C1

कोरियाई में उन्नत आदरसूचक प्रयोग

고급 경어법

यह लेख Settemila Lingue पर कोरियाई व्याकरण-वृक्ष का हिस्सा है।

संक्षेप में

कोरियाई में सुनने वाले के प्रति विनम्रता और जिस व्यक्ति की बात हो रही है उसका सम्मान अलग-अलग चुने जाते हैं। वाक्य का अंत, जैसे -습니다 या -요, सुनने वाले से संबंध दिखाता है; -시-, 께서 और विशेष शब्द चर्चा में आए व्यक्ति का सम्मान दिखाते हैं। इसलिए 선생님이 오셨어 का अर्थ है “शिक्षक आ गए हैं”: शिक्षक के लिए आदर है, लेकिन बात किसी घनिष्ठ व्यक्ति से अनौपचारिक ढंग से कही गई है।

पहले पूरी तस्वीर समझें

हिंदी में “तू, तुम, आप”, “आना, आइए” और “वह आया, वे आए” से परिचय, दूरी और आदर के कई भेद व्यक्त होते हैं। कोरियाई में भी ऐसी संवेदनशीलता चाहिए, पर सारी बात केवल “आप” जैसा कोई शब्द चुन लेने से नहीं बनती। कौन बोल रहा है, किससे बोल रहा है और किसके बारे में बोल रहा है—इन तीनों को अलग पहचानना पड़ता है। नाम या “आप” बार-बार कहे बिना भी क्रिया और वाक्य के अंत से सम्मान व्यक्त किया जा सकता है।

यह विषय C1 स्तर पर इसलिए महत्त्वपूर्ण हो जाता है कि अब परिचित आदरसूचक शब्दों को वास्तविक संबंधों के अनुसार जोड़ना होता है। कार्यालय में वरिष्ठ के आने की सूचना देना, ग्राहक को उत्तर देना, शिक्षक से अनुरोध करना और मित्र से अपने दादाजी की बात करना—इन सबमें सम्मान का संयोजन अलग हो सकता है। हर जगह सबसे भारी आदरसूचक रूप लगा देना अधिक शिष्ट भाषा नहीं बनाता।

इस लेख में कर्ता का मतलब है वह व्यक्ति या चीज़ जो काम करती है या जिसकी स्थिति बताई जाती है। श्रोता वह है जिससे आप बोल रहे हैं। प्राप्तकर्ता वह है जिसे कोई चीज़, सूचना या सेवा दी जाती है। एक ही व्यक्ति इनमें से दो भूमिकाएँ निभा सकता है, लेकिन तीनों हमेशा एक नहीं होते।

यह व्यवस्था कैसे काम करती है

1. सम्मान की तीन दिशाएँ अलग रखें

परंपरागत कोरियाई व्याकरण में इन भेदों को अलग नाम मिलते हैं। नाम याद करने से अधिक उपयोगी है उनका प्रश्न याद रखना।

कोरियाई नाम किस बात का चुनाव है?
상대 높임 सामने वाले से कितनी औपचारिक या विनम्र भाषा बोलनी है? यह मुख्यतः वाक्य के अंत से पता चलता है।
주체 높임 जिस व्यक्ति का काम या हाल बताया जा रहा है, क्या उसके लिए आदर दिखाना है? इसमें -시- और विशेष शब्द आते हैं।
객체 높임 काम जिस आदरणीय व्यक्ति की ओर जाता है, उसका सम्मान कैसे दिखाना है? इसमें 께 और 드리다 जैसे रूप आते हैं।

사장님께서 말씀하셨습니다. — “कंपनी के अध्यक्ष ने कहा।” यहाँ अध्यक्ष कर्ता हैं। 께서 और 말씀하시다 उनके प्रति आदर दिखाते हैं; -습니다 उस व्यक्ति के प्रति औपचारिक विनम्रता दिखाता है जो यह सूचना सुन रहा है। वह श्रोता अध्यक्ष स्वयं भी नहीं हो सकता है।

इसके विपरीत, 제가 확인했습니다. — “मैंने जाँच कर ली है।” यह भी श्रोता के प्रति विनम्र है, लेकिन अपने लिए -시- लगाने की आवश्यकता नहीं है। सम्मान की ये दिशाएँ स्वतंत्र हैं।

