A1

उर्दू में व्यक्तिवाचक सर्वनाम और आदरसूचक संबोधन

ذاتی ضمیر اور اعزازی الفاظ

यह लेख Settemila Lingue पर उर्दू व्याकरण-वृक्ष का हिस्सा है।

संक्षेप में

उर्दू में تو, تم और آپ का चुनाव हिंदी के तू, तुम और आप की तरह संबंध और सम्मान पर निर्भर करता है। नए परिचय में آپ सबसे सुरक्षित चुनाव है; इसके साथ एक व्यक्ति के लिए भी ہیں आता है, जबकि تم के साथ ہو और تو के साथ ہے आता है। میں का अर्थ मैं, ہم का अर्थ हम, और یہ / وہ का अर्थ संदर्भ के अनुसार यह/वह या ये/वे होता है।

पहले मूल बात समझें

व्यक्तिवाचक सर्वनाम वे शब्द हैं जो किसी का नाम बार-बार लेने की जगह बताते हैं कि बात किसकी हो रही है: मैं, तुम, वह, हम। उर्दू में यह व्यवस्था हिंदी जानने वाले के लिए बहुत परिचित है। میں پاکستانی ہوں۔ का अर्थ है “मैं पाकिस्तानी हूँ।” शब्दों का क्रम और वाक्य बनाने का ढंग हिंदी जैसा है; अब आपको परिचित ध्वनियों को उर्दू की लिखावट में पहचानना है।

इस विषय की शुरुआत आरंभिक ए१ स्तर पर होती है। अपना परिचय देना, किसी का नाम पूछना, परिवार की बात करना और सामने वाले से सम्मान से बोलना—इन सबमें सर्वनाम काम आते हैं। यहाँ केवल शब्द याद करना पर्याप्त नहीं है। हिंदी की तरह उर्दू में भी “आप” चुनने पर वाक्य की क्रिया, यानी होने या कुछ करने को बताने वाला शब्द, उसके अनुकूल रखना पड़ता है।

समानता का लाभ लें, लेकिन अपने घर या क्षेत्र की हिंदी को हर परिस्थिति पर लागू न करें। किसी परिवार में “तुम” स्नेहपूर्ण और सामान्य होगा, दूसरे में बच्चों तक से “आप” कहा जाएगा। उर्दू बोलने वालों में भी संबंध, परिवेश और व्यक्तिगत पसंद महत्त्व रखते हैं। संदेह हो तो पहले सम्मान वाला संबोधन अपनाएँ।

रूप और वाक्य कैसे बनते हैं

मुख्य सर्वनाम पहचानें

पहले उस रूप को सीखें जो सामान्य वाक्य में सीधे व्यक्ति का उल्लेख करता है। एकवचन का अर्थ है एक व्यक्ति या वस्तु; बहुवचन का अर्थ है एक से अधिक। आदर के कारण कभी एक व्यक्ति के लिए भी बहुवचन जैसी क्रिया लगती है।

उर्दू रूप हिंदी अर्थ किसके लिए आता है
میں मैं बोलने वाला एक व्यक्ति
ہم हम बोलने वाला और उसके साथ दूसरे लोग
تو तू एक व्यक्ति; बहुत निकटता या तीखा संबोधन
تم तुम एक परिचित व्यक्ति या कई परिचित लोग
آپ आप एक या अधिक व्यक्ति; सम्मानपूर्वक
یہ यह, ये पास का व्यक्ति या वस्तु; एक या अनेक
وہ वह, वे दूर का या पहले उल्लेख किया गया व्यक्ति या वस्तु; एक या अनेक

पढ़ने की शुरुआत में میں को “मैं”, ہم को “हम”, تو को “तू”, تم को “तुम” और آپ को “आप” से जोड़कर याद कर सकते हैं। یہ और وہ बोलचाल में अक्सर “ये” और “वो” के निकट सुनाई देते हैं, लेकिन लिखते समय इन्हीं उर्दू रूपों का प्रयोग करें। यह उच्चारण-सहायता है, अलग वर्तनी का नियम नहीं।

یہ और وہ के भीतर पुरुष या स्त्री का भेद नहीं है। وہ میری بہن ہے۔ में وہ एक स्त्री के लिए है: “वह मेरी बहन है।” وہ میرا بھائی ہے۔ में वही शब्द पुरुष के लिए है: “वह मेरा भाई है।” यह हिंदी के “वह” जैसा ही है। व्यक्ति का लिंग, यानी स्त्री या पुरुष होने का व्याकरण में दिखने वाला भेद, दूसरे शब्दों से स्पष्ट हो सकता है।

तू, तुम या आप—कौन-सा चुनें?

