तुर्की में बुनियादी कारक प्रत्यय
Temel Hal Ekleri
यह लेख Settemila Lingue पर तुर्की व्याकरण-वृक्ष का हिस्सा है।
संक्षेप में
तुर्की में संज्ञा (व्यक्ति, जगह या वस्तु का नाम) के अंत में लगे कारक प्रत्यय बताते हैं कि वाक्य में उसका क्या संबंध है: ev = घर, evi = उस घर को, eve = घर की ओर, evde = घर पर, evden = घर से और evin = घर का। इस बुनियादी व्यवस्था में छह कारक हैं; मूल रूप में कोई प्रत्यय नहीं जुड़ता। सही रूप चुनने के लिए पहले अर्थ और क्रिया देखें, फिर शब्द के अंतिम स्वर और अंतिम ध्वनि के अनुसार प्रत्यय बदलें।
एक नज़र में
हिंदी में हम कहते हैं “स्कूल में”, “स्कूल से” और “स्कूल का”। तुर्की में ऐसे कई संबंध अलग शब्द से नहीं, संज्ञा के साथ जुड़ने वाले छोटे हिस्से से व्यक्त होते हैं: okulda = स्कूल में, okuldan = स्कूल से, okulun = स्कूल का। प्रत्यय का मतलब है ऐसा हिस्सा जो शब्द के अंत में जुड़ता है। इन्हीं रूपों को तुर्की में hâl ekleri कहा जाता है।
यह विषय A2 स्तर पर रोज़मर्रा की बातों को जोड़ने में बहुत काम आता है: आप कहाँ जा रहे हैं, कहाँ रहते हैं, किसे देख रहे हैं, कहाँ से आए हैं और कोई चीज़ किसकी है। छह अलग प्रत्ययों को रटने से बेहतर है कि हर रूप को एक सवाल और एक छोटे वाक्य के साथ याद किया जाए।
हिंदी से तुलना मददगार है, लेकिन हर जगह शब्दशः मेल नहीं मिलता। हिंदी का “को” कभी तुर्की में किसी खास वस्तु को चिह्नित करता है, तो कभी पाने वाले व्यक्ति या जाने की दिशा को। इसी तरह हिंदी का “से” स्रोत, तुलना और साधन तीनों बता सकता है; तुर्की में इन सबके लिए एक ही प्रत्यय नहीं लगता। इसलिए केवल हिंदी के छोटे शब्द देखकर निर्णय न लें।
रूप कैसे बनते हैं
1. छह कारक और उनके काम
कारक का अर्थ है वाक्य में संज्ञा की भूमिका या उसका दूसरे शब्द से संबंध। नीचे दिए रूप ev यानी “घर” के हैं। कोष्ठक में लिखा अक्षर केवल ज़रूरत पड़ने पर जुड़ता है।
| कारक | तुर्की नाम और प्रत्यय | मुख्य काम | घर के रूप |
|---|---|---|---|
| मूल या अप्रत्यय रूप | yalın hâl — ∅ | नाम का सीधा रूप; काम करने वाला या बिना खास पहचान वाली वस्तु | ev |
| निश्चित कर्म कारक | belirtme hâli — -(y)ı / -(y)i / -(y)u / -(y)ü | क्रिया जिस खास व्यक्ति या वस्तु पर होती है, उसे चिह्नित करना | evi |
| दिशा या प्राप्तकर्ता कारक | yönelme hâli — -(y)a / -(y)e | कहाँ की ओर, किसे देना | eve |
| स्थान कारक | bulunma hâli — -da / -de / -ta / -te | कहाँ पर, कहाँ में | evde |
| स्रोत या अलगाव कारक | ayrılma hâli — -dan / -den / -tan / -ten | कहाँ से, किससे अलग | evden |