2. कर्ता के सम्मान के लिए -시- जोड़ें

क्रिया का आधार यानी शब्दकोश रूप से -다 हटाने पर बचा भाग। सामान्य नियम है: स्वर पर समाप्त आधार के बाद -시-, व्यंजन पर समाप्त आधार के बाद -으시-। यह हिस्सा काल और वाक्य के अंतिम रूप से पहले आता है।

सामान्य रूप → आदरसूचक रूप अर्थ गठन की बात
가다 → 가시다 जाना स्वर के बाद -시- जुड़ता है।
읽다 → 읽으시다 पढ़ना व्यंजन के बाद -으시- जुड़ता है।
살다 → 사시다 रहना आधार का अंतिम ㄹ, -시- से पहले हटता है।
오시다 → 오셨습니다 आदरणीय व्यक्ति आए भूतकाल और औपचारिक अंत साथ आते हैं।
오시다 → 오세요 आदरणीय व्यक्ति आते हैं; संदर्भ में “आइए” भी सामान्य विनम्र बोलचाल का रूप; अर्थ संदर्भ से तय होता है।

선생님께서 책을 읽으십니다. — “शिक्षक पुस्तक पढ़ रहे हैं।” यहाँ 읽으십니다 में पढ़ने वाले के लिए आदर है। हिंदी में चल रहा काम बताने वाला अनुवाद स्वाभाविक है; कोरियाई रूप संदर्भ के अनुसार सामान्य आदत भी बता सकता है।

कुछ शब्द नियमित जोड़ से नहीं, विशेष शब्दावली से बनते हैं। 자다 → 주무시다 “सोना”, 있다 → 계시다 “होना/मौजूद होना” और 먹다 → 드시다 / 잡수시다 “खाना” इसके प्रमुख उदाहरण हैं। 계시다, 주무시다 और 드시다 पहले से आदरसूचक हैं; इनके ऊपर सम्मान दिखाने के लिए मनमाने ढंग से एक और -시- न जोड़ें।

말씀하다 और 말씀드리다 का भेद भी महत्त्वपूर्ण है। 선생님께서 말씀하셨습니다. का अर्थ है “शिक्षक ने कहा”; 제가 선생님께 말씀드렸습니다. का अर्थ है “मैंने शिक्षक से कहा।” पहले में बोलने वाले शिक्षक का आदर है, दूसरे में शिक्षक की ओर निर्देशित अपने बोलने को विनम्र बनाया गया है।

3. 께서 और 께 का काम एक नहीं है

कण यानी किसी नाम के साथ लगने वाला छोटा अंश, जो वाक्य में उसकी भूमिका बताता है। हिंदी में “को, ने, से” अक्सर अलग लिखे जाते हैं; कोरियाई कण सामान्यतः पिछले शब्द से जुड़े लिखे जाते हैं।

रूप और उदाहरण हिंदी अर्थ भूमिका
선생님이 / 선생님께서 शिक्षक, जब वे कर्ता हों 께서, 이/가 का आदरसूचक विकल्प है।
선생님에게 / 선생님께 शिक्षक को 께,에게 का आदरसूचक विकल्प है; बोलचाल के 한테 से भी तुलना की जा सकती है।
선생님은 / 선생님께서는 जहाँ तक शिक्षक की बात है 께서는 में 께서 के बाद 은 जुड़कर चर्चा का विषय उभारता है।
선생님께도 शिक्षक को भी 께 के बाद 도 जुड़ सकता है।

부장님이 오셨습니다. — “विभागाध्यक्ष आ गए हैं।” यह स्वाभाविक और आदरसूचक है। 이 होने से वाक्य अचानक अनादरपूर्ण नहीं हो जाता; 님 और 오셨습니다 पहले ही आदर व्यक्त करते हैं। 부장님께서 오셨습니다 अधिक स्पष्ट आदरसूचक विकल्प है, खासकर औपचारिक परिचय या सूचना में।

परंतु 께 और 께서 को बदला नहीं जा सकता। 선생님께 여쭤봤습니다. — “मैंने शिक्षक से पूछा।” शिक्षक वह व्यक्ति हैं जिनसे सवाल पूछा गया, इसलिए 께 है। 선생님께서 물으셨습니다. — “शिक्षक ने पूछा।” अब शिक्षक पूछने वाले हैं, इसलिए 께서 है।

