A1

कोरियाई में औपचारिक वाक्यांत -ㅂ니다/습니다

합쇼체

यह लेख Settemila Lingue पर कोरियाई व्याकरण-वृक्ष का हिस्सा है।

संक्षेप में

कोरियाई में -ㅂ니다/습니다 से बात औपचारिक और विनम्र ढंग से कही जाती है। शब्दकोश के रूप से 다 हटाएँ; बचे हिस्से के अंत में स्वर हो तो -ㅂ니다, व्यंजन हो तो -습니다 जोड़ें: 가다 → 갑니다 यानी «जाना», और 먹다 → 먹습니다 यानी «खाना» का औपचारिक रूप। अंत में ㄹ हो तो उसे हटाकर -ㅂ니다 लगाते हैं: 살다 → 삽니다, «रहना»। औपचारिक प्रश्न के लिए इनके बदले -ㅂ니까?/습니까? आते हैं।

यह रूप किस काम आता है?

समाचार सुनते समय, किसी कार्यक्रम में परिचय देते समय या कार्यालय में औपचारिक सूचना देते समय आपको यह वाक्यांत बार-बार सुनाई देगा। वाक्यांत का मतलब है वाक्य के आखिरी शब्द का वह हिस्सा जो बताता है कि बात किस ढंग से कही जा रही है। 감사합니다 «धन्यवाद» और 반갑습니다 «आपसे मिलकर खुशी हुई» इसके बहुत परिचित उदाहरण हैं। A1 स्तर पर यह सीखना उपयोगी है, क्योंकि कुछ ही नियमों से आप अपना परिचय और साधारण जानकारी सम्मानपूर्वक दे सकते हैं।

इस औपचारिक विनम्र बोलचाल को कोरियाई में 합쇼체 कहते हैं। इसका संबंध मुख्यतः सुनने वाले के प्रति विनम्रता से है। यह सिर्फ किसी बड़े व्यक्ति के बारे में बोलने का तरीका नहीं है: आप अपने बारे में, मौसम के बारे में या किसी वस्तु के बारे में भी इसी शैली में बात कर सकते हैं।

हिंदी में «तुम जाते हो» और «आप जाते हैं» के बीच सम्मान का अंतर है। यह तुलना शुरुआत में मदद करती है, लेकिन कोरियाई व्यवस्था बिल्कुल वैसी नहीं है। यहाँ केवल «आप» के लिए कोई शब्द चुन लेना काफी नहीं; वाक्य का अंत भी उपयुक्त होना चाहिए। दूसरी ओर, कोरियाई का यह रूप बोलने वाले के स्त्री या पुरुष होने से नहीं बदलता। 갑니다 का हिंदी अर्थ प्रसंग के अनुसार «जाता हूँ», «जाती हूँ», «जाते हैं» आदि हो सकता है।

रूप कैसे बनता है?

पहले शब्द का आधार पहचानें

कोरियाई शब्दकोश में क्रिया, यानी काम बताने वाला शब्द, आम तौर पर 다 पर समाप्त होता है। 다 हटाने पर बचा हिस्सा 어간, अर्थात शब्द का आधार, कहलाता है। उदाहरण के लिए 먹다 «खाना» का आधार 먹- है। यहाँ आधार के बाद लगा छोटा चिह्न केवल यह दिखाता है कि आगे कोई अंत जुड़ेगा; पूरे कोरियाई शब्द में इसे नहीं लिखते।

कोरियाई में गुण या अवस्था बताने वाले कई शब्द भी इसी तरह वाक्य समाप्त कर सकते हैं। हिंदी में हम «कमरा छोटा है» कहते हैं, लेकिन कोरियाई 작습니다 में «छोटा» और वाक्य पूरा करने वाला रूप साथ हैं। इसके बाद अलग से 입니다 जोड़ने की जरूरत नहीं होती।

स्वर के बाद -ㅂ니다, व्यंजन के बाद -습니다

स्वर जैसे ㅏ, ㅓ, ㅗ, ㅜ, ㅡ, ㅣ अपने आप बोले जा सकने वाले ध्वनि-चिह्न हैं। व्यंजन जैसे ㄱ, ㄴ, ㅁ, ㅂ दूसरे प्रकार के ध्वनि-चिह्न हैं। किसी कोरियाई अक्षरखंड के नीचे लिखा अंतिम व्यंजन 받침 कहलाता है। चुनाव पूरे शब्दकोश-रूप के अंतिम 다 को देखकर नहीं, बल्कि उसे हटाने के बाद बचे आधार को देखकर करें।

