C1

उर्दू में शब्द-निर्माण और व्युत्पत्ति

لفظ سازی اور اشتقاق

यह लेख Settemila Lingue पर उर्दू व्याकरण-वृक्ष का हिस्सा है।

संक्षेप में

उर्दू में किसी आधार शब्द के पहले या बाद में एक अर्थपूर्ण अंश जोड़कर नया शब्द बनाया जा सकता है: لائق ← نالائق यानी योग्य से अयोग्य, और زمین ← زمیندار यानी ज़मीन से ज़मीन का मालिक। पहले जुड़ने वाला अंश उपसर्ग और बाद में जुड़ने वाला अंश प्रत्यय कहलाता है। इनकी पहचान अनजान शब्द का अर्थ समझने में मदद करती है, लेकिन हर आधार के साथ हर अंश जोड़ना सही नहीं होता; पूरा शब्द भाषा में प्रचलित भी होना चाहिए।

एक नज़र में

हिन्दी पढ़ने वाले को बेजान, नाकाम, बदनाम, ज़िम्मेदार और ख़तरनाक जैसे शब्द पहले से परिचित हो सकते हैं। उर्दू सीखते समय इन्हीं परिचित शब्दों की बनावट समझना बड़ा सहारा बनता है। لفظ سازی का अर्थ है शब्द बनाना, और اشتقاق का संबंध किसी आधार से दूसरा शब्द बनाने से है। इस पाठ में व्युत्पत्ति से हमारा आशय यही शब्द-रचना है, न कि हर शब्द का पूरा ऐतिहासिक विवरण।

यह विषय सी१ स्तर पर शब्दों को केवल पहचानने से आगे ले जाता है। अख़बार, आलोचना, औपचारिक पत्र या साहित्य पढ़ते समय आप देख सकेंगे कि लेखक किसी गुण की अनुपस्थिति बता रहा है, किसी व्यक्ति की भूमिका बता रहा है या किसी जगह का नाम दे रहा है। इससे शब्दकोश देखने से पहले अर्थ का एक भरोसेमंद अनुमान बन सकता है।

उर्दू की शब्द-संपदा में फ़ारसी और अरबी से आए शब्द भी हैं और हिन्दी से साझा देशज ढाँचे भी। यहाँ मुख्य ध्यान بے، نا، بد، دار، گاہ، ناک पर रहेगा। फिर والا، پن और कुछ बहुस्तरीय शब्दों की मदद से देखेंगे कि उर्दू में शब्द-निर्माण के अलग तरीके साथ-साथ कैसे चलते हैं।

शब्द कैसे बनते हैं?

आधार और जुड़ने वाले अंश को पहचानें

आधार वह शब्द है जिससे नया शब्द बन रहा है। जैसे خطر का अर्थ ख़तरा है; इसके बाद ناک जोड़ने से خطرناک, यानी ख़तरनाक बनता है। यहाँ नया शब्द विशेषण है—ऐसा शब्द जो किसी व्यक्ति, वस्तु या स्थिति की विशेषता बताता है।

इसी तरह زمین ज़मीन का नाम है, इसलिए वह संज्ञा है—किसी व्यक्ति, वस्तु, जगह या भाव का नाम। زمیندار भी संज्ञा हो सकता है, लेकिन अब वह ज़मीन नहीं बल्कि उसके मालिक को बताता है। यानी शब्द बनने पर उसका अर्थ और वाक्य में उसका काम, दोनों बदल सकते हैं।

नीचे जोड़ का चिह्न केवल बनावट दिखाता है। वास्तविक लेखन में इन शब्दों के बीच जोड़ का चिह्न नहीं लगाया जाता।

बनावट बना हुआ शब्द अर्थ
بے + وقوف بےوقوف बेवकूफ़; समझ से काम न लेने वाला
نا + لائق نالائق नालायक; अयोग्य
بد + نام بدنام जिसकी बुरी प्रतिष्ठा हो
زمین + دار زمیندار ज़मींदार; ज़मीन का मालिक
عبادت + گاہ عبادت گاہ उपासना का स्थान
خطر + ناک خطرناک ख़तरनाक

بےوقوف में وقوف जानकारी या समझ से संबंधित आधार है। लेकिन पूरे शब्द का आज का अर्थ ‘बेवकूफ़’ है; उसे हर बार ‘जानकारी से रहित’ कहकर समझना पर्याप्त नहीं होगा। यही अंतर याद रखें: बनावट अर्थ का रास्ता दिखाती है, पर प्रचलित अर्थ अंतिम कसौटी है।