4. अपनी कार्रवाई को विनम्र बनाना

드리다 “देना”, 여쭙다 “पूछना” और 뵙다 “मिलना/दर्शन करना” ऐसे शब्द हैं जिनसे अपनी कार्रवाई को आदरणीय व्यक्ति के संबंध में विनम्र बनाया जाता है। इसका मतलब अपने लिए अपमानजनक भाषा बोलना नहीं, बल्कि दूसरे का मान रखना है।

  • 선생님께 자료를 드렸습니다. — “मैंने शिक्षक को सामग्री दी।” देने वाला मैं हूँ; सम्मान शिक्षक के लिए है।
  • 내일 교수님을 뵙겠습니다. — “मैं कल प्राध्यापक से मिलूँगा/मिलूँगी।” 뵙다 आदरसूचक शब्द है, फिर भी व्यक्ति के बाद यहाँ 을 है; हर आदरणीय नाम को 께 नहीं चाहिए।
  • 제가 문을 열어 드릴게요. — “मैं आपके लिए दरवाज़ा खोल दूँगा/दूँगी।” -아/어 드리다 किसी के लिए काम विनम्र ढंग से करने का भाव जोड़ता है।

담당자에게 전달해 드리겠습니다. — “मैं इसे संबंधित अधिकारी तक पहुँचा दूँगा/दूँगी।” इसमें संबंधित अधिकारी सूचना पाने वाला है। लेकिन 드리겠습니다 से विनम्र सहायता का लाभ उस ग्राहक या श्रोता की ओर भी हो सकता है जिसके लिए यह काम किया जा रहा है। इसलिए केवल 드리다 देखकर यह न मानें कि उससे ठीक पहले आया हर व्यक्ति ऊँचे पद पर है और उसके साथ 께 अनिवार्य है।

5. वाक्य का अंत श्रोता के अनुसार चुनें

वाणी-स्तर से आशय बोलने के उस ढंग से है जो औपचारिकता और आपसी दूरी दिखाता है। यहाँ रोज़मर्रा के तीन उपयोगी स्तरों का अंतर पर्याप्त है; पूरी प्रणाली अलग विषय है।

कोरियाई हिंदी अर्थ किस तरह की बातचीत?
선생님이 오셨어. शिक्षक आ गए हैं। घनिष्ठ मित्र से; शिक्षक के लिए आदर, मित्र से अनौपचारिक बात।
선생님이 오셨어요. शिक्षक आ गए हैं। सामान्य विनम्र बातचीत।
선생님께서 오셨습니다. शिक्षक आ गए हैं। औपचारिक सूचना या कार्यस्थल की घोषणा।

हिंदी अनुवाद तीनों का एक जैसा हो सकता है, क्योंकि हिंदी में श्रोता से संबंध दिखाने वाला यह खास अंत नहीं है। कोरियाई सीखते समय अनुवाद से आगे बढ़कर दृश्य की कल्पना करना ज़रूरी है।

संदर्भ सहित उदाहरण

नीचे “मैं” वाले हिंदी अनुवादों में वक्ता के अनुसार स्त्रीलिंग या पुल्लिंग चुना जा सकता है। कोरियाई क्रिया में यह भेद नहीं होता।