शब्दकोश-रूप अर्थ आधार औपचारिक रूप
가다 जाना 가- 갑니다
오다 आना 오- 옵니다
하다 करना 하- 합니다
배우다 सीखना 배우- 배웁니다
먹다 खाना 먹- 먹습니다
읽다 पढ़ना 읽- 읽습니다
좋다 अच्छा होना 좋- 좋습니다
있다 होना; मौजूद होना 있- 있습니다
없다 न होना 없- 없습니다

स्वर पर समाप्त आधार में ㅂ पिछले अक्षरखंड के नीचे जुड़ता है: 가 + ㅂ니다 → 갑니다। इसे 가ㅂ니다 जैसे अलग-अलग अक्षरों में न लिखें। व्यंजन के बाद 습니다 एक अतिरिक्त हिस्सा बनकर आता है: 먹 + 습니다 → 먹습니다।

जरूरी अपवाद: आधार के अंत का ㄹ हटता है

शुरुआती नियम में एक खास बात जोड़ना जरूरी है: ㄹ पर समाप्त आधार में ㄹ हट जाता है और -ㅂ니다 जुड़ता है। इसलिए यहाँ साधारण व्यंजन वाला नियम सीधे नहीं लगाएँ।

शब्दकोश-रूप अर्थ सही औपचारिक रूप
살다 रहना; जीना 삽니다
알다 जानना 압니다
만들다 बनाना 만듭니다
놀다 खेलना; समय बिताना 놉니다

살다 → 살습니다 नहीं होता। साथ ही, 사다 «खरीदना» से भी 삽니다 बनता है। दोनों के एक जैसे दिखने पर अर्थ पूरे वाक्य से समझें: 서울에 삽니다 का अर्थ «सोल में रहता/रहती हूँ» है, जबकि 책을 삽니다 का अर्थ «किताब खरीदता/खरीदती हूँ» है।

प्रश्न बनाते समय अंत बदलें

औपचारिक प्रश्नों में उसी आधार के साथ -ㅂ니까? या -습니까? लगाया जाता है। ㄹ हटने का नियम यहाँ भी लागू होता है। सिर्फ -ㅂ니다 के बाद प्रश्नचिह्न लगा देना नियमित प्रश्न-निर्माण का तरीका नहीं है।

कथन प्रश्न प्रश्न का अर्थ
갑니다. 갑니까? क्या जाते हैं?
먹습니다. 먹습니까? क्या खाते हैं?
좋습니다. 좋습니까? क्या अच्छा है?
삽니다. 삽니까? क्या रहते हैं? / क्या खरीदते हैं?

इन वाक्यों में कौन जा रहा है या खा रहा है, यह बातचीत से स्पष्ट हो सकता है। कोरियाई में हर बार «मैं», «आप» या «वे» कहना आवश्यक नहीं।

नाम या पहचान के साथ 입니다

संज्ञा, यानी व्यक्ति, वस्तु, जगह या पहचान का नाम, आने पर 입니다 प्रयोग होता है। यह 이다 «होना» का औपचारिक रूप है। हिंदी में अक्सर इसका अनुवाद «हूँ», «है» या «हैं» होगा।

  • 저는 학생입니다. — मैं विद्यार्थी हूँ।
  • 저는 의사입니다. — मैं डॉक्टर हूँ।
  • 학생입니까? — क्या आप विद्यार्थी हैं?

संज्ञा स्वर पर समाप्त हो या व्यंजन पर, इन उदाहरणों में 입니다 ही रहता है: 의사입니다, 학생입니다। इसे क्रिया वाला स्वर/व्यंजन नियम लगाकर 의삽니다 नहीं बनाते। «नहीं है» कहने का सामान्य औपचारिक रूप 아닙니다 है: 저는 학생이 아닙니다, «मैं विद्यार्थी नहीं हूँ»।

अलग-अलग स्थितियों में उदाहरण

नीचे के वाक्यों में हिंदी अर्थ के लिए जहाँ जरूरी है, व्यक्ति और लिंग स्पष्ट किए गए हैं। कोरियाई वाक्यांत खुद यह जानकारी नहीं देता।