पहले जुड़ने वाले अंश: بے، نا और بد

ये तीनों कभी-कभी नकारात्मक भाव देते हैं, लेकिन एक-दूसरे के बदले नहीं लगाए जा सकते।

उपसर्ग मुख्य संकेत प्रचलित शब्द हिन्दी अर्थ
بے किसी चीज़ का न होना بےخبر बेख़बर; जिसे जानकारी न हो
بے किसी गुण की कमी بےایمان बेईमान
بے किसी चीज़ से रहित بےجان बेजान
نا गुण या स्थिति का निषेध ناکام नाकाम; असफल
نا उपयुक्तता का निषेध نالائق अयोग्य; नालायक
نا किसी स्थिति का न होना ناممکن असंभव
بد बुरा गुण या बुरा परिणाम بداخلاق बुरे व्यवहार वाला
بد बुरी प्रतिष्ठा بدنام बदनाम
بد दुर्भाग्य بدقسمت बदक़िस्मत; दुर्भाग्यशाली

بے को अक्सर ‘बिना’ से समझ सकते हैं, लेकिन दोनों का वाक्य में काम अलग है। بغیر اجازت का अर्थ ‘बिना अनुमति’ है: यह वाक्य में प्रयुक्त अलग शब्दों का समूह है। بےخبر एक बना हुआ शब्द है, जिसका अर्थ ‘बेख़बर’ है। इसलिए हिन्दी में जहाँ ‘बिना’ आता है, वहाँ उर्दू में कोई नया بے वाला शब्द गढ़ देना सही तरीका नहीं है।

نا को हिन्दी के ‘अ-’ या ‘अन-’ से कुछ हद तक समझा जा सकता है: ناممکن यानी असंभव। लेकिन उर्दू के शब्द में हिन्दी वाला अंश लगाना या किसी भी उर्दू विशेषण के पहले نا जोड़ना स्वाभाविक नहीं हो जाता। उपसर्ग को पूरे प्रचलित शब्द के साथ सीखें।

بد केवल किसी गुण की अनुपस्थिति नहीं बताता, बल्कि बुरा होने का मूल्यांकन भी कर सकता है। ‘जाने-पहचाने न होना’ और ‘बदनाम होना’ अलग बातें हैं। بدنام व्यक्ति के बारे में लोग जानते भी हो सकते हैं—उसकी प्रतिष्ठा अच्छी नहीं है।

बाद में जुड़ने वाले अंश: دار، گاہ और ناک

प्रत्यय मुख्य संकेत प्रचलित शब्द हिन्दी अर्थ
دار किसी चीज़ का स्वामी या धारक زمیندار ज़मीन का मालिक
دار किसी गुण या दायित्व वाला ذمہ دار ज़िम्मेदार
دار किसी व्यवस्था से जुड़ी भूमिका دکاندار दुकानदार
دار स्वाद जैसे गुण का होना مزے دار मज़ेदार; स्वादिष्ट भी
گاہ किसी काम से संबंधित स्थान عبادت گاہ उपासना-स्थल
گاہ किसी काम से संबंधित स्थान آرام گاہ आराम करने का स्थान
گاہ देखने या निरीक्षण का स्थान رصدگاہ वेधशाला
ناک किसी भाव या प्रभाव से युक्त خطرناک ख़तरनाक
ناک दुख उत्पन्न करने वाला دردناک दर्दनाक
ناک भय उत्पन्न करने वाला خوفناک डरावना; भयावह

دار का अर्थ हमेशा कानूनी मालिक नहीं होता। زمیندار में मालिक का अर्थ स्पष्ट है, लेकिन ذمہ دار में ज़िम्मेदारी निभाने या किसी बात के लिए उत्तरदायी होने का भाव है। مزے دار किसी व्यक्ति का पद नहीं बल्कि खाने, कहानी या अनुभव का गुण बताता है।

گاہ को देखकर जगह का अनुमान उपयोगी है। फिर भी हर जगह का नाम इसी प्रत्यय से नहीं बनता। उर्दू में विद्यालय, दुकान, घर और दूसरे स्थानों के कई अलग प्रचलित नाम हैं। किसी हिन्दी शब्द में ‘-स्थान’ देखकर उर्दू में सीधे گاہ न जोड़ें।

ناک के लिए ‘से भरा’ एक शुरुआती संकेत है, पूरी परिभाषा नहीं। خطرناک में ख़तरे का भाव है, जबकि دردناک ऐसी घटना या अनुभूति भी हो सकती है जो दूसरों को दुख दे। केवल ‘दर्द से भरा’ कहने की तुलना में ‘दुखद’ या ‘दर्दनाक’ अक्सर अधिक स्वाभाविक हिन्दी होगी।

नए शब्द का रूप कैसे बदलता है?

