उर्दू में कृदंत और क्रिया के संज्ञा रूप
اسم فاعل اور اسم فعل
यह लेख Settemila Lingue पर उर्दू व्याकरण-वृक्ष का हिस्सा है।
संक्षेप में
उर्दू में क्रिया से किसी व्यक्ति या वस्तु की स्थिति बताई जा सकती है: ٹوٹی ہوئی کھڑکی का अर्थ है “टूटी हुई खिड़की”। क्रिया किसी काम का नाम भी बन सकती है: پڑھنا اچھی عادت ہے۔ यानी “पढ़ना अच्छी आदत है।” हिन्दी के “पढ़ना → पढ़ने के लिए” की तरह उर्दू में भी پڑھنا → پڑھنے کے لیے होता है; वहीं “खुला दरवाज़ा” और “खुली खिड़की” में वर्णन करने वाला रूप बदलता है।
एक नज़र में
“टूटी हुई खिड़की”, “हँसता हुआ बच्चा” और “पढ़ना अच्छी आदत है”—इनमें क्रिया तीन अलग काम करती है। पहले दो में वह किसी चीज़ या व्यक्ति का वर्णन कर रही है। तीसरे में वह खुद एक काम का नाम है। कृदंत क्रिया से बना ऐसा रूप है जो विशेषण, यानी किसी व्यक्ति या वस्तु का गुण या अवस्था बताने वाले शब्द, की तरह भी काम कर सकता है। क्रिया का संज्ञा रूप किसी काम को नाम की तरह पेश करता है; संज्ञा वह शब्द है जो किसी व्यक्ति, वस्तु, विचार या काम का नाम बताए।
हिन्दीभाषी पाठक के लिए यह विषय अर्थ की दृष्टि से काफ़ी परिचित है। उर्दू का بیٹھا ہوا آدمی “बैठा हुआ आदमी” है और تیرنا “तैरना” है। इसलिए हर वाक्य को नए व्याकरण की तरह याद करने के बजाय परिचित हिन्दी ढाँचे के साथ उर्दू की वर्तनी और शब्दों का मेल देखना अधिक उपयोगी होगा। फिर भी हर क्रिया से एक जैसा विशेषण नहीं बनता, और किसी काम का पूरा होना तथा उससे बनी स्थिति एक ही बात नहीं हैं।
यह विषय बी१ स्तर पर पहले से सीखे کرتا، کرتی، کرتے जैसे रूपों को आगे बढ़ाता है। अब लक्ष्य केवल “वह पढ़ता है” कहना नहीं, बल्कि “पढ़ता हुआ लड़का”, “लिखा हुआ पता” और “पढ़ने के बाद” जैसे छोटे, उपयोगी शब्दसमूह बनाना है।
रूप कैसे बनते हैं और कैसे काम करते हैं?
१. काम के बाद बनी अवस्था बताना
पूर्ण कृदंत वह रूप है जो काम के पूरा होने या उससे बनी अवस्था को व्यक्त करता है। हिन्दी के “टूटा”, “खुला” और “लिखा” जैसे रूप उर्दू में भी मिलते हैं। इनके साथ ہوا जोड़ने से उस अवस्था का वर्णन अधिक स्पष्ट हो सकता है।
| उर्दू रूप | हिन्दी अर्थ | ध्यान देने की बात |
|---|---|---|
| ٹوٹنا ← ٹوٹا ہوا | टूटना ← टूटा हुआ | टूटने से बनी अवस्था |
| کھلنا ← کھلا ہوا | खुलना ← खुला हुआ | किसी चीज़ का खुला होना |
| لکھنا ← لکھا ہوا | लिखना ← लिखा हुआ | पहले से लिखी हुई सामग्री |
| سونا ← سویا ہوا | सोना ← सोया हुआ | नींद की अवस्था |
| بیٹھنا ← بیٹھا ہوا | बैठना ← बैठा हुआ | बैठी हुई स्थिति |
| بند | बंद | प्रचलित विशेषण; इसे हर बार नया कृदंत मानकर न बनाएँ |