कोरियाई हिंदी अर्थ ध्यान देने की बात
저는 인도 사람입니다. मैं भारत से हूँ। पहचान बताने के लिए 입니다।
저는 회사에 갑니다. मैं दफ्तर जाता/जाती हूँ। 가다 से 갑니다।
매일 한국어를 공부합니다. मैं रोज कोरियाई पढ़ता/पढ़ती हूँ। 공부하다 से 공부합니다।
아침에 밥을 먹습니다. मैं सुबह खाना खाता/खाती हूँ। व्यंजन वाले आधार के बाद 습니다।
도서관에서 책을 읽습니다. मैं पुस्तकालय में किताब पढ़ता/पढ़ती हूँ। पढ़ने की क्रिया का औपचारिक रूप।
저는 서울에 삽니다. मैं सोल में रहता/रहती हूँ। 살다 का ㄹ हट गया है।
이 방은 작습니다. यह कमरा छोटा है। गुण बताने वाला शब्द भी यही अंत लेता है।
오늘은 시간이 없습니다. आज मेरे पास समय नहीं है। 없다 से 없습니다।
회의는 세 시에 시작합니다. बैठक तीन बजे शुरू होती है। औपचारिक सूचना में स्वाभाविक।
감사합니다. धन्यवाद। धन्यवाद देने का प्रचलित विनम्र वाक्य।
만나서 반갑습니다. आपसे मिलकर खुशी हुई। पहली मुलाकात में उपयोगी।
질문이 있습니까? क्या कोई सवाल है? सभा या प्रस्तुति में पूछा जा सकता है।
어디에 삽니까? आप कहाँ रहते हैं? स्थान पूछने वाला औपचारिक प्रश्न।
저는 커피를 마시지 않습니다. मैं कॉफी नहीं पीता/पीती हूँ। नकार के साथ औपचारिक अंत।

감사합니다 और 반갑습니다 को केवल नियम निकालने के लिए नहीं, पूरे व्यवहारिक वाक्य की तरह भी याद करें। हिंदी में 반갑습니다 का हर शब्द अलग करके अनुवाद करने के बजाय «आपसे मिलकर खुशी हुई» कहना अधिक स्वाभाविक है।

आम गलतियाँ और उनके सुधार

1. 다 हटाए बिना नया अंत जोड़ना

  • गलत: 가다습니다.
  • सही: 갑니다.
  • कारण: औपचारिक अंत शब्दकोश के पूरे रूप पर नहीं, आधार पर जुड़ता है। पहले 가다 → 가-, फिर 가- → 갑니다 करें।

2. हर शब्द के साथ 습니다 लगाना

  • गलत: 가습니다.
  • सही: 갑니다.
  • कारण: 가- स्वर पर समाप्त होता है। अंतिम ㅂ उसी अक्षरखंड में जुड़कर 갑 बनाता है। उलटी गलती 먹니다 भी न करें; 먹- के बाद 습니다 चाहिए।

3. ㄹ को सामान्य अंतिम व्यंजन मान लेना

  • गलत: 만들습니다.
  • सही: 만듭니다.
  • कारण: 만들- का अंतिम ㄹ इस अंत से पहले हटता है। इसी तरह 알다 → 압니다 और 살다 → 삽니다 याद करें।

4. औपचारिक प्रश्न में कथन वाला अंत रखना

  • गलत, सामान्य औपचारिक प्रश्न के रूप में: 어디에 갑니다?
  • सही: 어디에 갑니까?
  • कारण: «कहाँ जाते हैं?» पूछने के नियमित औपचारिक ढाँचे में -ㅂ니까? चाहिए। खास प्रसंग में किसी की बात दोहराकर पूछना अलग बात है; शुरुआत में कथन और प्रश्न के रूप अलग रखें।

5. हिंदी की तरह गुण बताने के बाद अलग «है» जोड़ना

  • गलत: 이 방은 작습니다입니다.
  • सही: 이 방은 작습니다.
  • कारण: 작습니다 अपने आप पूरा वाक्य बना सकता है। 입니다 नाम या पहचान के साथ आता है; उसे हर वाक्य के अंत में अतिरिक्त «है» समझकर न जोड़ें।

6. विनम्र अंत के ऊपर फिर 요 जोड़ना

  • गलत: 감사합니다요.
  • सही: 감사합니다.
  • कारण: -ㅂ니다/습니다 पहले से विनम्र औपचारिक अंत हैं। इनके बाद और 요 जोड़कर मानक रूप को ज्यादा सम्मानपूर्ण नहीं बनाया जाता।

व्यवहार में कौन-सी शैली चुनें?

