तुर्की में उन्नत संज्ञाकरण
İleri Düzey Adlaştırma
यह लेख Settemila Lingue पर तुर्की व्याकरण-वृक्ष का हिस्सा है।
संक्षेप में
तुर्की में संज्ञाकरण का अर्थ है किसी काम, गुण या पूरे विचार को संज्ञा, यानी किसी चीज़ का नाम बताने वाले शब्द, की तरह इस्तेमाल करना। -ma/-me अक्सर काम को नाम देता है, -(y)ış/-(y)iş/-(y)uş/-(y)üş काम के ढंग या किसी प्रचलित घटना का नाम बना सकता है, और -(ı)m/-(i)m/-(u)m/-(ü)m से कई स्थापित शब्द बनते हैं। इसलिए okuma ‘पढ़ना’, bakış ‘नज़र; देखने का ढंग’ और seçim ‘चुनाव’ को केवल एक ही नियम के अलग रूप न समझें। Okumanın önemi ‘पढ़ने का महत्त्व’ में बने हुए नाम पर संबंध बताने वाला प्रत्यय भी जुड़ा है।
पहले पूरी बात समझें
हिंदी में हम ‘वह पढ़ता है’ से ‘पढ़ना ज़रूरी है’ और फिर ‘पढ़ने का महत्त्व’ तक आसानी से पहुँच जाते हैं। तुर्की में भी ऐसी ही ज़रूरत होती है, पर वहाँ शब्दों के अंत में कई प्रत्यय जुड़ते हैं। प्रत्यय वह छोटा अंश है जो शब्द के अंत में लगकर उसका अर्थ या वाक्य में उसका काम बदलता है। एक ही लंबे शब्द के भीतर ‘पढ़ना’, ‘किसका पढ़ना’ और ‘उस पढ़ने का’ जैसे संबंध समा सकते हैं।
C1 स्तर पर लक्ष्य सिर्फ लंबे शब्द बनाना नहीं, बल्कि सही अर्थ वाला नाम चुनना है। Yazma लिखने का काम हो सकता है, yazılış किसी शब्द का लिखित रूप या लिखे जाने का ढंग, और yazım लेखन या वर्तनी से जुड़ा स्थापित शब्द है। समाचार, पुस्तक-समीक्षाओं, कार्यालयी पत्रों और शैक्षिक लेखों में यह अंतर बार-बार सामने आता है।
यहाँ दो प्रक्रियाओं को साथ समझना उपयोगी है। पहली है नया शब्द बनाना, जैसे bakmak ‘देखना’ से bakış ‘नज़र’। दूसरी है किसी काम को वाक्य के भीतर नाम की तरह रखना, जैसे onun gelmesi ‘उसका आना’। पहली प्रक्रिया में अर्थ शब्दकोश से भी सीखना पड़ता है; दूसरी में वाक्य का ढाँचा अधिक नियमित होता है।
रूप कैसे बनते हैं?
1. पहले क्रिया का आधार पहचानें
क्रिया काम या स्थिति बताने वाला शब्द है। तुर्की शब्दकोश में वह प्रायः -mak/-mek के साथ मिलती है। यह अंत हटाने पर उसका आधार मिलता है: bakmak → bak-, gelmek → gel-, okumak → oku-। नीचे के अधिकांश प्रत्यय इसी आधार से जुड़ते हैं।
तुर्की में स्वर-सामंजस्य, यानी पिछले स्वर के अनुसार प्रत्यय का स्वर बदलना, बहुत महत्त्वपूर्ण है। चार रूप वाले प्रत्यय में चुनाव इस तरह होता है:
| आधार का आखिरी स्वर | बनने वाला रूप | अर्थ |
|---|---|---|
| a, ı | bak- → bakış; al- → alım | नज़र; खरीद या प्राप्ति |
| e, i | gel- → geliş; seç- → seçim | आगमन; चुनाव |
| o, u | dur- → duruş; doğ- → doğum | खड़े होने का ढंग या रुख; जन्म |
| ö, ü | yürü- → yürüyüş; öl- → ölüm | पैदल चलना या चाल; मृत्यु |
किसी शब्द का अंतिम स्वर देखें, अंतिम अक्षर नहीं। फिर भी, सही प्रत्यय चुन लेने से हर बनाया हुआ शब्द स्वाभाविक नहीं हो जाता; खास तौर पर -im वाले शब्दों का प्रचलन अलग से सीखना ज़रूरी है।