| संबंध कारक | tamlayan hâli — -(n)ın / -(n)in / -(n)un / -(n)ün | किसका, किसकी, किसके | evin |
कर्ता वह है जिसके बारे में बताया जा रहा है या जो काम कर रहा है: Çocuk uyuyor. = बच्चा सो रहा है। यहाँ çocuk मूल रूप में है। तुर्की में हिंदी के भूतकाल वाले “ने” का कोई सीधा कारक-प्रत्यय नहीं लगाया जाता: Ali kitabı okudu. = अली ने किताब पढ़ी। Ali पर कोई प्रत्यय नहीं है; kitabı उस किताब को चिह्नित करता है जिसे पढ़ा गया।
2. अंतिम स्वर के अनुसार रूप चुनें
स्वर-सामंजस्य का मतलब है कि प्रत्यय का स्वर, शब्द के आखिरी स्वर के साथ मेल खाता है। शब्द का पहला स्वर नहीं, अंतिम स्वर देखें। तुर्की के ı और i अलग अक्षर और अलग स्वर हैं; बिंदु हटाना या जोड़ना केवल लिखावट की बात नहीं है।
दिशा, स्थान और स्रोत वाले प्रत्ययों में दो स्वर-विकल्प होते हैं:
| अंतिम स्वर | दिशा | स्थान / स्रोत का स्वर | उदाहरण का अर्थ |
|---|---|---|---|
| a, ı, o, u | -a | -da, -dan | स्कूल की ओर: okula |
| e, i, ö, ü | -e | -de, -den | गाँव की ओर: köye |
निश्चित कर्म और संबंध वाले प्रत्ययों में चार स्वर-विकल्प होते हैं:
| अंतिम स्वर | कर्म प्रत्यय | संबंध प्रत्यय | उदाहरण और अर्थ |
|---|---|---|---|
| a, ı | -ı | -ın | kapıyı = उस दरवाज़े को; kapının = दरवाज़े का |
| e, i | -i | -in | evi = उस घर को; evin = घर का |
| o, u | -u | -un | okulu = उस स्कूल को; okulun = स्कूल का |
| ö, ü | -ü | -ün | köyü = उस गाँव को; köyün = गाँव का |
ऊपर kapı के बाद y और n भी दिख रहे हैं। ये दो स्वरों के बीच आने वाले जोड़ हैं; इनकी व्यवस्था अगले हिस्से में है।
3. स्वर पर समाप्त शब्दों में जोड़ने वाला अक्षर
अगर शब्द पहले से स्वर पर समाप्त हो, तो स्वर से शुरू होने वाला प्रत्यय सीधे नहीं जुड़ता:
- निश्चित कर्म में y: araba → arabayı = गाड़ी → उस गाड़ी को।
- दिशा में y: araba → arabaya = गाड़ी → गाड़ी की ओर/गाड़ी को।
- संबंध में n: araba → arabanın = गाड़ी → गाड़ी का।
स्थान और स्रोत के प्रत्यय पहले ही व्यंजन से शुरू होते हैं, इसलिए अतिरिक्त अक्षर नहीं चाहिए: arabada = गाड़ी में; arabadan = गाड़ी से। व्यंजन से मतलब यहाँ ऐसी ध्वनि है जो स्वर नहीं है, जैसे d, k, n।
एक ही स्वरांत शब्द से तीन अलग संबंध बनते हैं: kediyi gördüm = मैंने उस बिल्ली को देखा; kediye su verdim = मैंने बिल्ली को पानी दिया; kedinin suyu = बिल्ली का पानी। तीनों का हिंदी अनुवाद “को” या “का” के सहारे समझें, मगर तुर्की रूप के साथ उसका काम भी याद रखें।
4. स्थान और स्रोत में d कब t बनता है?