यहाँ तीर के दोनों ओर क्रिया का मूल रूप और उससे बना वर्णन दिया गया है। तीर को किसी निश्चित अक्षर हटाने के नियम के रूप में न पढ़ें: कुछ क्रियाओं के पूर्ण रूप अलग से सीखने पड़ते हैं।
کھلا دروازہ और کھلا ہوا دروازہ दोनों का अर्थ “खुला दरवाज़ा” हो सकता है। ہوا हर जगह अनिवार्य नहीं है। पर जब पूरा शब्दसमूह सीख रहे हों, तो “क्रिया का पूर्ण रूप + हुआ” वाला ढाँचा अवस्था पहचानने में मदद देता है।
२. जिस चीज़ का वर्णन हो, उसके अनुसार मेल
लिंग-वचन का मेल यानी वर्णन करने वाले रूप का उस संज्ञा के अनुसार बदलना जिसका वह वर्णन करता है। लिंग से यहाँ पुल्लिंग या स्त्रीलिंग और वचन से एक या एक से अधिक का भेद समझें। उर्दू में ٹوٹا ہوا जैसे दोनों हिस्से बदलते हैं।
| उर्दू शब्दसमूह | हिन्दी अर्थ | रूप का मेल |
|---|---|---|
| ٹوٹا ہوا دروازہ | टूटा हुआ दरवाज़ा | पुल्लिंग एकवचन |
| ٹوٹے ہوئے دروازے | टूटे हुए दरवाज़े | पुल्लिंग बहुवचन |
| ٹوٹی ہوئی کھڑکی | टूटी हुई खिड़की | स्त्रीलिंग एकवचन |
| ٹوٹی ہوئی کھڑکیاں | टूटी हुई खिड़कियाँ | संज्ञा से पहले स्त्रीलिंग बहुवचन |
| ٹوٹے ہوئے دروازے کے پاس | टूटे हुए दरवाज़े के पास | एकवचन, लेकिन आगे संबंधसूचक पद है |
अंतिम पंक्ति विशेष उपयोगी है। परसर्ग वे शब्द या शब्दसमूह हैं जो संज्ञा के बाद आकर संबंध बताते हैं, जैसे کے پاس “के पास” और میں “में”। इनके कारण कुछ रूप तिर्यक रूप, यानी आगे संबंधसूचक पद आने पर इस्तेमाल होने वाला बदला हुआ रूप, लेते हैं। इसीलिए एक ही दरवाज़े की बात होने पर भी ٹوٹے ہوئے دروازے کے پاس कहा जाता है। केवल ٹوٹے ہوئے देखकर बहुवचन मान लेना ठीक नहीं होगा।
بند “बंद” नहीं बदलता: بند دروازہ “बंद दरवाज़ा” और بند کھڑکی “बंद खिड़की”। यदि उसके साथ ہوا जोड़ें, तो बदलने वाला भाग बदलता है: بند ہوئی کھڑکی का अर्थ “वह खिड़की जो बंद हुई” हो सकता है। इसे सामान्य अवस्था वाले بند کھڑکی का हर संदर्भ में सीधा विकल्प न समझें।
३. चलती हुई क्रिया से व्यक्ति या वस्तु का वर्णन
अपूर्ण कृदंत किसी काम को जारी, बार-बार होने वाला या अभी अधूरा दिखा सकता है। इसके परिचित रूप ـتا، ـتی، ـتے हैं। ہوا के साथ ये अक्सर किसी व्यक्ति को काम करते हुए दिखाते हैं।
| उर्दू शब्दसमूह | हिन्दी अर्थ | उपयोग |
|---|---|---|
| ہنستا ہوا بچہ | हँसता हुआ बच्चा | एक लड़के का वर्णन |
| ہنستی ہوئی بچی | हँसती हुई बच्ची | एक लड़की का वर्णन |
| ہنستے ہوئے بچے | हँसते हुए बच्चे | कई बच्चों का वर्णन |
| بہتا ہوا پانی | बहता हुआ पानी | गति या जारी अवस्था |
لڑکا پڑھتا ہے۔ का अर्थ है “लड़का पढ़ता है”; यह पूरा वाक्य है और सामान्य आदत बता सकता है। इसके विपरीत پڑھتا ہوا لڑکا “पढ़ता हुआ लड़का” केवल किसी लड़के की पहचान या उसका वर्णन करने वाला शब्दसमूह है। यहाँ अभी यह नहीं बताया गया कि उस लड़के के बारे में आगे क्या कहना है। उदाहरण के लिए پڑھتا ہوا لڑکا میرا بھائی ہے۔ का अर्थ है “पढ़ता हुआ लड़का मेरा भाई है।”
