languages.grammar.heading
languages.grammar.subtitle
languages.grammar.note
common.noResults
A1 (30)
व्यक्तिवाचक सर्वनाम (Osobní Zájmena) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। कर्ता सर्वनाम: já, ty, on/ona/ono, my, vy, oni/ony/ona। चेक में सजीव पुल्लिंग, निर्जीव पुल्लिंग, स्त्रीलिंग और नपुंसकलिंग के बीच भेद किया जाता है। यह A1 (शुरुआती) स्तर का विषय है, इसलिए हम बहुत ही सरल और बुनियादी बातों से शुरू करेंगे।
संज्ञा का लिंग (Rod Podstatných Jmen) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। चेक में तीन लिंग होते हैं: पुल्लिंग (dům, muž), स्त्रीलिंग (žena), और नपुंसकलिंग (dítě)। पुल्लिंग आगे चलकर सजीव और निर्जीव में बाँटा जाता है। यह A1 (शुरुआती) स्तर का विषय है, इसलिए हम बहुत ही सरल और बुनियादी बातों से शुरू करेंगे।
Case System Introduction (Pády - Úvod) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। चेक भाषा में 7 कारक हैं: कर्ता (1.), संबंध (2.), संप्रदान (3.), कर्म (4.), संबोधन (5.), अधिकरण (6.), करण (7.)। यह A1 (शुरुआती) स्तर का विषय है, इसलिए हम बहुत ही सरल और बुनियादी बातों से शुरू करेंगे।
कर्ता और कर्म कारक (Nominativ a Akuzativ) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। नॉमिनेटिव कर्ता के लिए होता है। अक्यूज़ेटिव सीधे कर्म के लिए होता है: स्त्रीलिंग में -u, सजीव पुल्लिंग में जेनिटिव जैसा, और निर्जीव पुल्लिंग/नपुंसकलिंग में नॉमिनेटिव जैसा। यह A1 (शुरुआती) स्तर का विषय है, इसलिए हम बहुत ही सरल और बुनियादी बातों से शुरू करेंगे।
Být (होना) (Sloveso Být) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। क्रिया 'být' (होना): jsem, jsi, je, jsme, jste, jsou। वर्तमान नकारात्मक रूप: nejsem। भूतकाल: byl/byla/bylo। यह A1 (शुरुआती) स्तर का विषय है, इसलिए हम बहुत ही सरल और बुनियादी बातों से शुरू करेंगे।
Mít (to have) (Sloveso Mít) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। The verb 'mít' (to have): mám, máš, má, máme, máte, mají. Used for possession and in expressions. यह A1 (शुरुआती) स्तर का विषय है, इसलिए हम बहुत ही सरल और बुनियादी बातों से शुरू करेंगे।
A-वर्ग रूपांतरण (Konjugace -ám/-áš) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। पहला रूपांतरण पैटर्न: -ám, -áš, -á, -áme, -áte, -ají। सामान्य क्रियाएँ: dělat (करना), volat (बुलाना/फ़ोन करना), čekat (इंतज़ार करना)। यह A1 (शुरुआती) स्तर का विषय है, इसलिए हम बहुत ही सरल और बुनियादी बातों से शुरू करेंगे।
I-वर्ग रूपांतरण (Konjugace -ím/-íš) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। दूसरा रूपांतरण पैटर्न: -ím, -íš, -í, -íme, -íte, -í। सामान्य क्रियाएँ: mluvit (बोलना), vidět (देखना), prosit (माँगना/अनुरोध करना)। यह A1 (शुरुआती) स्तर का विषय है, इसलिए हम बहुत ही सरल और बुनियादी बातों से शुरू करेंगे।