آپ सम्मानपूर्ण संबोधन है। अपरिचित वयस्क से बात करते समय, औपचारिक बातचीत में, या किसी ऐसे व्यक्ति से जिसका सम्मान करना चाहते हों, इससे शुरुआत करें। “औपचारिक” का अर्थ केवल कार्यालय वाला नहीं है: कई घरों में माता-पिता, जीवनसाथी या छोटे बच्चों के लिए भी آپ सामान्य और स्नेहपूर्ण है।

تم परिचय और सहजता बताता है। मित्रों, भाई-बहनों या परिचित साथियों के बीच इसका प्रयोग मिलता है। यह अपने आप में अपमानजनक नहीं, लेकिन किसी अपरिचित को तुरंत تم कहना उसे जरूरत से ज्यादा अनौपचारिक लग सकता है। सामने वाला आपको تم कहे, तो यह आवश्यक नहीं कि आप भी उसे تم कहें; उम्र और संबंध के कारण दोनों के संबोधन अलग हो सकते हैं।

تو सबसे निकट या सबसे नीचे रखा जाने वाला संबोधन हो सकता है। इसका असर स्वर और संबंध पर बहुत निर्भर है: अंतरंगता, लाड़, प्रार्थना, कविता या क्रोध—सबमें यह मिल सकता है। शुरुआती सीखने वाले इसे पहचानें, पर अपरिचित व्यक्ति से प्रयोग न करें। केवल “प्यारा व्यक्ति” होने के कारण किसी को تو कहना सुरक्षित नियम नहीं है।

सर्वनाम के साथ ‘होना’ का सही रूप लगाएँ

हिंदी में “मैं हूँ”, “तुम हो”, “आप हैं” अलग हैं। उर्दू में भी यही अंतर दिखाई देता है। नीचे تیار का अर्थ “तैयार” है।

उर्दू वाक्य हिंदी अर्थ ध्यान देने की बात
میں تیار ہوں۔ मैं तैयार हूँ। मैं के साथ हूँ
ہم تیار ہیں۔ हम तैयार हैं। हम के साथ हैं
تو تیار ہے۔ तू तैयार है। तू के साथ है
تم تیار ہو۔ तुम तैयार हो। तुम के साथ हो
آپ تیار ہیں۔ आप तैयार हैं। एक व्यक्ति को आदर देने पर भी हैं
یہ تیار ہے۔ यह तैयार है। एक व्यक्ति या वस्तु
وہ تیار ہے۔ वह तैयार है। एक व्यक्ति या वस्तु
یہ تیار ہیں۔ ये तैयार हैं। अनेक व्यक्ति या आदरयुक्त उल्लेख
وہ تیار ہیں۔ वे तैयार हैं। अनेक व्यक्ति या आदरयुक्त उल्लेख

ہوں में “हूँ” की और ہیں में “हैं” की नासिक्य ध्वनि है, यानी आवाज़ में नाक की गूँज आती है। ہے और ہیں को केवल लिखावट का मामूली अंतर न मानें: इनके बदलने से संख्या या सम्मान का संकेत बदल सकता है।

केवल आखिरी शब्द नहीं, दूसरे रूप भी बदल सकते हैं

अन्विति का अर्थ है वाक्य के शब्दों का व्यक्ति, संख्या या लिंग के अनुसार मेल खाना। “तुम कहाँ रहते हो?” को “आप कहाँ रहते हैं?” करने पर आखिरी शब्द बदलता है। स्त्री से बात करें तो “रहते” की जगह “रहती” भी आएगा।