शब्द का आखिरी व्यंजन ç, f, h, k, p, s, ş, t में से हो तो स्थान और स्रोत के प्रत्ययों की शुरुआत t से होती है। बाकी स्थितियों में d रहता है। इसके बाद स्वर-सामंजस्य से a या e चुनें।
- sokak → sokakta, sokaktan = सड़क → सड़क पर, सड़क से।
- iş → işte, işten = काम → काम पर, काम से।
- otobüs → otobüste, otobüsten = बस → बस में, बस से।
- oda → odada, odadan = कमरा → कमरे में, कमरे से।
अर्थ चुनना, स्वर चुनना और d/t चुनना अलग-अलग कदम हैं। Otobüs में अंतिम स्वर ü है, इसलिए e चाहिए; अंतिम व्यंजन s है, इसलिए t: otobüste।
5. कुछ शब्दों का आखिरी व्यंजन भी बदलता है
स्वर से शुरू होने वाला प्रत्यय जुड़ने पर कई शब्दों के अंतिम p, ç, t, k बदलकर क्रमशः b, c, d, ğ/g हो जाते हैं। इसे व्यंजन का नरम होना कहा जाता है। यह हर शब्द में नहीं होता, इसलिए नए शब्द के साथ उसका एक प्रत्यय वाला रूप भी सीखें।
- kitap → kitabı, kitaba, kitabın = किताब → उस किताब को, किताब को/की ओर, किताब का।
- ağaç → ağacı = पेड़ → उस पेड़ को।
- çocuk → çocuğa = बच्चा → बच्चे को।
- लेकिन at → atı = घोड़ा → उस घोड़े को; यहाँ t नहीं बदलता।
स्थान और स्रोत के प्रत्यय स्वर से शुरू नहीं होते। इसलिए kitapta = किताब में और kitaptan = किताब से में p बना रहता है, जबकि प्रत्यय का d, t बनता है।
6. तीन पूरे नमूने
नीचे पूरी व्यवस्था एक साथ देखें। Ev व्यंजन पर, araba स्वर पर समाप्त होता है और kitap में कुछ रूपों में अंतिम व्यंजन बदलता है।
| रूप | घर | गाड़ी | किताब |
|---|---|---|---|
| मूल | ev | araba | kitap |
| निश्चित कर्म | evi | arabayı | kitabı |
| दिशा / प्राप्तकर्ता | eve | arabaya | kitaba |
| स्थान | evde | arabada | kitapta |
| स्रोत / अलगाव | evden | arabadan | kitaptan |
| संबंध | evin | arabanın | kitabın |
7. “को” दिखे तो तुरंत एक प्रत्यय न चुनें
कर्म वह व्यक्ति या वस्तु है जिस पर क्रिया सीधे होती है। Kitabı okudum. में पढ़ी गई चीज़ kitabı है। लेकिन Ayşe'ye kitabı verdim. = मैंने आयशे को वह किताब दी में किताब दी गई वस्तु है और आयशे उसे पाने वाली व्यक्ति है। इसलिए किताब पर कर्म प्रत्यय, आयशे पर दिशा/प्राप्तकर्ता प्रत्यय है।
निश्चित कर्म प्रत्यय का अर्थ केवल हिंदी का “को” नहीं है। हिंदी में “मैंने वह किताब पढ़ी” में किताब के बाद “को” नहीं आता, लेकिन तुर्की में खास पहचानी हुई किताब के लिए kitabı आएगा। तुलना करें:
- Kitap okuyorum. = मैं किताब पढ़ रहा हूँ। यहाँ पढ़ने की गतिविधि पर ध्यान है, कौन-सी किताब यह नहीं बताया गया।
- Kitabı okuyorum. = मैं वह किताब पढ़ रहा हूँ। किताब संदर्भ में पहचानी हुई है।
- Bir kitap okuyorum. = मैं एक किताब पढ़ रहा हूँ। किताब का परिचय दिया जा रहा है।