४. काम का नाम बताने वाला ـنا रूप
क्रिया का मूल रूप या उर्दू में مصدر वह रूप है जिसमें क्रिया शब्दकोश में मिलती है, जैसे پڑھنا “पढ़ना”, لکھنا “लिखना” और چلنا “चलना”। यही रूप किसी काम को संज्ञा की तरह भी प्रस्तुत कर सकता है।
- تیرنا اچھی ورزش ہے۔ — तैरना अच्छी कसरत है।
- مجھے کھانا پکانا پسند ہے۔ — मुझे खाना पकाना पसंद है।
- روز پیدل چلنا مفید ہے۔ — रोज़ पैदल चलना फ़ायदेमंद है।
इन वाक्यों में “तैरना”, “खाना पकाना” और “रोज़ पैदल चलना” पूरे कामों के नाम हैं। अलग से कोई नया “क्रियावाचक संज्ञा” प्रत्यय जोड़ने की ज़रूरत नहीं है। किसी क्रिया से जुड़ी दूसरी संज्ञाएँ भी मिल सकती हैं, लेकिन वे हर संदर्भ में इस मूल रूप की जगह नहीं लेतीं।
पहले उदाहरण में اچھی का स्त्रीलिंग रूप ورزش “कसरत” के कारण है; इससे यह निष्कर्ष न निकालें कि हर क्रिया का संज्ञा रूप स्त्रीलिंग है। इसी तरह پڑھنا اچھی عادت ہے۔ में “अच्छी” का संबंध “आदत” से है।
५. परसर्ग से पहले ـنا से ـنے
हिन्दी में “पढ़ना अच्छा है” कहते हैं, लेकिन “पढ़ने के बाद” कहते हैं। उर्दू में भी यही बड़ा संकेत काम आता है: پڑھنا के बदले پڑھنے। क्रिया का नाम अपना तिर्यक रूप लेता है और उसके बाद संबंध बताने वाला पद आता है।
| उर्दू रचना | हिन्दी अर्थ | संबंध |
|---|---|---|
| پڑھنے کے لیے | पढ़ने के लिए | उद्देश्य |
| پڑھنے سے پہلے | पढ़ने से पहले | समय में पहले |
| پڑھنے کے بعد | पढ़ने के बाद | समय में बाद |
| پڑھنے میں | पढ़ने में | किसी काम में |
| پڑھنے سے | पढ़ने से | कारण या प्रभाव, संदर्भ के अनुसार |
| پڑھنے کا وقت | पढ़ने का समय | काम से जुड़ा समय |
میں پڑھنے کے لیے لائبریری گیا۔ — मैं पढ़ने के लिए पुस्तकालय गया। यहाँ पुस्तकालय जाने का उद्देश्य पढ़ना है।
کھانا کھانے کے بعد چلیں۔ — खाना खाने के बाद चलें। यहाँ पहला کھانا “भोजन” है; کھانے “खाना” क्रिया का बदला हुआ रूप है। एक जैसे दिखते शब्दों की भूमिका अलग है, ठीक हिन्दी के “खाना खाने” की तरह।
याद रखें: उद्देश्य के लिए کے لیے और बाद का समय बताने के लिए کے بعد है। दोनों में کے होने से उनके अर्थ एक जैसे नहीं हो जाते।
संदर्भ में उदाहरण
इन उदाहरणों को पहले पूरे अर्थ के साथ पढ़ें। फिर पहचानें कि रेखांकित करने योग्य हिस्सा किसी वस्तु का वर्णन करता है, किसी काम का नाम है या दो कामों के बीच संबंध बताता है।
| उर्दू | हिन्दी अर्थ | क्या देखें |
|---|---|---|
| ٹوٹی ہوئی کھڑکی سے ہوا آ رہی ہے۔ | टूटी हुई खिड़की से हवा आ रही है। | स्त्रीलिंग संज्ञा का वर्णन |