कोरियाई हिंदी अर्थ ध्यान देने की बात
사장님께서 말씀하셨습니다. कंपनी के अध्यक्ष ने कहा। कर्ता, शब्दावली और अंतिम रूप—तीनों जगह औपचारिक आदर।
부장님이 오셨습니다. विभागाध्यक्ष आ गए हैं। सामान्य कर्ता-कण के साथ भी आदरसूचक क्रिया स्वाभाविक है।
할머니는 지금 주무셔. दादी अभी सो रही हैं। घनिष्ठ व्यक्ति से बात; दादी के लिए आदर बना रहता है।
교수님께서는 지금 연구실에 계십니다. प्राध्यापक इस समय अपने कक्ष में हैं। किसी आदरणीय व्यक्ति की मौजूदगी के लिए 계시다।
선생님께 이메일을 보냈어요. मैंने शिक्षक को ईमेल भेजा है। प्राप्तकर्ता के लिए 께; भेजने वाला स्वयं है।
제가 선생님께 여쭤보겠습니다. मैं शिक्षक से पूछ लूँगा/लूँगी। अपनी कार्रवाई के लिए विनम्र 여쭙다।
내일 고객님을 뵙겠습니다. मैं कल आपसे मिलूँगा/मिलूँगी। ग्राहक से बात करते समय विनम्र मिलने का रूप।
담당자에게 전달해 드리겠습니다. मैं इसे संबंधित अधिकारी तक पहुँचा दूँगा/दूँगी। श्रोता के लिए काम करने का विनम्र आश्वासन।
죄송합니다만, 성함을 다시 말씀해 주시겠어요? क्षमा कीजिए, क्या आप अपना नाम फिर से बता देंगे? क्षमा के साथ अनुरोध; सामने वाले की कार्रवाई में -시-।
회의 시간을 알려 주셔서 감사합니다. बैठक का समय बताने के लिए धन्यवाद। बताने वाले का आदर 주셔서 में है।
고객님, 잠시만 기다려 주십시오. कृपया थोड़ी देर प्रतीक्षा करें। अत्यंत औपचारिक अनुरोध।
제가 확인한 뒤에 다시 연락드리겠습니다. जाँच करने के बाद मैं फिर संपर्क करूँगा/करूँगी। अपने जाँचने में -시- नहीं; संपर्क करने में विनम्र शब्द।

आम गलतियाँ और उनका सुधार

1. अपने काम में -시- लगाना

  • गलत, जब केवल अपने बारे में कह रहे हों: 제가 내일 가시겠습니다.
  • सही: 제가 내일 가겠습니다. — “मैं कल जाऊँगा/जाऊँगी।”
  • कारण: -시- काम करने वाले का आदर दिखाता है। यहाँ कर्ता स्वयं वक्ता है। श्रोता के प्रति विनम्रता के लिए -겠습니다 का अंतिम रूप पर्याप्त है।

2. 께서 को “को” समझ लेना

  • गलत: 선생님께서 선물을 드렸습니다. जब कहना हो “मैंने शिक्षक को उपहार दिया।”
  • सही: 제가 선생님께 선물을 드렸습니다. — “मैंने शिक्षक को उपहार दिया।”
  • कारण: 께서 शिक्षक को देने वाला बना देता है, प्राप्तकर्ता नहीं। इच्छित अर्थ में 께 चाहिए। मूल वाक्य को सिर्फ “कम विनम्र” समझना नहीं, भूमिका की गलती समझना ज़रूरी है।

3. किसी अनजान वरिष्ठ से अनौपचारिक अंत बोलना

  • अनुपयुक्त, पहली औपचारिक मुलाकात में: 부장님, 이 자료 보셨어?
  • उपयुक्त: 부장님, 이 자료 보셨어요? — “क्या आपने यह सामग्री देखी है?”
  • और अधिक औपचारिक: 부장님, 이 자료 보셨습니까?
  • कारण: 보셨어 में विभागाध्यक्ष के लिए -시- है, लेकिन वाक्य का अंत अनौपचारिक है। कर्ता का सम्मान श्रोता के लिए विनम्र अंत का स्थान नहीं लेता।

4. आदर का रूप किसी वस्तु पर लगा देना

  • औपचारिक सेवा में सुनाई देता है, लेकिन सीखने के आदर्श के रूप में अनुचित: 주문하신 커피 나오셨습니다.
  • बेहतर: 주문하신 커피 나왔습니다. — “आपकी मँगाई हुई कॉफ़ी आ गई है।”
  • कारण: 주문하신 में ऑर्डर करने वाले ग्राहक का सम्मान उचित है। लेकिन 나오다 का कर्ता कॉफ़ी है, इसलिए उसके आने में -시- लगाने की आवश्यकता नहीं है।

5. अपने परिचय में अपना नाम आदरसूचक शब्द से बताना

  • अनुपयुक्त: 제 성함은 민수입니다.
  • सही: 제 이름은 민수입니다. — “मेरा नाम मिन्सु है।”
  • कारण: 성함 दूसरे के नाम का आदरसूचक शब्द है। अपना परिचय विनम्र हो सकता है, लेकिन अपने नाम के लिए सामान्य 이름 ही चुनें।