शब्द बनाना और उसी शब्द के व्याकरणिक रूप बदलना अलग प्रक्रियाएँ हैं। زمیندار नया शब्द है; زمینداروں उसी शब्द का ऐसा बहुवचन रूप है जो سے जैसे बाद में आने वाले संबंधसूचक शब्द से पहले आता है। संबंधसूचक शब्द संज्ञा का दूसरे शब्दों से रिश्ता बताते हैं, जैसे हिन्दी के ‘से’, ‘में’, ‘का’।

  • زمینداروں سے بات کریں۔ — ज़मींदारों से बात कीजिए।

خطرناک، ذمہ دار، بےخبر जैसे विशेषण सामान्यतः लिंग और वचन के अनुसार अपनी अंतिम ध्वनि नहीं बदलते। लिंग से यहाँ व्याकरणिक पुल्लिंग या स्त्रीलिंग और वचन से एक या अनेक का भेद समझें। हिन्दी के ‘अच्छा/अच्छी’ वाला बदलाव हर उर्दू विशेषण में न खोजें।

  • خطرناک راستہ — ख़तरनाक रास्ता।
  • خطرناک سڑک — ख़तरनाक सड़क।

दोनों में خطرناک वही रहता है। इसके विपरीत आगे आने वाला والا बदल सकता है। नया शब्द सीखते समय उसके अर्थ के साथ उसका वाक्य में व्यवहार भी देखें।

संदर्भ सहित उदाहरण

इन वाक्यों में अर्थ केवल जोड़कर नहीं निकाला गया है; हिन्दी अनुवाद में वही बात स्वाभाविक ढंग से कही गई है। विशेष रूप से بےخبر और بدنام के अंतर तथा دار के अलग अर्थों पर ध्यान दें।

उर्दू हिन्दी अर्थ क्या ध्यान दें
میں اس فیصلے سے بےخبر تھا۔ मुझे इस फ़ैसले की जानकारी नहीं थी। जानकारी का अभाव।
اتنی سی بات پر اسے بےوقوف نہ کہیے۔ इतनी-सी बात पर उसे बेवकूफ़ मत कहिए। व्यक्ति के लिए अपमानजनक शब्द हो सकता है।
ہمیں بےایمان لوگوں سے محتاط رہنا چاہیے۔ हमें बेईमान लोगों से सावधान रहना चाहिए। ईमानदारी की कमी।
کسی طالب علم کو نالائق کہنا مناسب نہیں۔ किसी विद्यार्थी को नालायक कहना उचित नहीं है। योग्यता पर कठोर टिप्पणी।
پہلی کوشش ناکام رہی، مگر ہم نے ہمت نہیں ہاری۔ पहली कोशिश असफल रही, लेकिन हमने हिम्मत नहीं हारी। असफल प्रयास, ज़रूरी नहीं कि अयोग्य व्यक्ति हो।
آج ہی یہ کام مکمل کرنا ناممکن ہے۔ आज ही यह काम पूरा करना असंभव है। संभव होने का निषेध।
ایک جھوٹی خبر نے اسے بدنام کر دیا۔ एक झूठी ख़बर ने उसे बदनाम कर दिया। बुरी प्रतिष्ठा बन जाना।
وہ زمیندار اپنے کھیت میں کام کر رہا ہے۔ वह ज़मींदार अपने खेत में काम कर रहा है। ज़मीन के मालिक के लिए संज्ञा।
دکاندار نے مجھے باقی پیسے واپس کیے۔ दुकानदार ने मुझे बचे हुए पैसे लौटाए। काम या भूमिका से जुड़ा व्यक्ति।
اس غلطی کا ذمہ دار کون ہے؟ इस ग़लती के लिए ज़िम्मेदार कौन है? उत्तरदायित्व, न कि मालिकाना हक़।
یہ کھانا بہت مزے دار ہے۔ यह खाना बहुत स्वादिष्ट है। खाने के साथ अर्थ ‘स्वादिष्ट’।
یہ عمارت ایک قدیم عبادت گاہ ہے۔ यह इमारत एक प्राचीन उपासना-स्थल है। काम से जुड़ी जगह।
بارش کے بعد یہ راستہ خطرناک ہو جاتا ہے۔ बारिश के बाद यह रास्ता ख़तरनाक हो जाता है। स्थिति का गुण।
اس نے ایک دردناک واقعہ سنایا۔ उसने एक दुखद घटना सुनाई। मन को दुख पहुँचाने वाला प्रभाव।
رات کو ایک خوفناک آواز سنائی دی۔ रात को एक डरावनी आवाज़ सुनाई दी। डर पैदा करने वाला प्रभाव।