उर्दू वाक्य हिंदी अर्थ संबोधन और व्यक्ति
تو کہاں رہتا ہے؟ तू कहाँ रहता है? एक पुरुष, बहुत निकट संबोधन
تو کہاں رہتی ہے؟ तू कहाँ रहती है? एक स्त्री, बहुत निकट संबोधन
تم کہاں رہتے ہو؟ तुम कहाँ रहते हो? एक पुरुष या पुरुषों वाला समूह
تم کہاں رہتی ہو؟ तुम कहाँ रहती हो? एक स्त्री
آپ کہاں رہتے ہیں؟ आप कहाँ रहते हैं? एक पुरुष को सम्मानपूर्वक
آپ کہاں رہتی ہیں؟ आप कहाँ रहती हैं? एक स्त्री को सम्मानपूर्वक

शुरुआत में एक पुरुष और एक स्त्री के लिए दिए गए जोड़े याद करें। मानक रूप में केवल स्त्रियों के समूह के साथ رہتی रहेगा: آپ سب کہاں رہتی ہیں؟ का अर्थ है “आप सब कहाँ रहती हैं?” सम्मान का बहुवचन स्त्री के लिए हर शब्द को पुरुष वाला नहीं बना देता।

آپ मिलते ही वाक्य के अंत में हर जगह ہیں जोड़ना भी गलत होगा। किस शब्द का किससे मेल होगा, यह पूरे वाक्य पर निर्भर करता है। उदाहरण के लिए آپ کا نام کیا ہے؟ सही है, क्योंकि यहाँ पूछा जा रहा है कि आपका नाम क्या है। नाम एक है, इसलिए ہے है।

रोज़मर्रा के संदर्भों में उदाहरण

नीचे परिचय, घर, काम और बातचीत के छोटे वाक्य हैं। पहले उर्दू वाक्य पढ़ें, फिर अर्थ देखकर जाँचें कि संबोधन और क्रिया का मेल सही समझा या नहीं।

उर्दू हिंदी अर्थ संदर्भ
میں پاکستانی ہوں۔ मैं पाकिस्तानी हूँ। अपना परिचय
آپ کا نام کیا ہے؟ आपका नाम क्या है? सम्मानपूर्वक नाम पूछना
تم کہاں رہتے ہو؟ तुम कहाँ रहते हो? परिचित पुरुष से प्रश्न
وہ میری بہن ہے۔ वह मेरी बहन है। परिवार का परिचय
ہم لاہور میں رہتے ہیں۔ हम लाहौर में रहते हैं। अपने समूह की जानकारी
یہ میری دوست ہے۔ यह मेरी सहेली है। पास मौजूद व्यक्ति का परिचय
آپ کیسے ہیں؟ आप कैसे हैं? पुरुष से सम्मानपूर्वक हाल पूछना
آپ کیسی ہیں؟ आप कैसी हैं? स्त्री से सम्मानपूर्वक हाल पूछना
تم میری بات سن رہے ہو؟ क्या तुम मेरी बात सुन रहे हो? परिचित पुरुष से बातचीत
آپ سب اندر آئیے۔ आप सब अंदर आइए। कई लोगों को सम्मानपूर्ण निमंत्रण
ابو گھر پر ہیں۔ पिताजी घर पर हैं। एक व्यक्ति का आदरयुक्त उल्लेख
وہ میرے استاد ہیں۔ वे मेरे शिक्षक हैं। एक शिक्षक के लिए भी संभव
تو میرا سب سے اچھا دوست ہے۔ तू मेरा सबसे अच्छा दोस्त है। केवल ऐसा संबोधन स्वीकार करने वाले घनिष्ठ मित्र से

وہ میرے استاد ہیں۔ का अर्थ संदर्भ में “वे मेरे शिक्षक हैं” है। यह एक सम्मानित शिक्षक के बारे में भी हो सकता है और कई शिक्षकों के बारे में भी। ठीक हिंदी की तरह, केवल “हैं” देखकर लोगों की संख्या तय नहीं होती।

आम गलतियाँ और उनके सुधार

१. आप के साथ है लगाना

  • गलत: آپ تیار ہے۔
  • सही: آپ تیار ہیں۔ — आप तैयार हैं।
  • क्यों: यहाँ सीधे सामने वाले व्यक्ति के तैयार होने की बात है। آپ एक व्यक्ति हो, तब भी उसके साथ सम्मान वाला ہیں चाहिए। इसे آپ کا نام کیا ہے؟ से न मिलाएँ, जहाँ बात नाम की है।