- Bir kitabı arıyorum. = मैं एक खास किताब ढूँढ़ रहा हूँ। बोलने वाले के मन में एक विशेष किताब है।
इसलिए bir आने पर कर्म प्रत्यय हमेशा हटता है, ऐसा नियम न बनाएँ। शुरुआती तौर पर “बिना खास पहचान की वस्तु” और “कोई खास वस्तु” का अंतर पकड़ना पर्याप्त है।
8. “किसका” में दोनों नामों को देखें
संबंध बताने वाले सामान्य ढाँचे में मालिक के नाम पर संबंध प्रत्यय लगता है और दूसरे नाम पर स्वामित्व प्रत्यय लगता है, यानी वह अंत जो बताता है कि चीज़ किसी की है:
- Ali'nin kitabı = अली की किताब।
- Ayşe'nin arabası = आयशे की गाड़ी।
- evin kapısı = घर का दरवाज़ा।
यहाँ kitabı का आखिरी -ı कर्म प्रत्यय नहीं, स्वामित्व प्रत्यय है। एक जैसी दिखने वाली समाप्ति का काम संदर्भ से समझें। हिंदी के “का/की/के” से केवल पहले नाम को बदलने की आदत न लें: तुर्की में पूरे संबंध-समूह की बनावट महत्वपूर्ण है।
संदर्भ सहित उदाहरण
इन वाक्यों में दिशा, स्थान और वस्तु की पहचान को अलग-अलग देखें। Okulda. जैसी छोटी प्रतिक्रिया भी बातचीत में पूरी बात कह सकती है, अगर सवाल पहले से मालूम हो।
| तुर्की | हिंदी अर्थ | ध्यान देने की बात |
|---|---|---|
| Çocuk uyuyor. | बच्चा सो रहा है। | कर्ता मूल रूप में है। |
| Kitabı okudum. | मैंने वह किताब पढ़ी। | खास किताब; अंतिम व्यंजन भी बदला है। |
| Her akşam kitap okuyorum. | मैं हर शाम किताब पढ़ता हूँ। | गतिविधि पर ध्यान; कर्म प्रत्यय नहीं। |
| Bu kapıyı açabilir misiniz? | क्या आप यह दरवाज़ा खोल सकते हैं? | निश्चित कर्म; स्वर के बाद जोड़ने वाला अक्षर। |
| Eve gidiyorum. | मैं घर जा रहा हूँ। | जाने की मंज़िल। |
| Öğretmene bir soru sordum. | मैंने शिक्षक से एक सवाल पूछा। | तुर्की में सवाल पूछे जाने वाले व्यक्ति पर दिशा प्रत्यय। |
| Ayşe'ye kitabı verdim. | मैंने आयशे को वह किताब दी। | प्राप्तकर्ता और दी जाने वाली वस्तु के अलग कारक। |
| Okulda. | स्कूल में। | “कहाँ?” का छोटा उत्तर। |
| Anahtar çantada. | चाबी बैग में है। | स्थान; अभी की स्थिति बताने में अलग से “है” जैसा शब्द नहीं। |
| Otobüste yer yok. | बस में जगह नहीं है। | अंतिम व्यंजन के कारण स्थान प्रत्यय की शुरुआत बदलती है। |
| İşten saat altıda çıkıyorum. | मैं छह बजे काम से निकलता हूँ। | स्रोत के साथ समय बताने वाला स्थान प्रत्यय भी। |
| Ankara'dan geliyorum. | मैं अंकारा से आ रहा हूँ। | नाम के बाद अलगाव-चिह्न लगाकर प्रत्यय। |
| Evin kapısı açık. | घर का दरवाज़ा खुला है। | संबंध में दोनों संज्ञाओं पर निशान। |
| Bu çanta benim değil. | यह बैग मेरा नहीं है। | संबंध रूप अकेले भी स्वामित्व बता सकता है। |
आम गलतियाँ
1. जहाँ मौजूद हैं, वहाँ दिशा वाला रूप लगाना
- गलत: Evde gidiyorum. — अगर कहना है “मैं घर जा रहा हूँ”।
- सही: Eve gidiyorum.