2. -ma/-me: काम को नाम देना
-ma/-me बहुत उपयोगी और नियमित प्रत्यय है। इससे बने रूप काम को विषय बनाते हैं: okuma ‘पढ़ना’, çalışma ‘काम करना; अध्ययन’, bekleme ‘प्रतीक्षा करना’। हिंदी का ‘-ना’ इसे समझने में मदद करता है, लेकिन दोनों भाषाओं के सारे प्रयोग एक जैसे नहीं हैं।
- Düzenli okuma kelime bilgisini geliştirir. — नियमित पढ़ने से शब्द-ज्ञान बढ़ता है।
- Yüzmeyi seviyorum. — मुझे तैरना पसंद है।
दूसरे वाक्य में yüzme पर -yi जुड़ा है, क्योंकि ‘पसंद करना’ का कर्म तैरना है। कर्म वह चीज़ या काम है जिस पर मुख्य क्रिया का संबंध पड़ता है। बने हुए नाम पर वाक्य की ज़रूरत के अनुसार और प्रत्यय लग सकते हैं।
ध्यान दें कि okuma संदर्भ के अनुसार ‘मत पढ़ो’ भी हो सकता है। वहाँ -ma निषेध बताता है, नाम नहीं बनाता। अकेले अक्षर देखकर नहीं, वाक्य में उसके काम से अर्थ तय करें।
3. -(y)ış: ढंग, घटना और प्रचलित नाम
इस प्रत्यय के रूप -ış, -iş, -uş, -üş हैं। स्वर पर समाप्त आधार के बाद सामान्यतः y आता है: oku-y-uş, yürü-y-üş, anla-y-ış।
इससे कई बार सवाल का जवाब मिलता है: ‘काम हुआ कैसे?’
- Onun şiiri okuyuşunu beğendim. — मुझे उसका कविता पढ़ने का अंदाज़ अच्छा लगा।
- Bu kelimenin yazılışı farklı. — इस शब्द का लिखित रूप अलग है।
लेकिन इसे केवल ‘ढंग’ का प्रत्यय मानना अधूरा होगा। Giriş ‘प्रवेश; प्रवेश-द्वार’, çıkış ‘निकास; बाहर निकलना’ और dönüş ‘वापसी’ जैसे शब्द घटना, स्थान या स्थापित धारणा का नाम भी हैं। Bakış संदर्भ में एक नज़र भी हो सकता है और देखने का ढंग भी। Bakış açısı का अर्थ ‘दृष्टिकोण’ है; इसका शब्दशः अर्थ ‘देखने का कोण’ समझने में मदद करता है, पर हिंदी अनुवाद ‘दृष्टिकोण’ ही स्वाभाविक है।
Yazılış की बनावट विशेष रूप से उपयोगी है: yaz-ıl-ış। यहाँ -ıl- कर्मवाच्य बनाता है, यानी ध्यान लिखने वाले से हटाकर ‘लिखे जाने’ पर लाता है। इसलिए yazış और yazılış को एक ही रूप न मानें।
4. -(ı)m/-(i)m/-(u)m/-(ü)m: बने-बनाए शब्दों को परिवार में सीखें
यह प्रत्यय बहुत से परिचित नामों में मिलता है। व्यंजन पर समाप्त आधार के बाद स्वर सहित रूप आता है, जैसे seç-im ‘चुनाव’। स्वर पर समाप्त आधार के बाद कुछ स्थापित शब्दों में केवल -m मिलता है, जैसे söyle-m → söylem ‘विमर्श; कथन-प्रणाली’। इससे यह न मानें कि हर क्रिया पर इसे लगाकर नया नाम बनाया जा सकता है।
इसे सीखने का अधिक भरोसेमंद रास्ता सामान्य शब्दों के जोड़े हैं:
| क्रिया से बना नाम | हिंदी अर्थ | क्या याद रखें |
|---|---|---|
| seçmek → seçim | चुनाव; चयन | निजी चयन और राजनीतिक चुनाव, दोनों |
| doğmak → doğum | जन्म | एक स्थापित घटना का नाम |
| ölmek → ölüm | मृत्यु | शब्द का अर्थ अलग से याद करें |
| üretmek → üretim | उत्पादन | प्रक्रिया या उसका समग्र परिणाम |