२. तुम के साथ हूँ लगाना

  • गलत: تم کہاں رہتے ہوں؟
  • सही: تم کہاں رہتے ہو؟ — तुम कहाँ रहते हो?
  • क्यों: इस सीधे प्रश्न में تم के साथ ہو लगता है। ہوں मैं वाला रूप है। हिंदी में भी आप “तुम रहते हूँ” नहीं कहते; उसी सहज समझ का सहारा लें।

३. महिला के लिए आदर दिखाते समय पुरुष वाला रूप लगा देना

  • गलत: آپ کہاں رہتے ہیں؟ — यदि एक महिला से उसके रहने की जगह पूछ रहे हों।
  • सही: آپ کہاں رہتی ہیں؟ — आप कहाँ रहती हैं?
  • क्यों: सम्मान के कारण ہیں आया है, लेकिन व्यक्ति स्त्री है, इसलिए رہتی है। लिंग और सम्मान दो अलग बातें हैं।

४. हर आप वाले वाक्य को हैं पर समाप्त करना

  • गलत: آپ کا نام کیا ہیں؟
  • सही: آپ کا نام کیا ہے؟ — आपका नाम क्या है?
  • क्यों: यहाँ नाम पूछा जा रहा है, सामने वाले की अवस्था नहीं। हिंदी में “आपका नाम क्या हैं?” अस्वाभाविक लगता है; उर्दू में भी यही अंतर याद रखें।

५. निकटता जताने के लिए अपरिचित को तू कहना

  • अनुपयुक्त: تو کہاں رہتا ہے؟ — पहली बार मिले वयस्क पुरुष से।
  • उचित: آپ کہاں رہتے ہیں؟ — आप कहाँ रहते हैं?
  • क्यों: पहला वाक्य व्याकरण की दृष्टि से बन सकता है, लेकिन इस परिस्थिति में रूखा लगेगा। व्याकरण की गलती और सामाजिक रूप से अनुचित चुनाव अलग समस्याएँ हैं।

६. यह को हमेशा एक ही व्यक्ति समझना

  • गलत: یہ میرے دوست ہے۔ — यदि कई मित्रों का परिचय दे रहे हों।
  • सही: یہ میرے دوست ہیں۔ — ये मेरे दोस्त हैं।
  • क्यों: उर्दू में یہ का लिखित रूप एकवचन और बहुवचन में वही रहता है। कई मित्र हों तो क्रिया ہیں होगी। हिंदी के “यह/ये” का लिखित अंतर उर्दू में ढूँढ़ने की कोशिश न करें।

बोलचाल और सम्मान की उपयोगी बातें

नाम या रिश्ते के साथ भी आदर दिखता है

आदर केवल آپ से नहीं आता। किसी के बारे में बात करते हुए नाम, रिश्ते या सम्मानसूचक शब्द के साथ भी आदर की क्रिया लग सकती है। استاد صاحب آئے ہیں۔ का अर्थ है “उस्ताद साहब आए हैं।” यह एक व्यक्ति के बारे में हो सकता है।

صاحب का अर्थ “साहब”, صاحبہ का अर्थ “साहिबा” और جی का अर्थ “जी” है। उदाहरण के लिए علی صاحب यानी “अली साहब” तथा استاد جی यानी “उस्ताद जी”। कौन-सा संबोधन स्वाभाविक लगेगा, यह व्यक्ति और परिवेश पर निर्भर है; हर नाम के पीछे सभी सम्मानसूचक शब्द न जोड़ें। जिस रूप में किसी का परिचय कराया जाए, वही अपनाना अच्छा आरंभ है।

स्पष्ट संदर्भ में सर्वनाम छोड़ा भी जा सकता है

آپ کیسے ہیں؟ का अर्थ “आप कैसे हैं?” है। सामने वाले से सीधे पूछते हुए کیسے ہیں؟ यानी “कैसे हैं?” भी सहज हो सकता है। इसी तरह میں ٹھیک ہوں۔ यानी “मैं ठीक हूँ” की जगह ٹھیک ہوں۔ यानी “ठीक हूँ” कहा जा सकता है।