| کھلا دروازہ بند کر دیں۔ | खुला दरवाज़ा बंद कर दीजिए। | बिना हुआ के विशेषण |
| میز پر رکھا ہوا خط میرا ہے۔ | मेज़ पर रखा हुआ पत्र मेरा है। | रखने के बाद बनी स्थिति |
| بچے سوئے ہوئے ہیں۔ | बच्चे सोए हुए हैं। | नींद की अवस्था; पुल्लिंग बहुवचन |
| ہنستی ہوئی بچی اپنی ماں کے پاس آئی۔ | हँसती हुई बच्ची अपनी माँ के पास आई। | जारी क्रिया से बच्ची का वर्णन |
| بہتے ہوئے پانی کی آواز سنیں۔ | बहते हुए पानी की आवाज़ सुनिए। | आगे संबंध आने पर बदला रूप |
| پڑھنا اچھی عادت ہے۔ | पढ़ना अच्छी आदत है। | काम को नाम की तरह रखा गया है |
| مجھے صبح ٹہلنا پسند ہے۔ | मुझे सुबह टहलना पसंद है। | पसंद आने वाला काम |
| اردو لکھنے میں وقت لگتا ہے۔ | उर्दू लिखने में समय लगता है। | काम के साथ में |
| میں دودھ خریدنے کے لیے باہر گیا۔ | मैं दूध ख़रीदने के लिए बाहर गया। | जाने का उद्देश्य |
| کھانا کھانے کے بعد چلیں۔ | खाना खाने के बाद चलें। | भोजन के बाद का क्रम |
| سونے سے پہلے دروازہ بند کر دیں۔ | सोने से पहले दरवाज़ा बंद कर दीजिए। | पहले होने वाला काम |
| روز چلنے سے صحت بہتر ہوتی ہے۔ | रोज़ चलने से सेहत बेहतर होती है। | काम के लाभ का संबंध |
| ہمارے پاس بات کرنے کا وقت نہیں ہے۔ | हमारे पास बात करने का समय नहीं है। | काम से जुड़ी संज्ञा |
आम गलतियाँ और उनके सुधार
१. केवल हुआ बदलना, मुख्य रूप नहीं
- गलत: ٹوٹا ہوئی کھڑکی
- सही: ٹوٹی ہوئی کھڑکی
- क्यों: खिड़की स्त्रीलिंग है। इसलिए ٹوٹا का ٹوٹی और ہوا का ہوئی होना ज़रूरी है। दोनों को एक साथ बदलने का अभ्यास करें।
२. परसर्ग से पहले मूल रूप रख देना
- गलत: میں پڑھنا کے لیے آیا ہوں۔
- सही: میں پڑھنے کے لیے آیا ہوں۔
- अर्थ: मैं पढ़ने के लिए आया हूँ।
- क्यों: کے لیے से पहले پڑھنے चाहिए। हिन्दी में भी “पढ़ना के लिए” नहीं, “पढ़ने के लिए” कहते हैं।
३. पूर्ण रूप को हर क्रिया में नियमित मान लेना
- गलत: بچے سوتے ہوئے ہیں۔ — यदि अर्थ है “बच्चे सोए हुए हैं।”
- सही: بچے سوئے ہوئے ہیں۔
- क्यों: यहाँ सोने की अवस्था बताने के लिए سوئے ہوئے चाहिए। سوتے ہوئے का अर्थ “सोते हुए” है और वह दूसरे ढाँचों में स्वाभाविक है, जैसे سوتے ہوئے بچے کو نہ جگائیں۔ — “सोते हुए बच्चे को न जगाएँ।” गलती केवल रूप की नहीं, इच्छित अर्थ के लिए रूप चुनने की है।
४. अचल विशेषण को भी बदल देना
- गलत: بندی کھڑکی — यदि कहना है “बंद खिड़की”।
- सही: بند کھڑکی
- क्यों: بند इस अर्थ में लिंग के साथ नहीं बदलता। کھلا / کھلی का ढाँचा देखकर हर विशेषण पर वही बदलाव न लगाएँ।
५. सम्बन्ध वाले का, की, के को क्रिया से मिलाना
- गलत: پڑھنے کا عادت اچھی ہے۔
- सही: پڑھنے کی عادت اچھی ہے۔