- क्यों: Eve मंज़िल है; evde घर पर होने की स्थिति है। “मैं घर पर हूँ” के लिए Evdeyim. कहें।
2. हर पढ़ी या खरीदी जाने वाली चीज़ पर कर्म प्रत्यय लगाना
- गलत: Her gün bir gazeteyi okuyorum. — अगर आशय केवल “मैं रोज़ एक अखबार पढ़ता हूँ” है और कोई खास अखबार नहीं है।
- सही: Her gün bir gazete okuyorum.
- क्यों: पहला वाक्य किसी खास अखबार की पहचान का भाव पैदा कर सकता है; वह हर संदर्भ में व्याकरण की गलती नहीं है। प्रत्यय जोड़ने से अर्थ बदल सकता है, इसलिए सिर्फ क्रिया देखकर कर्म प्रत्यय न लगाएँ।
3. प्रत्यय का स्वर या शुरुआती व्यंजन गलत चुनना
- गलत: Okuldeyim. / Kitapda bir resim var.
- सही: Okuldayım. = मैं स्कूल में हूँ। / Kitapta bir resim var. = किताब में एक चित्र है।
- क्यों: Okul के अंतिम स्वर के अनुसार -da चाहिए। Kitap के अंतिम p के बाद -ta लगता है।
4. जोड़ने वाला अक्षर छोड़ देना या गलत लगाना
- गलत: Arabaı gördüm. / Arabayın kapısı açık.
- सही: Arabayı gördüm. = मैंने वह गाड़ी देखी। / Arabanın kapısı açık. = गाड़ी का दरवाज़ा खुला है।
- क्यों: स्वरांत नाम के निश्चित कर्म में y, संबंध में n आता है। दोनों जगह एक ही जोड़ नहीं लगाया जाता।
5. हिंदी का “से” देखकर हमेशा स्रोत प्रत्यय लगाना
- गलत: Otobüsten gidiyorum. — अगर मतलब “मैं बस से जा रहा हूँ” है, यानी बस यात्रा का साधन है।
- सही: Otobüsle gidiyorum.
- क्यों: Otobüsten का अर्थ बस से बाहर/बस से शुरू होकर है; यात्रा का साधन otobüsle बताता है। साधन या साथ के लिए ile अथवा उसका जुड़ा रूप अलग व्यवस्था है।
6. स्वामित्व में दूसरे नाम का प्रत्यय भूलना
- गलत: Ali'nin kitap burada.
- सही: Ali'nin kitabı burada. = अली की किताब यहाँ है।
- क्यों: मालिक पर संबंध प्रत्यय और किताब पर स्वामित्व प्रत्यय, दोनों चाहिए। यहाँ kitabı किसी क्रिया का निश्चित कर्म नहीं है।
प्रयोग की ज़रूरी बातें
क्रिया को उसके कारक के साथ सीखें
हिंदी और तुर्की में एक जैसी बात अलग ढाँचे से बन सकती है। Birine sormak = किसी से पूछना में व्यक्ति दिशा रूप में आता है: Öğretmene sordum. = मैंने शिक्षक से पूछा। Birinden korkmak = किसी से डरना में स्रोत रूप आता है: Köpekten korkuyorum. = मुझे कुत्ते से डर लगता है।
इसी तरह birine bakmak = किसी की ओर देखना में दिशा रूप होता है: Bana bak. = मेरी ओर देखो। हर नई क्रिया के लिए केवल हिंदी अर्थ न लिखें; उसके साथ एक छोटा तुर्की उदाहरण भी लिखें। इससे “किसे/किससे” के अनुवाद का भ्रम घटता है।
नामों के साथ लिखावट
व्यक्तियों और जगहों के विशेष नामों में कारक प्रत्यय से पहले अलगाव-चिह्न लगाया जाता है: Ali'yi = अली को, Ayşe'ye = आयशे को, Ankara'da = अंकारा में, İstanbul'dan = इस्तांबुल से। सामान्य संज्ञाओं में यह नहीं होता: okulda = स्कूल में।