लेकिन क्रिया हर बार व्यक्ति को पूरी तरह नहीं पहचानाती: ہیں हम, आप, वे और किसी एक सम्मानित व्यक्ति के साथ आ सकता है। जहाँ यह स्पष्ट न हो कि बात किसकी है, सर्वनाम रखें। शुरुआत में पूरे वाक्य बोलना अच्छी आदत है; छोटे रूप सुनते-सुनते समझ में आने लगेंगे।

कई लोगों को संबोधित करना

تم और آپ दोनों एक से अधिक लोगों के लिए आ सकते हैं। संख्या साफ करनी हो तो تم سب यानी “तुम सब”, آپ سب यानी “आप सब”, या آپ لوگ यानी “आप लोग” कह सकते हैं। آپ لوگ کیسے ہیں؟ का अर्थ है “आप लोग कैसे हैं?” यहाँ لوگ किसी एक व्यक्ति के लिए आदर बढ़ाने का शब्द नहीं, सचमुच समूह का संकेत है।

आगे की बारीकियाँ: अभी पहचानना पर्याप्त है

इस भाग में वे रूप हैं जो पढ़ने और बातचीत में जल्द मिलेंगे। पहले میں — ہوں, تم — ہو, آپ — ہیں को सहज करें; नीचे की सभी बातें एक साथ याद करना जरूरी नहीं।

मुझे, तुम्हें, आपको और उनके जैसे रूप

हिंदी में “मैं” से “मुझे” और “वह” से “उसको” बनता है। उर्दू में भी सर्वनाम का रूप बदलता है। परसर्ग वे छोटे शब्द हैं जो संबंध बताते हैं, जैसे को, से और के साथ; उर्दू में کو، سے، کے ساتھ। नीचे को वाले रूपों की उपयोगी सूची है।

उर्दू रूप हिंदी अर्थ मूल सर्वनाम
مجھے / مجھ کو मुझे, मुझको मैं वाला रूप
ہمیں / ہم کو हमें, हमको हम वाला रूप
تجھے / تجھ کو तुझे, तुझको तू वाला रूप
تمہیں / تم کو तुम्हें, तुमको तुम वाला रूप
آپ کو आपको आप वाला रूप
اُسے / اُس کو उसे, उसको वह, एकवचन
اُنہیں / اُن کو उन्हें, उनको वे या आदरयुक्त वह
اِسے / اِس کو इसे, इसको यह, एकवचन
اِنہیں / اِن کو इन्हें, इनको ये या आदरयुक्त यह

उर्दू में छोटी स्वर-ध्वनियों के चिह्न अक्सर नहीं लिखे जाते। इसलिए “इसे” और “उसे” का रूप बिना स्वर-चिह्नों के اسے दिख सकता है; संदर्भ और उच्चारण से अंतर स्पष्ट होता है। सीखते समय اِسے को “इसे” और اُسے को “उसे” पहचानें। इसी तरह اِنہیں “इन्हें” और اُنہیں “उन्हें” हैं।

उदाहरण के लिए مجھے پانی چاہیے۔ का अर्थ है “मुझे पानी चाहिए।” میں سے की जगह مجھ سے कहेंगे: مجھ سے بات کیجیے۔ यानी “मुझसे बात कीजिए।” हिंदी के “मुझसे” और “तुमसे” जैसे रूप यहाँ मदद करते हैं, लेकिन सम्मान वाला آپ नहीं बदलता: آپ سے यानी “आपसे”।

मेरा, तुम्हारा और आपका

संबंध या अधिकार बताने वाले रूपों में میرا / میری / میرے “मेरा/मेरी/मेरे”, ہمارا / ہماری / ہمارے “हमारा/हमारी/हमारे”, تیرا / تیری / تیرے “तेरा/तेरी/तेरे”, تمہارا / تمہاری / تمہارے “तुम्हारा/तुम्हारी/तुम्हारे” और آپ کا / آپ کی / آپ کے “आपका/आपकी/आपके” हैं।