| tüketmek → tüketim | उपभोग | सामान्य और आर्थिक संदर्भों में उपयोगी |
| yazmak → yazım | लेखन; वर्तनी | विशेषकर लिखने के नियमों की चर्चा में |
| söylemek → söylem | विमर्श; कथन-प्रणाली | केवल एक बार ‘कहना’ नहीं |
यह दावा सही नहीं होगा कि -im हमेशा काम की ‘एक घटना’ बनाता है। कभी घटना, कभी प्रक्रिया, कभी परिणाम, और कभी विशिष्ट धारणा मिलती है। यह -ma/-me जितना स्वतंत्र रूप से हर क्रिया पर नहीं लगाया जाता। नया शब्द गढ़ने के बजाय शब्दकोश और वास्तविक प्रयोग देखें।
5. -lık/-lik/-luk/-lük: गुण से भाव या स्थिति
भाववाचक संज्ञा किसी दिखाई देने वाली वस्तु के बजाय गुण, स्थिति या विचार का नाम है। हिंदी में ‘अच्छाई’, ‘स्वतंत्रता’ और ‘महत्त्व’ इसके उदाहरण हैं। तुर्की में -lık/-lik/-luk/-lük कई ऐसे शब्द बनाता है:
- özgür → özgürlük — स्वतंत्र → स्वतंत्रता।
- güzel → güzellik — सुंदर → सुंदरता।
- önemli → önemlilik — महत्त्वपूर्ण → महत्त्वपूर्ण होने की स्थिति।
आखिरी जोड़ा बनावट समझाता है, लेकिन सामान्य ‘महत्त्व’ के लिए प्रायः önem ही अधिक सहज शब्द है। Okumanın önemi में önem है, önemlilik नहीं। रूप बन सकना और उसका सबसे स्वाभाविक विकल्प होना अलग बातें हैं। यह प्रत्यय केवल भाव नहीं बनाता: kitaplık ‘किताबों की अलमारी’ जैसे शब्द बताते हैं कि उसका अर्थ आधार और प्रचलन पर निर्भर है।
6. बने हुए नाम पर संबंध और कारक जोड़ना
संबंध-प्रत्यय ‘किसका?’ बताता है, जबकि कारक-प्रत्यय नाम का वाक्य के बाकी हिस्से से संबंध दिखाता है—जैसे ‘को’, ‘में’ या ‘से’। एक सरल श्रृंखला देखें:
- okuma — पढ़ना।
- okumanın önemi — पढ़ने का महत्त्व।
- okumanın önemini anlatmak — पढ़ने का महत्त्व समझाना।
Okuma-nın önem-i में पहले शब्द पर ‘का’ वाला संबंध है और दूसरे पर उससे जुड़ा प्रत्यय। हिंदी में ‘पढ़ने का महत्त्व’ कहते समय ‘महत्त्व’ नहीं बदलता; तुर्की में इस प्रकार के संबंध में दूसरे नाम पर भी चिह्न आता है।
इसके विपरीत bakış açısı और yazılış kuralları किसी खास व्यक्ति की चीज़ नहीं बताते, बल्कि एक प्रचलित नाम-समूह बनाते हैं। यहाँ पहले नाम पर संबंध-प्रत्यय नहीं है, लेकिन दूसरे पर चिह्न है। Yazılış kuralları ‘लिखने के नियम’ में -lar बहुवचन और -ı समूह का अंतिम संबंध दिखाते हैं।
संदर्भ में उदाहरण
इन वाक्यों में केवल मोटा अर्थ नहीं, चुने गए नाम का काम भी देखें। विशेष रूप से okuma, okuyuş और yazılış के अनुवादों का अंतर पहचानें।
| तुर्की | हिंदी | ध्यान दें |
|---|---|---|
| Bu deneyim bakış açımı değiştirdi. | इस अनुभव ने मेरा दृष्टिकोण बदल दिया। | देखने का कोण यहाँ दृष्टिकोण है। |
| Bu kelimenin yazılışını sözlükten kontrol ettim. | मैंने इस शब्द की वर्तनी शब्दकोश में जाँची। | लिखित रूप पर ध्यान है। |