किसी व्यक्ति या शहर के नाम का अंतिम व्यंजन लिखावट में नरम नहीं किया जाता: Ahmet'e = अहमेत को, Ahmet'i = अहमेत को निश्चित कर्म के रूप में। कारक प्रत्यय औपचारिक और सामान्य बोलचाल दोनों में चाहिए; इन्हें केवल लिखित भाषा की सजावट न समझें।
स्थान वाला रूप केवल जगह नहीं बताता
घड़ी का समय बताने में भी यही प्रत्यय आता है: saat üçte = तीन बजे, saat altıda = छह बजे। Üç के अंतिम ç के कारण -te, लेकिन altı के बाद -da लगता है। जगह और समय, दोनों में किसी बिंदु पर होने का भाव पहचानें; हिंदी में एक के लिए “में/पर” और दूसरे के लिए “बजे” कहना पड़ता है।
आगे की बारीकियाँ — अभी पहचानना पर्याप्त है
नीचे की बातें आधारभूत छह रूपों को आगे जोड़ती हैं। पहली बार पढ़ते समय इन्हें पूरी तरह याद करना ज़रूरी नहीं; पहले eve, evde, evden का अंतर और सामान्य कर्म रूप पक्का करें।
बहुवचन और स्वामित्व के बाद कारक
बहुवचन यानी एक से अधिक का रूप, कारक से पहले आता है: evler = घर, evlerde = घरों में, evlerden = घरों से। सामंजस्य अब सबसे अंत में जुड़े हिस्से को ध्यान में रखकर चलता है।
स्वामित्व भी हो तो सामान्य क्रम है: संज्ञा + बहुवचन + स्वामित्व + कारक। उदाहरण: kitaplarımda = मेरी किताबों में। इसे kitap-lar-ım-da में बाँटकर देखें: किताब + अनेक + मेरी + में। लिखते समय ये हिस्से एक ही शब्द बनते हैं।
तीसरे व्यक्ति के स्वामित्व रूप, यानी “उसका/उनका” बताने वाले रूप, के बाद कारक आए तो बीच में n दिखता है:
- arabası = उसकी गाड़ी; arabasına = उसकी गाड़ी की ओर/को।
- arabasında = उसकी गाड़ी में; arabasından = उसकी गाड़ी से।
- onun kitabını okudum = मैंने उसकी किताब पढ़ी।
इस n को सामान्य स्वरांत संज्ञा के जोड़ वाले y से न मिलाएँ। Araba का दिशा रूप arabaya है, लेकिन arabası का दिशा रूप arabasına है।
कुछ परिचित शब्दों में स्वर गिरता है
कुछ दो-अक्षरीय शब्द स्वर से शुरू होने वाले प्रत्यय के आगे बीच का स्वर खो देते हैं: şehir → şehri = शहर → उस शहर को, ağız → ağzı = मुँह → उस मुँह को। लेकिन स्थान रूप şehirde = शहर में में ऐसा नहीं होता। यह सामान्य सामंजस्य से अलग शब्द-विशेष बदलाव है; मिलने पर उसका रूप साथ याद करें।
सर्वनामों के अलग रूप
सर्वनाम नाम की जगह आने वाले शब्द हैं, जैसे “मैं”, “तुम”, “यह”। इनमें कुछ रूप सामान्य संज्ञा से अलग बनते हैं। विशेषकर ben = मैं और sen = तुम के दिशा रूप bana और sana हैं, bene और sene नहीं।
| भूमिका | मैं | तुम |
|---|---|---|
| मूल | ben | sen |
| निश्चित कर्म | beni | seni |
| दिशा / प्राप्तकर्ता | bana | sana |
| स्थान | bende | sende |
| स्रोत | benden | senden |
| संबंध | benim | senin |