इनका आखिरी रूप उस वस्तु या व्यक्ति के अनुसार बदलता है जिसका संबंध बताया जा रहा है, मालिक के पुरुष या स्त्री होने से नहीं। آپ کا نام “आपका नाम” है और آپ کی کتاب “आपकी किताब”। کتاب स्त्रीलिंग शब्द है, इसलिए पुरुष से उसकी किताब के बारे में पूछते हुए भी آپ کی کتاب कहेंगे। اس کا / اس کی / اس کے का अर्थ “उसका/उसकी/उसके” और ان کا / ان کی / ان کے का अर्थ “उनका/उनकी/उनके” है; आदर के कारण दूसरा समूह एक व्यक्ति के लिए भी आ सकता है।

अपना और आप एक चीज़ नहीं हैं

آپ सामने वाले व्यक्ति का सम्मानपूर्ण सर्वनाम है, जबकि اپنا / اپنی / اپنے का अर्थ “अपना/अपनी/अपने” है। میں اپنی کتاب پڑھ رہا ہوں۔ का अर्थ है “मैं अपनी किताब पढ़ रहा हूँ।” यहाँ किताब बोलने वाले की है। میں آپ کی کتاب پڑھ رہا ہوں۔ का अर्थ है “मैं आपकी किताब पढ़ रहा हूँ।” अब किताब सामने वाले की है। लिखावट और ध्वनि में परिचित लगने के बावजूद दोनों का काम अलग है।

आदेश और अनुरोध भी संबोधन के अनुसार बदलते हैं

हिंदी के “बैठ, बैठो, बैठिए” की तरह उर्दू में بیٹھ، بیٹھو، بیٹھیے मिलते हैं। آپ یہاں بیٹھیے۔ का अर्थ है “आप यहाँ बैठिए।” विनम्रता केवल آپ जोड़ देने से नहीं बनती; बैठने के लिए कहने का रूप भी उसी के अनुकूल होना चाहिए।

साहित्य और प्रार्थना में تو कभी गहरी आत्मीयता या भक्ति दिखाता है। इससे रोज़मर्रा में अपरिचित को تو कहने की अनुमति नहीं मिलती। इसी तरह कुछ क्षेत्रीय या साहित्यिक प्रयोगों में ہم एक बोलने वाले के लिए मिल सकता है; शुरुआत में अपना परिचय देते समय सामान्य میں ही रखें। इन विशेष प्रयोगों को संदर्भ सहित पहचानें, सामान्य नियम का विकल्प न बनाएँ।

अभ्यास के तरीके

  1. एक ही सवाल के तीन रूप बनाएँ। पहले किसी पुरुष के लिए “तू कहाँ रहता है?”, “तुम कहाँ रहते हो?”, “आप कहाँ रहते हैं?” उर्दू में लिखें। फिर एक स्त्री के लिए तीनों रूप बदलें। हर बार संबोधन, رہتا / رہتے / رہتی, और आखिरी ہے / ہو / ہیں को अलग-अलग जाँचें।
  2. छह छोटी परिस्थितियाँ चुनें। जैसे नया पड़ोसी, घनिष्ठ मित्र, शिक्षक, सहकर्मी, बहन और मित्रों का समूह। हर परिस्थिति के लिए संबोधन चुनकर एक वाक्य बोलें और कारण बताएँ। जहाँ एक से अधिक चुनाव संभव हों, सोचें कि संबंध बदलने से स्वर कैसा बदलेगा।
  3. सुनते समय पूरी जोड़ी पकड़ें। बातचीत में केवल آپ सुनकर आगे न बढ़ें; उसके साथ ہیں और स्त्री के लिए کیسی / رہتی जैसे रूप भी सुनें। फिर हिंदी अर्थ देखे बिना آپ کا نام کیا ہے؟ और آپ کیسے ہیں؟ लिखें। पहले वाक्य में है और दूसरे में हैं क्यों है, इसे अपने शब्दों में समझाएँ।

संबंधित विषय

इस पर आधारित अवधारणाएँ

और A1 अवधारणाएँ

यह अवधारणा अन्य भाषाओं में

सभी भाषाओं में तुलना करें