| Yazılış kuralları zamanla değişebilir. | लिखने के नियम समय के साथ बदल सकते हैं। | नाम-समूह में दूसरा नाम चिह्नित है। |
| Okumanın önemi yalnızca okulda anlaşılmaz. | पढ़ने का महत्त्व केवल स्कूल में ही नहीं समझ में आता। | पढ़ना पूरे वाक्य में चर्चा का विषय है। |
| Onun şiiri okuyuşu beni etkiledi. | उसके कविता पढ़ने के अंदाज़ ने मुझे प्रभावित किया। | काम करने का ढंग महत्त्वपूर्ण है। |
| Toplantıdaki duruşu herkesi şaşırttı. | बैठक में उसके रुख ने सबको चौंका दिया। | शारीरिक मुद्रा नहीं, अपनाया गया रुख है। |
| Çıkış kapısı sağ tarafta. | निकास-द्वार दाईं ओर है। | घटना से जुड़ा नाम स्थान भी बताता है। |
| Eve dönüşümüz beklediğimizden uzun sürdü. | घर लौटने में हमें उम्मीद से ज़्यादा समय लगा। | वापसी पर ‘हमारी’ का प्रत्यय है। |
| Bu seçim hepimizi ilgilendiriyor. | यह चुनाव हम सबसे जुड़ा हुआ है। | घटना का स्थापित नाम है। |
| Fabrikada üretim bu ay arttı. | कारखाने में इस महीने उत्पादन बढ़ा। | प्रक्रिया का समग्र नाम है। |
| Özgürlüğün değeri zor zamanlarda daha iyi anlaşılır. | कठिन समय में स्वतंत्रता का मूल्य बेहतर समझ में आता है। | गुण से नाम और फिर संबंध बना है। |
| Çocukların düzenli okumasının önemini vurguladı. | उन्होंने बच्चों के नियमित पढ़ने के महत्त्व पर ज़ोर दिया। | एक संज्ञाकृत समूह दूसरे समूह के भीतर है। |
| Bu önerinin kabul edilmesi zaman alabilir. | इस प्रस्ताव को स्वीकार किए जाने में समय लग सकता है। | कर्मवाच्य के बाद काम का नाम बना है। |
आम गलतियाँ
1. संबंध-समूह का दूसरा प्रत्यय भूल जाना
- गलत: Okumanın önem büyük.
- सही: Okumanın önemi büyük. — पढ़ने का महत्त्व बहुत है।
- क्यों: केवल पहले शब्द में ‘का’ जोड़ना पर्याप्त नहीं। Önem को भी -i चाहिए। हिंदी की आदत यहाँ अक्सर गलती कराती है।
2. स्वर पर समाप्त आधार के बाद y छोड़ देना
- गलत: Onun okuuşu çok etkileyici.
- सही: Onun okuyuşu çok etkileyici. — उसका पढ़ने का अंदाज़ बहुत प्रभावशाली है।
- क्यों: Oku- के बाद इस प्रत्यय से पहले y आता है। यही ढाँचा yürüyüş में भी देखें।
3. परिचित नाम में स्वर-सामंजस्य बिगाड़ना
- गलत: Bu seçım önemli.
- सही: Bu seçim önemli. — यह चुनाव महत्त्वपूर्ण है।
- क्यों: Seç- के स्वर e के साथ इस प्रत्यय का i वाला रूप आता है। ı और i अलग स्वर हैं।
4. हर काम के लिए -iş वाला नाम चुन लेना
- आशय से मेल नहीं खाता: Her gün okuyuş önemlidir.
- सामान्य आदत के लिए बेहतर: Her gün okumak önemlidir. — रोज़ पढ़ना महत्त्वपूर्ण है।
- क्यों: सामान्य पढ़ने की आदत और पढ़ने का अंदाज़ अलग बातें हैं। Okuyuş तब उपयोगी है जब उच्चारण, लय या शैली की चर्चा हो। यह सिर्फ शब्द-रचना का नहीं, अर्थ चुनने का प्रश्न है।
5. नाम पर आवश्यक कारक न लगाना
- गलत: Onun bakış açısı anlamıyorum.