Bende anahtar var. = मेरे पास चाबी है। यहाँ स्थान रूप वास्तविक जगह से आगे बढ़कर “मेरे पास” का भाव देता है। Bu anahtar benim. = यह चाबी मेरी है में स्वामित्व बताया जा रहा है। दोनों हिंदी में पास-पास लग सकते हैं, लेकिन “किसके पास?” और “किसकी?” अलग सवाल हैं।
तुलना और कारण में स्रोत कारक
स्रोत रूप केवल बाहर निकलने के लिए नहीं आता। तुलना में भी मिलता है: Bu çanta diğerinden daha ucuz. = यह बैग दूसरे वाले से सस्ता है। कारण के लिए Soğuktan titriyorum. = मैं ठंड से काँप रहा हूँ। मूल “से” का भाव पहचान में मदद करता है, पर नई क्रिया या अभिव्यक्ति के साथ उसका पूरा ढाँचा सीखना ज़रूरी है।
बिना मालिक वाले संज्ञा-समूह
Okulun kapısı = स्कूल का दरवाज़ा में किसी पहचाने हुए स्कूल का संबंध बताया गया है। Okul kapısı = स्कूल का दरवाज़ा/स्कूल-द्वार में “स्कूल” दरवाज़े का प्रकार भी बता सकता है। दूसरे ढाँचे में पहले नाम पर संबंध प्रत्यय नहीं होता, लेकिन दूसरे पर स्वामित्व जैसा अंत रहता है। ऐसे समूह आगे अलग से सीखें; इनके कारण यह न मानें कि सामान्य “अली की किताब” में Ali'nin से संबंध प्रत्यय हटाया जा सकता है।
शब्दक्रम बदलने पर भी संबंध बना रहता है
कारक प्रत्यय संज्ञा के साथ चलता है। सामान्य क्रम Kitabı Ayşe'ye verdim. = मैंने वह किताब आयशे को दी है; Ayşe'ye kitabı verdim. भी यही घटना बता सकता है, मगर ज़ोर और पहले से मालूम जानकारी की व्यवस्था बदलती है। शुरुआती अभ्यास में सामान्य क्रम रखें। प्रत्ययों की मदद से मिलने वाली लचक का अर्थ यह नहीं कि किसी भी शब्दक्रम का हर संदर्भ में एक जैसा असर होगा।
अभ्यास के उपयोगी तरीके
- एक जगह को तीन सवालों में बदलें। Nereye? = कहाँ की ओर? → okula = स्कूल की ओर; Nerede? = कहाँ? → okulda = स्कूल में; Nereden? = कहाँ से? → okuldan = स्कूल से। फिर यही क्रम ev और iş के साथ करें। सिर्फ रूप नहीं, जाने, होने और लौटने के तीन पूरे वाक्य बोलें।
- हर नई संज्ञा के छोटे रूप-परिवार बनाएँ। Kitap के साथ kitabı, kitaba, kitapta, kitaptan, kitabın लिखें और हर रूप का हिंदी अर्थ कहें। Araba और otobüs जोड़ने से स्वरांत शब्द, चार-रूपी सामंजस्य और d/t तीनों का अभ्यास होगा। गलत होने पर पहले अर्थ जाँचें, फिर अंतिम स्वर, फिर अंतिम व्यंजन।
- एक ही दृश्य में दो कर्म-वाक्य बनाएँ। “मैं किताब पढ़ रहा हूँ” के लिए Kitap okuyorum. और सामने रखी खास किताब के लिए Bu kitabı okuyorum. कहें। फिर “मैंने यह किताब आयशे को दी” बनाएँ: Bu kitabı Ayşe'ye verdim. इस तरह वस्तु की पहचान और पाने वाले व्यक्ति का अंतर अलग-अलग सुनाई देगा।
संबंधित विषय
- पहले पढ़ें: बुनियादी स्वर-सामंजस्य — प्रत्यय में सही स्वर चुनने का आधार।
- अगला कदम: निश्चित कर्म और उसका प्रत्यय — खास और बिना खास पहचान वाले कर्म का अंतर विस्तार से।
- आगे का प्रयोग: तुलना और सबसे अधिक होने के रूप — “इससे बड़ा”, “उससे सस्ता” जैसे वाक्यों में स्रोत कारक का इस्तेमाल।