- अर्थ: पढ़ने की आदत अच्छी है।
- क्यों: کا، کی، کے का रूप आगे आने वाली संज्ञा के अनुसार बदलता है। عادت स्त्रीलिंग है, इसलिए کی चाहिए। तुलना करें: پڑھنے کا وقت — “पढ़ने का समय”।
प्रयोग की ज़रूरी बातें
रोज़मर्रा की उर्दू में स्वाभाविक रूप
ये रचनाएँ केवल किताबों की भाषा नहीं हैं। بند دکان “बंद दुकान”, کھلا دروازہ “खुला दरवाज़ा” और پینے کا پانی “पीने का पानी” जैसे शब्दसमूह आम हैं। जहाँ छोटा विशेषण ही अर्थ साफ़ कर दे, वहाँ हर बार ہوا जोड़ना ज़रूरी नहीं। वहीं لکھا ہوا پتہ “लिखा हुआ पता” में यह किसी तैयार, लिखित जानकारी की ओर ध्यान दिलाता है।
हिन्दी और उर्दू में इन ढाँचों की समानता सीखने में बड़ी मदद है। मुख्य सावधानी अनावश्यक अंतर खोजने के बजाय उर्दू रूप को ठीक से पढ़ना है। उदाहरण के लिए हिन्दी का “हुए” उर्दू में ہوئے और “सोए” سوئے लिखा जाता है। उर्दू लिपि में छोटे स्वर अक्सर नहीं लिखे जाते; पूरे शब्दसमूह और अर्थ से पढ़ना सीखें।
पूरा वाक्य और केवल वर्णन अलग रखें
ٹوٹی ہوئی کھڑکی “टूटी हुई खिड़की” एक शब्दसमूह है। کھڑکی ٹوٹی ہوئی ہے۔ “खिड़की टूटी हुई है” पूरा वाक्य है। दूसरे वाक्य में ہے “है” वर्तमान स्थिति स्थापित करता है।
पूर्ण कृदंत का नाम सुनकर हर प्रयोग को भूतकाल न मानें। دروازہ کھلا ہوا ہے۔ “दरवाज़ा खुला हुआ है” अभी की स्थिति बताता है; دروازہ کھلا ہوا تھا۔ “दरवाज़ा खुला हुआ था” पहले की स्थिति। समय बताने में अंतिम ہے / تھا भी महत्त्वपूर्ण है।
बुनियाद से आगे
अवस्था, घटना और जारी काम का अंतर
एक ही विषय को अलग ढंग से देखा जा सकता है।
| उर्दू | हिन्दी अर्थ | दृष्टि |
|---|---|---|
| دروازہ کھلا۔ | दरवाज़ा खुला। | खुलने की घटना |
| دروازہ کھلا ہوا ہے۔ | दरवाज़ा खुला हुआ है। | घटना के बाद की अवस्था |
| دروازہ کھل رہا ہے۔ | दरवाज़ा खुल रहा है। | अभी जारी प्रक्रिया |
| دروازہ کھولا گیا۔ | दरवाज़ा खोला गया। | किसी के द्वारा किया गया काम |
अंतिम वाक्य कर्मवाच्य, यानी ऐसा ढाँचा जिसमें काम करने वाले के बजाय जिस पर काम हुआ उसे सामने रखा जाता है, का उदाहरण है। کھلا ہوا देखकर अपने-आप “खोला गया” अर्थ न लगाएँ। کھلنا “खुलना” और کھولنا “खोलना” भी अलग क्रियाएँ हैं; इसी तरह ٹوٹنا “टूटना” और توڑنا “तोड़ना” अलग हैं।
मुख्य काम के साथ दूसरा काम
कृदंत किसी संज्ञा का वर्णन करने के अलावा यह भी बता सकता है कि मुख्य काम के समय क्या चल रहा था।
- وہ ہنستے ہوئے کمرے میں آیا۔ — वह हँसते हुए कमरे में आया।
- وہ چائے پیتے ہوئے اخبار پڑھتا ہے۔ — वह चाय पीते हुए अख़बार पढ़ता है।
पहले वाक्य में हँसना आने के साथ चल रहा है। दूसरे में चाय पीना अख़बार पढ़ने की पृष्ठभूमि है। तुलना करें:
- وہ چائے پی کر باہر گیا۔ — वह चाय पीकर बाहर गया।