- सही: Onun bakış açısını anlamıyorum. — मैं उसका दृष्टिकोण नहीं समझ पा रहा हूँ।
- क्यों: निश्चित कर्म होने के कारण bakış açısı पर कर्म का प्रत्यय लगता है। अंतिम -sı के बाद n और फिर -ı जुड़ते हैं। पहले से नाम-समूह में होना आगे का कारक हटाता नहीं है।
प्रयोग में किन बातों का ध्यान रखें?
बोलचाल और औपचारिक लेखन
Giriş, çıkış, seçim, doğum जैसे नाम रोज़मर्रा के हैं। संज्ञाकरण अपने-आप में कठिन या दफ्तरी भाषा नहीं है। कठिनाई तब बढ़ती है जब एक ही वाक्य में कई नाम और संबंध जोड़ दिए जाएँ।
- Üretim arttı. — उत्पादन बढ़ा।
- Üretimin artırılması planlanıyor. — उत्पादन बढ़ाने की योजना है।
दूसरे वाक्य में यह स्पष्ट नहीं है कि उत्पादन कौन बढ़ाएगा। औपचारिक लेखन में ऐसा उपयोग स्वाभाविक है, लेकिन यदि जिम्मेदारी बतानी हो तो सीधे कर्ता का नाम दें। कर्ता वह व्यक्ति या चीज़ है जो काम करती है: Şirket üretimi artırmayı planlıyor. — कंपनी उत्पादन बढ़ाने की योजना बना रही है।
मिलते-जुलते शब्द हमेशा बदलकर नहीं रखे जा सकते
Yazım kuralları और yazılış kuralları दोनों समझे जाते हैं; वर्तनी के नियमों के लिए yazım kuralları एक बहुत प्रचलित नाम है। Bu kelimenin yazılışı किसी खास शब्द के लिखित रूप की चर्चा में उपयोगी है। यहाँ अर्थों में मेल है, लेकिन इससे यह निष्कर्ष न निकालें कि -ım और -ış हर जगह समान हैं।
इसी तरह anlayış केवल ‘समझने का ढंग’ नहीं, ‘समझ; सहानुभूतिपूर्ण रवैया’ भी है। ऐसे शब्दों को पूरे वाक्य के साथ सीखें।
और गहराई से: एक संज्ञाकरण के भीतर दूसरा
लंबा समूह खोलने की विधि
Çocukların düzenli okumasının önemi — बच्चों के नियमित पढ़ने का महत्त्व।
इसे दाएँ से बाएँ अर्थ के समूहों में खोलें:
- önem-i — किस चीज़ का महत्त्व?
- düzenli okuma-sı-nın — नियमित पढ़ने का।
- çocuklar-ın — किसके पढ़ने का? बच्चों के।
यहाँ okuması में बच्चे पढ़ने वाले हैं। फिर इसी पूरे समूह पर -nın जुड़कर उसे önemi से जोड़ता है। इसे केवल ‘एक के बाद एक संज्ञा बनाने वाले प्रत्यय’ कहना सही नहीं होगा: कुछ प्रत्यय नया नाम बनाते हैं, और कुछ पहले से बने समूहों के बीच व्याकरणिक संबंध बनाते हैं।
पूरा वाक्य देखें:
Çocukların düzenli okumasının önemini ailelere anlattık. — हमने परिवारों को बच्चों के नियमित पढ़ने का महत्त्व समझाया।
अब önemi पर भी कर्म का चिह्न है: önem-i-n-i। भीतर के संबंध अपनी जगह बने रहते हैं; सबसे बाहर वाला प्रत्यय पूरे समूह का मुख्य वाक्य से संबंध बताता है।
-ma और -DIK/-AcAK में अर्थ का अंतर
उपवाक्य वाक्य के भीतर छोटा वाक्य-जैसा हिस्सा है, जिसमें अपना काम या स्थिति होती है। किसी काम को चाहना और उसके होने की जानकारी देना अलग ढाँचे ले सकते हैं:
- Onun gelmesini istiyorum. — मैं चाहता हूँ कि वह आए।