आम गलतियाँ

१. ‘अज्ञात’ के लिए ‘बदनाम’ कहना

  • गलत, यदि आशय ‘अज्ञात’ है: یہ مصنف بدنام ہے۔
  • सही: یہ مصنف زیادہ مشہور نہیں ہے۔ — यह लेखक ज़्यादा प्रसिद्ध नहीं है।
  • कारण: पहला वाक्य व्याकरण की दृष्टि से सही है, पर उसका अर्थ ‘यह लेखक बदनाम है’ होगा। بد को सामान्य निषेध समझने से अर्थ बिगड़ जाता है।

२. एक असफल प्रयास को व्यक्ति की अयोग्यता मान लेना

  • गलत, यदि केवल परीक्षा का परिणाम बताना है: وہ امتحان میں نالائق ہوا۔
  • सही: وہ امتحان میں ناکام ہوا۔ — वह परीक्षा में असफल हुआ।
  • कारण: ناکام किसी प्रयास का परिणाम बता सकता है। نالائق व्यक्ति की योग्यता पर टिप्पणी है; दोनों समानार्थी नहीं हैं।

३. ‘ख़तरनाक’ को स्त्रीलिंग में बदल देना

  • गलत: یہ سڑک خطرناکی ہے۔
  • सही: یہ سڑک خطرناک ہے۔ — यह सड़क ख़तरनाक है।
  • कारण: خطرناک का स्त्रीलिंग बनाने के लिए अंत में ی नहीं जोड़ते। यहाँ गलती हिन्दी के ‘लंबा/लंबी’ जैसा बदलाव लगाने से आती है।

४. ज़मीन के मालिक के लिए ‘वाला’ की तरह रूप बदलना

  • गलत: زمین دارا — ज़मीन का मालिक कहने के लिए बनाया गया रूप।
  • सही: زمیندار — ज़मींदार।
  • कारण: دار को والا समझकर उसके अंत में नया रूप नहीं जोड़ते। व्यक्ति के स्त्री या पुरुष होने और संज्ञा के प्रचलित स्त्रीवाचक रूप का प्रश्न अलग है; उससे यह प्रत्यय अपने-आप دارا नहीं बन जाता।

५. देवनागरी देखकर उर्दू की वर्तनी तय करना

  • गलत: بےوکوف
  • सही: بےوقوف — बेवकूफ़।
  • कारण: इस शब्द में ق आता है, ک नहीं। हिन्दी में परिचित उच्चारण शब्द पहचानने में सहायक है, लेकिन उर्दू की सही वर्तनी अलग से सीखनी पड़ती है।

प्रयोग और शैली से जुड़ी बातें

परिचित शब्द भी कठोर हो सकते हैं

بےوقوف، نالائق، بےایمان، بداخلاق किसी व्यक्ति पर सीधे कहने से अपमान या आरोप बन सकते हैं। हिन्दी में इनके परिचित होने के कारण उनका प्रभाव हल्का न मानें। औपचारिक प्रतिक्रिया में व्यक्ति पर ठप्पा लगाने के बजाय काम या व्यवहार की बात करना अधिक उपयुक्त हो सकता है।

  • یہ جواب درست نہیں ہے۔ — यह उत्तर सही नहीं है।
  • یہ رویہ مناسب نہیں ہے۔ — यह व्यवहार उचित नहीं है।

इन वाक्यों का अर्थ ‘तुम नालायक हो’ जैसा नहीं है; वे किसी विशेष उत्तर या व्यवहार तक आलोचना सीमित रखते हैं।