6. हर विनम्र अनुरोध में 드리다 लगा देना

  • अनुपयुक्त, जब ग्राहक से नाम पूछ रहे हों: 성함을 말씀해 드리세요.
  • सही: 성함을 말씀해 주세요. — “कृपया अपना नाम बताइए।”
  • कारण: ग्राहक से अपने लिए सेवा करवाते समय उसे “मेरे प्रति विनम्र होकर कीजिए” वाला रूप न थोपें। 말씀해 드리다 तब उपयुक्त है जब आप किसी आदरणीय व्यक्ति को कुछ बताने की बात कर रहे हों।

व्यवहार में किन बातों का ध्यान रखें

पद, उम्र और निकटता साथ काम करते हैं

केवल उम्र देखकर निर्णय न लें। कार्यस्थल का पद, व्यक्ति से परिचय, बातचीत सार्वजनिक है या निजी, और संस्था की अपनी शैली—सबका असर पड़ता है। नए कार्यालय में -습니다 से शुरू करना सुरक्षित हो सकता है; परिचित सहकर्मियों के बीच -요 भी सामान्य है। -요 को “बच्चों की भाषा” या “कम सम्मान” मानना गलत है।

नाम के साथ -님 और पदनाम उपयोगी हैं: 팀장님 “दल-प्रमुख”, 교수님 “प्राध्यापक”। हिंदी की आदत से हर जगह “आप” का सीधा विकल्प 당신 न रखें। सामान्य विनम्र बातचीत में इसका उपयोग अक्सर अस्वाभाविक या टकरावपूर्ण लग सकता है। उचित पदनाम लें या संदर्भ स्पष्ट हो तो व्यक्ति का उल्लेख छोड़ दें।

स्तर बदलना कब स्वाभाविक है?

प्रस्तुति में 설명드리겠습니다 — “मैं समझाता/समझाती हूँ” और प्रश्नोत्तर में 궁금한 점 있으세요? — “क्या आपका कोई प्रश्न है?” साथ आ सकते हैं। पहला औपचारिक है, दूसरा श्रोताओं से सहज विनम्र जुड़ाव बनाता है। यह स्वाभाविक बदलाव है, नियम तोड़ना नहीं।

लेकिन बिना कारण एक वाक्य में बहुत औपचारिक और अगले में घनिष्ठ अनौपचारिक अंत बदलते रहना असहज लग सकता है। शुरुआत में एक मुख्य स्तर बनाए रखें; बदलाव तभी करें जब परिस्थिति और संबंध समझ में आएँ।

शिष्टता केवल व्याकरण नहीं है

죄송합니다만… — “क्षमा कीजिए, लेकिन…” अनुरोध या असहमति को नरम कर सकता है। फिर भी हर असहमति से पहले लंबी क्षमा माँगना आवश्यक नहीं। 확인 부탁드립니다. — “कृपया जाँच कर दें” कार्यालयी संदेश में स्वाभाविक है, पर मित्रों की बातचीत में दूरी पैदा कर सकता है। सही रूप का अर्थ है संदर्भ के अनुरूप रूप, न कि हमेशा सबसे लंबा रूप।

आगे की बारीकियाँ

आदरणीय व्यक्ति से जुड़ी चीज़ों का उल्लेख

선생님은 손이 크세요. — “शिक्षक के हाथ बड़े हैं।” यहाँ हाथों को स्वतंत्र सम्मान नहीं दिया जा रहा; उनकी विशेषता बताकर शिक्षक के बारे में कहा जा रहा है। ऐसे प्रयोग को अप्रत्यक्ष आदर कहा जा सकता है: किसी व्यक्ति से निकटता से जुड़ी बात के माध्यम से उसी व्यक्ति का मान रखा जाता है।

इसीलिए 할아버지께서는 시간이 없으세요. — “दादाजी के पास समय नहीं है” स्वाभाविक है। इसे कॉफ़ी के लिए 나오셨습니다 लगाने का सामान्य नियम न बनाएँ। व्यक्ति के शरीर, स्थिति या निजी परिस्थिति से संबंध और किसी सेवा की वस्तु को बेवजह आदर देने में फर्क है।

계시다 और 있으시다 का अंतर

किसी आदरणीय व्यक्ति की जगह बतानी हो तो 계시다 उपयोगी है: 선생님께서 교실에 계세요. — “शिक्षक कक्षा में हैं।” लेकिन “आपके पास समय है?” के लिए 시간 있으세요? स्वाभाविक है, न कि हर बार 있다 को 계시다 से बदल देना। मौजूद व्यक्ति और उस व्यक्ति के पास उपलब्ध वस्तु या समय का अंतर देखें।