- Onun geldiğini biliyorum. — मुझे पता है कि वह आया है।
- Onun geleceğini biliyorum. — मुझे पता है कि वह आएगा।
पहले में -me से ‘उसके आने’ को इच्छा का विषय बनाया गया है। दूसरे में -DIK वाले रूप से घटित या गैर-भविष्य की स्थिति बताई जाती है; सही समय संदर्भ पर निर्भर है। तीसरे में -AcAK भविष्य का अर्थ देता है। इनके स्वर और कुछ व्यंजन आसपास की ध्वनियों के अनुसार बदलते हैं। इसलिए -ma को हर जगह ‘कि…’ का अनुवाद मानकर न लगाएँ।
एक जैसे दिखने वाले -iş को अलग पहचानें
Bakış में अंत नाम बना रहा है। लेकिन bakışmak ‘एक-दूसरे को देखना’ में मिलता-जुलता अंश क्रिया के अर्थ को पारस्परिक बनाता है। Bakışma उस पारस्परिक काम का नाम हो सकता है। पहचान का तरीका है पूरा शब्द देखना: क्या आगे क्रिया के दूसरे चिह्न जुड़ रहे हैं, या शब्द नाम की तरह ‘का/को/में’ वाले संबंध ले रहा है? ध्वनि की समानता से व्याकरणिक काम समान नहीं हो जाता।
शब्द के अंत में -ım हमेशा नया नाम नहीं बनाता
Yazım अकेले ‘वर्तनी’ हो सकता है। लेकिन yazı ‘लेख; लिखावट’ पर ‘मेरा’ वाला -m जोड़ने से भी yazım बनता है। Yazım kuralları में अर्थ ‘वर्तनी के नियम’ है; Yazım dergide yayımlandı में ‘मेरा लेख पत्रिका में प्रकाशित हुआ’। संदर्भ और पूरा नाम-समूह इस भेद को स्पष्ट करते हैं।
इसी तरह güzellik पर स्वर से शुरू होने वाला प्रत्यय जुड़ने पर अंतिम k बदल सकता है: güzelliği ‘उसकी सुंदरता’ या संदर्भ के अनुसार ‘सुंदरता को’। लंबा रूप पढ़ते समय पहले मूल शब्द पहचानें, फिर बाहर जुड़े संबंध समझें।
अभ्यास के उपयोगी तरीके
- अर्थ के तीन खाने बनाएँ। एक में सामान्य काम, दूसरे में काम का ढंग, तीसरे में स्थापित घटना या परिणाम लिखें। Okuma, okuyuş, seçim, üretim, dönüş जैसे शब्द रखें और हर शब्द के साथ एक वाक्य बनाएँ। जो शब्द दो खानों में बैठते हों, उनके दोनों अर्थ अलग उदाहरणों से समझें।
- छोटे समूह को धीरे-धीरे बढ़ाएँ। Okuma → okumanın önemi → düzenli okumanın önemi → çocukların düzenli okumasının önemi लिखें। हर चरण में खुद से पूछें: ‘किसका?’ और ‘मुख्य वाक्य में यह पूरा समूह क्या काम करता है?’ फिर अंत में एक मुख्य क्रिया जोड़ें।
- वास्तविक पाठ में प्रत्यय नहीं, पूरा प्रयोग जमा करें। किसी समाचार या पुस्तक-समीक्षा से पाँच नाम चुनें। उनका आधार खोजें, हिंदी में स्वाभाविक अर्थ लिखें और जाँचें कि सीधे क्रिया वाला वाक्य बनाने पर क्या फर्क पड़ता है। खासकर -im वाले शब्द अनुमान से बनाने के बजाय प्रचलित रूप के रूप में याद करें।
संबंधित विषय
- पहले की नींव: संज्ञा की तरह काम करने वाले उपवाक्य — पूरे काम या विचार को वाक्य के भीतर नाम की जगह रखना समझें।
- आगे का विस्तार: उन्नत शब्द-रचना — प्रत्ययों से बने शब्दों, उनके अर्थ और प्रचलित प्रयोगों को व्यापक रूप से देखें।