-ㅂ니다/습니다 और -아요/어요 दोनों सुनने वाले के प्रति विनम्र हो सकते हैं। अंतर केवल «आदर है या नहीं» का नहीं, बल्कि औपचारिकता का भी है। 갑니다 अपेक्षाकृत औपचारिक है; 가요 रोज की विनम्र बातचीत में अधिक सहज लग सकता है। इसलिए हर अनजान व्यक्ति से हमेशा -ㅂ니다/습니다 ही बोलना जरूरी नहीं। दुकान, कैफे और सामान्य बातचीत में -아요/어요 भी बहुत आम है।

इंटरव्यू, तैयार भाषण, समाचार और औपचारिक परिचय में 합쇼체 उपयोगी है। फिर भी इसे सिर्फ लिखित भाषा न समझें: यह बोली और लिखी, दोनों तरह की भाषा में मिलती है। दूसरी ओर, हर औपचारिक लिखित दस्तावेज में यही शैली हो, ऐसा भी नहीं है।

हिंदी के «आप» को सीधे कोरियाई 당신 से बदलने की आदत न डालें। औपचारिक अंत होने पर भी 당신 हर अजनबी के लिए सुरक्षित संबोधन नहीं बन जाता। बातचीत में सामने वाले का नाम, पद या उपयुक्त संबोधन लिया जा सकता है; जहाँ बात स्पष्ट हो, «आप» के बराबर कोई शब्द छोड़ देना भी सामान्य है।

शुरू में एक छोटे परिचय के कथन एक ही शैली में रखें: 안녕하십니까? 저는 미나입니다. 만나서 반갑습니다. — «नमस्कार। मैं मीना हूँ। आपसे मिलकर खुशी हुई।» बाद में आप देखेंगे कि स्वाभाविक बातचीत में औपचारिक और रोजमर्रा की विनम्र शैली प्रसंग के अनुसार बदल भी सकती है।

आगे की बारीकियाँ — बाद में सीखने के लिए

शुरुआत में स्वर, व्यंजन और ㄹ के तीन नियम पर्याप्त हैं। नीचे की बातें पहचानने योग्य हैं, लेकिन इन्हें पहले दिन ही बोलने में लाना जरूरी नहीं।

विनम्रता और किसी व्यक्ति का सम्मान अलग बातें हैं

-ㅂ니다/습니다 सुनने वाले के प्रति विनम्रता दिखाता है। -(으)시- उस व्यक्ति के प्रति सम्मान दिखा सकता है जिसके काम या स्थिति की बात हो रही है। यह छोटा हिस्सा अंतिम वाक्यांत से पहले आता है।

  • 선생님이 오십니다. — शिक्षक आ रहे हैं।
  • 선생님이 책을 읽으십니다. — शिक्षक किताब पढ़ रहे हैं।

पहले वाक्य में 오다 → 오시다 → 오십니다 है; दूसरे में 읽다 → 읽으시다 → 읽으십니다। इससे यह भी समझें कि 오십니다 का साधारण अर्थ अपने लिए «मैं आता हूँ» नहीं है। अपने काम के लिए सामान्यतः 옵니다 कहेंगे। कुछ शब्दों के विशेष आदरसूचक रूप भी होते हैं, जैसे «खाना» के लिए 드시다; केवल औपचारिक अंत सीख लेना पूरे आदरसूचक तंत्र को सीख लेना नहीं है।

भूतकाल और नकार में अंत आखिरी हिस्से से जुड़ता है

भूतकाल, यानी पहले हो चुके काम का रूप, बनाने के बाद उसके आगे औपचारिक अंत लगता है। इसलिए यह शैली केवल वर्तमान समय तक सीमित नहीं है।

  • 갔습니다. — गया/गई; गए।
  • 먹었습니다. — खाया; खाया था।
  • 공부했습니다. — पढ़ाई की।

इनमें 갔-, 먹었-, 공부했- व्यंजन पर समाप्त होते हैं, इसलिए 습니다 आता है। समय का पूरा अर्थ आसपास की बात से स्पष्ट होता है।