सुनी हुई बात दोहराते समय

선생님께서 내일 오신다고 하셨어요. — “शिक्षक ने कहा कि वे कल आएँगे।” इसमें अंदर के हिस्से 오신다고 में आने वाले शिक्षक का आदर है, और बाहर 하셨어요 में कहने वाले शिक्षक का।

इसके विपरीत 민수가 선생님께서 내일 오신다고 했어요. — “मिन्सु ने कहा कि शिक्षक कल आएँगे।” अंदर शिक्षक के आने में आदर है, लेकिन बाहर कहने वाले मिन्सु के लिए सामान्य क्रिया है। उपवाक्य, यानी बड़े वाक्य के भीतर अपना छोटा कथन रखने वाला हिस्सा, अपना अलग कर्ता रख सकता है। हर क्रिया के लिए फिर से पूछें: यह काम कौन कर रहा है?

अपने से वरिष्ठ की बात उससे भी वरिष्ठ के सामने

परंपरागत 압존법 में श्रोता से नीचे माने जाने वाले व्यक्ति के लिए कुछ आदरसूचक रूप दबाए जा सकते हैं। उदाहरण के लिए, दादाजी से पिता की बात करते समय पारंपरिक पारिवारिक भाषा में 할아버지, 아버지가 왔습니다. — “दादाजी, पिताजी आ गए हैं” जैसा रूप मिल सकता है।

इसे आधुनिक जीवन का सार्वभौमिक आदेश न मानें। परिवारों, पीढ़ियों और संस्थाओं में व्यवहार अलग है। आधुनिक कार्यालय में केवल इसलिए अपने प्रबंधक के लिए -시- हटा देना कि उससे ऊँचे अधिकारी सुन रहे हैं, आवश्यक नियम नहीं है। सीखने वाले के लिए सामान्य आदरसूचक रूप बनाए रखना और स्थानीय प्रथा देखना अधिक सुरक्षित है।

गलत आदरसूचक रूपों से अधिक सम्मान नहीं मिलता

कभी सेवा-भाषा में 고객님께서 말씀하신 내용이 맞으세요. जैसा रूप सुनाई देता है। यदि केवल “आपकी कही बात सही है” बताना है, तो 고객님께서 말씀하신 내용이 맞습니다. अधिक साफ विकल्प है। बात कहने वाले ग्राहक का सम्मान 말씀하신 में हो चुका है; सही होने वाली चीज़ कथन है। सम्मान की मात्रा गिनने के बजाय हर रूप का वास्तविक संदर्भ देखें।

अभ्यास के उपयोगी तरीके

  1. हर वाक्य में तीन भूमिकाएँ लिखें। उदाहरण के लिए, “मैं ग्राहक को बताता हूँ कि विभागाध्यक्ष आ गए हैं।” अलग लिखें: वक्ता कौन, श्रोता कौन, आने वाला कौन। फिर बनाएँ: 부장님께서 오셨다고 고객님께 말씀드렸습니다. — “मैंने ग्राहक को बताया कि विभागाध्यक्ष आ गए हैं।” दोनों सम्मान-दिशाएँ अलग पहचानें।
  2. केवल एक दिशा बदलें। 할머니가 오셨어 — “दादी आ गई हैं” को पहले मित्र से, फिर परिचित पड़ोसी से, फिर औपचारिक सभा में कहने की कल्पना करें। दादी के लिए आदर बनाए रखते हुए अंत को 오셨어요, फिर 오셨습니다 करें। इसके बाद श्रोता वही रखें और दादी की जगह स्वयं को कर्ता बनाएँ; देखें कि -시- क्यों हटता है।
  3. कार्यस्थल का छोटा संवाद तैयार करें। उसमें क्षमा, अनुरोध, जाँच का आश्वासन और संपर्क का वादा रखें। हर -시-, 께, 드리다 को रेखांकित करके पूछें कि वह किसका सम्मान दिखा रहा है। उत्तर साफ न हो, तो वाक्य सरल करें।

संबंधित विषय

पूर्व-आवश्यकता

कोरियाई भाषा में आदरसूचक शब्दावली (존댓말 어휘)B1

इस पर आधारित अवधारणाएँ

और C1 अवधारणाएँ