पर काम करें।

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