नकार, यानी «नहीं» कहने का एक उपयोगी ढाँचा, आधार + 지 않습니다 है: 가지 않습니다, «नहीं जाता/जाती हूँ»; 먹지 않습니다, «नहीं खाता/खाती हूँ»। यहाँ 않다 का आधार 않- है, जिसके बाद 습니다 जुड़ता है। 없습니다 और 아닙니다 भी याद रखें, लेकिन उन्हें हर तरह के «नहीं» की जगह न रखें: 돈이 없습니다 का अर्थ «पैसे नहीं हैं» है; 의사가 아닙니다 का अर्थ «डॉक्टर नहीं है» है।

दूसरे रूपों में दिखने वाले बदलाव यहाँ जरूरी नहीं होते

कुछ शब्द -아요/어요 के साथ आधार बदलते हैं, लेकिन -ㅂ니다/습니다 के साथ वही बदलाव नहीं दिखाते। जैसे 듣다 «सुनना» से 들어요, लेकिन 듣습니다; 춥다 «ठंडा होना» से 추워요, लेकिन 춥습니다। इसलिए 들어요 देखकर 들습니다 को «सुनता हूँ» का सही रूप न मान लें। इस औपचारिक ढाँचे में शब्दकोश के आधार पर लौटें और ㄹ वाले अलग नियम को याद रखें।

कथन को आदेश या सुझाव न समझें

갑니다 सामान्यतः «जाता हूँ/जाते हैं» जैसा कथन है; यह अपने आप «जाइए» या «चलिए» नहीं बन जाता। औपचारिक निर्देश में 가십시오, «जाइए», और साथ मिलकर कुछ करने के सुझाव में 갑시다, «चलिए», जैसे अलग रूप मिलते हैं। 갑니다 और 갑시다 में केवल एक अक्षर का अंतर दिखता है, लेकिन उनका काम अलग है। -(으)ㅂ시다 को भी किसी वरिष्ठ व्यक्ति से हर स्थिति में विनम्र अनुरोध करने का सार्वभौमिक तरीका न समझें।

उच्चारण में जैसा सुनाई दे, वैसा ही न लिखें

ㅂ के बाद ㄴ आने पर बोलते समय ध्वनि बदलती है। इसलिए 갑니다 लगभग [감니다], 합니다 लगभग [함니다], और 입니다 लगभग [임니다] सुनाई देते हैं। कोष्ठक में दिए रूप केवल उच्चारण समझाने के लिए हैं; सही वर्तनी 갑니다, 합니다, 입니다 ही रहती है। इसी वजह से रिकॉर्डिंग सुनते समय लिखे हुए ㅂ का अलग, साफ उच्चारण खोजते रहना जरूरी नहीं।

अभ्यास कैसे करें?

  1. तीन छोटी सूचियाँ बनाएँ। स्वर वाले आधारों में 가다, 오다, 하다, सामान्य व्यंजन वाले आधारों में 먹다, 읽다, 좋다, और ㄹ वाले आधारों में 살다, 알다, 만들다 रखें। हर शब्द से 다 हटाकर औपचारिक कथन लिखें। फिर उन्हीं रूपों को प्रश्न में बदलें: 갑니다 → 갑니까?।
  2. अपने बारे में तीन सच्चे वाक्य तैयार करें। परिचय के लिए 저는 …입니다, रहने की जगह के लिए 저는 …에 삽니다, और पढ़ाई के लिए …를/을 공부합니다 इस्तेमाल करें। किसी को संबोधित करने से पहले «आप» का सीधा अनुवाद ढूँढ़ने के बजाय देखें कि संबोधन छोड़कर भी बात स्पष्ट है या नहीं।
  3. छोटी घोषणा सुनकर अंत पहचानें। किसी समाचार या सार्वजनिक सूचना में पहले केवल -ㅂ니다/습니다 और -ㅂ니까/습니까 सुनने की कोशिश करें। एक वाक्य लिखें, उसका अर्थ जाँचें और रिकॉर्डिंग के साथ दोहराएँ। खास तौर पर 합니다 की वर्तनी और सुनाई देने वाले [함니다] का संबंध याद करें।

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