हर फ़ारसी मूल का शब्द भारी-भरकम नहीं होता

دکاندار، خطرناک، ناکام जैसे शब्द रोज़मर्रा में भी सामान्य हैं। رصدگاہ जैसा शब्द विषय-विशेष में मिलेगा। केवल प्रत्यय देखकर किसी शब्द को साहित्यिक या बोलचाल का घोषित न करें। उसकी आवृत्ति, प्रसंग और साथ आने वाले शब्द देखें।

हिन्दी पृष्ठभूमि का लाभ यह है कि अर्थ अक्सर जल्दी समझ में आता है। सावधानी यह है कि हिन्दी के किसी एक अर्थ को उर्दू के हर संदर्भ पर न थोपें। مزے دار खाने के साथ ‘स्वादिष्ट’ और किस्से के साथ ‘मज़ेदार’ हो सकता है।

शब्दों के बीच जगह और अक्षरों के बीच जोड़ अलग हैं

उर्दू लेखन में بےخبر / بے خبر तथा ذمہ دار जैसे रूप मिलेंगे। कुछ शब्द जुड़े लिखे जाते हैं, कुछ में जगह दिखाई देती है; प्रकाशन-शैली भी असर डाल सकती है। इस लेख में प्रयुक्त रूप पहचानें, लेकिन दूसरी प्रचलित लिखावट को केवल खाली जगह के आधार पर अलग अर्थ वाला शब्द न समझें।

साथ ही उर्दू के कुछ अक्षर अपने बाद वाले अक्षर से नहीं जुड़ते। इसलिए دکاندار जैसे शब्द में दृश्य अंतराल होने का अर्थ यह नहीं कि वहाँ दो अलग शब्द हैं। लिखने में किसी विश्वसनीय शब्दकोश या चुनी हुई शैली का अनुसरण करें।

आगे की समझ: शब्द-परिवार और देशज ढाँचे

एक शब्द पर दूसरी परत जुड़ना

शब्द-निर्माण एक ही चरण पर रुकना ज़रूरी नहीं है। पहले बना विशेषण आगे किसी भाव का नाम बन सकता है। ऐसी भाववाचक संज्ञा किसी वस्तु या व्यक्ति के बजाय गुण, स्थिति या अनुभव का नाम होती है।

आधार शब्द अर्थ उससे बना शब्द अर्थ
بےایمان बेईमान بےایمانی बेईमानी
ناکام असफल ناکامی असफलता
ذمہ دار ज़िम्मेदार ذمہ داری ज़िम्मेदारी
بےوقوف बेवकूफ़ بےوقوفی बेवकूफ़ी

ذمہ داری में पहले ज़िम्मेदारी धारण करने वाला गुण बनता है, फिर उसी गुण या दायित्व का नाम। ناکامی किसी असफलता को बताता है; वह किसी व्यक्ति को सीधे नालायक नहीं कहता। इन शब्द-परिवारों को साथ सीखने से अर्थ के साथ वाक्य-रचना भी स्पष्ट होती है।

  • وہ ذمہ دار ہے۔ — वह ज़िम्मेदार है।
  • یہ میری ذمہ داری ہے۔ — यह मेरी ज़िम्मेदारी है।

पहले वाक्य में गुण बताया गया है; दूसरे में दायित्व का नाम है। फिर भी हर विशेषण के बाद ی जोड़कर स्वाभाविक नया शब्द नहीं बनाया जा सकता। ऊपर के रूप प्रचलित शब्द हैं, कोई सार्वत्रिक सूत्र नहीं।

والا: हिन्दी से साझा, लेकिन دار का सीधा विकल्प नहीं

والا से व्यक्ति, वस्तु या संबंध की पहचान कर सकते हैं। हिन्दी का ‘दूधवाला’, ‘काम करने वाला’ इसका अच्छा सहारा है। इस ढाँचे में रूप बदलता भी है: والا، والی، والے।

उर्दू हिन्दी अर्थ बनावट का संकेत
دودھ والا दूधवाला वस्तु या काम से पहचान।
دودھ والی दूध बेचने वाली महिला स्त्रीलिंग रूप।
کام کرنے والے لوگ काम करने वाले लोग काम से पहचाने गए अनेक लोग।