यहाँ کر वाला रूप पहले काम के बाद दूसरे काम का क्रम बताता है। इन सरल उदाहरणों में दोनों काम एक ही व्यक्ति करता है। “पीते हुए” और “पीकर” को केवल वाक्य छोटा करने के दो समान तरीके न समझें: पहला साथ चलने पर, दूसरा प्रायः पहले पूरा हुए काम पर ध्यान देता है।
क्रिया का संज्ञा रूप भी कुछ ढाँचों में मेल करता है
अभी तक मुख्य बदलाव پڑھنا → پڑھنے था। आगे ऐसे वाक्य भी मिलेंगे जिनमें ـنا वाला रूप किसी संज्ञा के अनुसार बदलता है:
- مجھے یہ کتاب پڑھنی ہے۔ — मुझे यह किताब पढ़नी है।
- مجھے یہ خط لکھنا ہے۔ — मुझे यह पत्र लिखना है।
पहले वाक्य में کتاب “किताब” स्त्रीलिंग है, इसलिए پڑھنی आता है। इसे پڑھنے کے لیے के तिर्यक रूप वाले नियम से अलग रखें। यह आवश्यकता या किए जाने वाले काम की एक अलग रचना है; इससे यह सामान्य नियम न बनाएँ कि जहाँ भी स्त्रीलिंग शब्द दिखे, हर پڑھنا को پڑھنی कर दें।
आगे काम आने वाले ـنے والا रूप
والا के साथ क्रिया का तिर्यक रूप किसी काम को करने वाले व्यक्ति या किसी काम में उपयोग होने वाली चीज़ की पहचान दे सकता है।
- لکھنے والا شخص — लिखने वाला व्यक्ति।
- پینے والا پانی — पीने वाला पानी, अर्थात पीने के काम आने वाला पानी।
والا भी बदलता है: لکھنے والی عورت “लिखने वाली स्त्री”। यह لکھتا ہوا شخص “लिखता हुआ व्यक्ति” से हमेशा समान नहीं है। दूसरा रूप किसी दृश्य में जारी काम दिखा सकता है, जबकि पहला व्यक्ति की भूमिका या पहचान भी बता सकता है। ठीक अर्थ संदर्भ से तय करें।
अभ्यास के तरीके
- एक ही वस्तु को बदलकर लिखें। کھلا ہوا دروازہ “खुला हुआ दरवाज़ा” से کھلی ہوئی کھڑکی “खुली हुई खिड़की” और फिर کھلے ہوئے دروازے “खुले हुए दरवाज़े” बनाएँ। दोनों बदलने वाले हिस्सों को चिह्नित करें। उसके बाद “के पास” जोड़कर एकवचन तिर्यक रूप पहचानें।
- दिनचर्या को तीन संबंधों में कहें। سونا “सोना”, کھانا “खाना” और پڑھنا “पढ़ना” चुनें। हर क्रिया के साथ “से पहले”, “के बाद” और “के लिए” के छोटे वाक्य बनाएँ। जाँचें कि हर बार ज़रूरत के अनुसार ـنے आया है और संबंध का अर्थ सही है।
- घटना और अवस्था अलग लिखें। किसी कमरे की तस्वीर देखकर पहले “दरवाज़ा खुला हुआ है”, “बच्चे सोए हुए हैं” जैसे अवस्थावाले वाक्य बनाएँ। फिर अलग कल्पना करें कि वहाँ क्या हुआ था। इस तरह समझ आएगा कि वर्णन करने वाला कृदंत और घटना बताने वाला पूरा वाक्य कहाँ अलग पड़ते हैं।
संबंधित विषय
- पहले की बुनियाद: वर्तमान की आदतें बताने वाला काल — کرتا، کرتی، کرتے जैसे रूपों और उनके मेल को दोहराने के लिए।
- अगला कदम: क्रिया के मूल रूप पर आधारित रचनाएँ — आवश्यकता, उद्देश्य और दूसरे विस्तृत ـنا / ـنے / ـنی वाले ढाँचों को समझने के लिए।