دکاندار एक स्थापित शब्द है। دکان والا संदर्भ में दुकान चलाने वाले या उस दुकान से जुड़े व्यक्ति को बता सकता है। दोनों कभी एक ही व्यक्ति की ओर संकेत कर सकते हैं, पर इससे دار और والا हर जगह अदलने-बदलने योग्य नहीं हो जाते। خطرناک की जगह किसी मनगढ़ंत ‘ख़तरे वाला’ रूप को समान अर्थ और शैली वाला न मानें।

پن और काम करवाने वाली क्रियाएँ

پن भी किसी गुण या अवस्था का नाम बनाने में मिलता है। بچپن ‘बचपन’ और بچگانہ پن ‘बचकानापन’ हैं। इन्हें हिन्दी से पहचानना आसान है, लेकिन بچپن जीवन की अवस्था है, जबकि بچگانہ پن व्यवहार का गुण हो सकता है। समान अंश वाले शब्द हमेशा समान प्रकार की चीज़ नहीं बताते।

देशज शब्द-निर्माण का एक और रास्ता प्रेरणार्थक क्रिया है—ऐसी क्रिया जिसमें किसी से काम कराना बताया जाए। کرنا ‘करना’ और کروانا ‘करवाना’ का अंतर हिन्दी से परिचित होगा। यह دار या ناک जोड़ने वाला ढाँचा नहीं, बल्कि क्रिया बनाने की अलग प्रक्रिया है। इसलिए संज्ञा, गुण और काम के शब्दों की रचना को एक ही नियम में न बाँधें।

अरबी से आए शब्दों में हर बार जोड़ने वाला अंश नहीं मिलेगा

उर्दू में علم ‘ज्ञान’, عالم ‘विद्वान’ और معلوم ‘ज्ञात; पता’ जैसे संबंधित शब्द मिलते हैं। इनका रिश्ता केवल एक पूरे शब्द के आगे या पीछे छोटा अंश लगाने जैसा नहीं है। अरबी में संबंधित शब्दों के भीतर व्यंजनों और स्वरों के ढाँचे का भी महत्त्व होता है।

उर्दू सीखने के लिए इन संबंधों को पहचानना लाभकारी है, पर अरबी का कोई ढाँचा देखकर उसी तरह मनमाने नए उर्दू शब्द न बनाएँ। नए पाठक के लिए अच्छा नियम है: पहले प्रचलित शब्द और उसका प्रयोग सीखें, फिर शब्द-परिवार पहचानें। ऐतिहासिक संबंध जानना सही वर्तमान प्रयोग की जगह नहीं लेता।

अभ्यास के तरीके

१. तीन उपसर्गों की अलग सूची बनाएँ। بےخبر، ناکام، بدنام लिखें और हर शब्द के सामने पूछें: यहाँ किसी चीज़ का अभाव है, किसी स्थिति का निषेध है या बुरा गुण है? फिर पूरे शब्द का एक स्वाभाविक हिन्दी अर्थ लिखें। इससे केवल ‘नकारात्मक’ का अस्पष्ट भाव याद रखने की आदत टूटेगी।

२. एक आधार से छोटा शब्द-परिवार बनाएँ। उदाहरण के लिए ذمہ دار → ذمہ داری। दोनों के लिए अलग वाक्य लिखें: एक में किसी का गुण हो और दूसरे में दायित्व का नाम। केवल सही प्रचलित रूप लें; जो रूप सूझ रहा हो, उसे जोड़ने से पहले शब्दकोश में जाँचें।

३. पढ़ते समय अनुमान और पुष्टि अलग रखें। किसी समाचार से पाँच अपरिचित शब्द चुनें। उपसर्ग या प्रत्यय पहचानकर संभावित अर्थ लिखें, फिर पूरे वाक्य और शब्दकोश से जाँचें। खास तौर पर दर्ज करें कि अर्थ कहाँ सीधा निकला और कहाँ مزے دار जैसे शब्द का संदर्भ देखना पड़ा। अंत में सही उर्दू वर्तनी भी लिखें।

एक छोटा स्व-परीक्षण करें: ‘असफल प्रयास’ के लिए ناکام या نالائق? ‘स्वादिष्ट खाना’ में مزے دار का कौन-सा अर्थ? ‘ख़तरनाक सड़क’ में क्या विशेषण बदलेगा? उत्तर हैं: ناکام; खाने का अच्छा स्वाद; और خطرناک अपरिवर्तित रहेगा।

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