विशेषण सामंजस्य (Přídavná Jména) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। विशेषण लिंग, वचन और कारक के अनुसार बदलते हैं: velký dům (पुल्लिंग), velká žena (स्त्रीलिंग), velké dítě (नपुंसकलिंग), velcí muži (जीवित पुल्लिंग बहुवचन)। यह A1 (शुरुआती) स्तर का विषय है, इसलिए हम बहुत ही सरल और बुनियादी बातों से शुरू करेंगे।
निषेध (Zápor) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। क्रिया पर 'ne-' उपसर्ग लगाकर निषेध बनता है: nemluvím, nejsem। दोहरा निषेध मानक है: nikdo nic neví (कोई कुछ नहीं जानता)। यह A1 (शुरुआती) स्तर का विषय है, इसलिए हम बहुत ही सरल और बुनियादी बातों से शुरू करेंगे।
प्रश्न निर्माण (Tvoření Otázek) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। हाँ/ना वाले प्रश्न intonation या शब्द-क्रम से बनते हैं। प्रश्नवाचक शब्द: co (क्या), kdo (कौन), kde (कहाँ), kdy (कब), jak (कैसे), proč (क्यों)। यह A1 (शुरुआती) स्तर का विषय है, इसलिए हम बहुत ही सरल और बुनियादी बातों से शुरू करेंगे।
अधिकारवाचक सर्वनाम (Přivlastňovací Zájmena) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। अधिकारवाचक सर्वनाम संज्ञा के साथ सामंजस्य रखते हैं: můj/moje/mé, tvůj, jeho/její, náš, váš, jejich। तीसरे पुरुष के रूप प्रायः नहीं बदलते। यह A1 (शुरुआती) स्तर का विषय है, इसलिए हम बहुत ही सरल और बुनियादी बातों से शुरू करेंगे।
स्थान के पूर्वसर्ग (Předložky Místa) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। स्थान-संबंधी पूर्वसर्ग विशिष्ट कारक लेते हैं: v/na + लोकेटिव (में/पर), do + जेनिटिव (की ओर/में), z/od + जेनिटिव (से), u + जेनिटिव (के पास/पर)। यह A1 (शुरुआती) स्तर का विषय है, इसलिए हम बहुत ही सरल और बुनियादी बातों से शुरू करेंगे।
संख्याएँ और समय (Číslovky a Čas) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। 0-100 तक मूल संख्याएँ और क्रमसूचक संख्याएँ। संख्या-सहमति जटिल है: 1 + प्रथमा एकवचन, 2-4 + प्रथमा बहुवचन, 5+ + सम्बन्धकारक बहुवचन। समय पूछना: kolik je hodin? यह A1 (शुरुआती) स्तर का विषय है, इसलिए हम बहुत ही सरल और बुनियादी बातों से शुरू करेंगे।
-u/-eš रूपांतरण (Konjugace -u/-eš) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। तीसरा क्रिया-रूपांतरण पैटर्न: -u, -eš, -e, -eme, -ete, -ou। सामान्य क्रियाएँ: nést (ढोना/ले जाना), péct (सेंकना), moct (सकना)। यह A1 (शुरुआती) स्तर का विषय है, इसलिए हम बहुत ही सरल और बुनियादी बातों से शुरू करेंगे।
-uji/-uješ रूपांतरण (Konjugace -uji/-uješ) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। चौथा क्रिया-रूपांतरण पैटर्न: -uji, -uješ, -uje, -ujeme, -ujete, -ují। सामान्य क्रियाएँ: kupovat (खरीदना), pracovat (काम करना), cestovat (यात्रा करना)। यह A1 (शुरुआती) स्तर का विषय है, इसलिए हम बहुत ही सरल और बुनियादी बातों से शुरू करेंगे।
बहुवचन निर्माण (Množné Číslo) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। बहुवचन के nominative रूप लिंग और रूप-परिवर्तन के ढाँचे के अनुसार बदलते हैं। सजीव पुल्लिंग में विशेष बहुवचन रूप होते हैं: muž→muži, student→studenti (व्यंजन परिवर्तन)। यह A1 (शुरुआती) स्तर का विषय है, इसलिए हम बहुत ही सरल और बुनियादी बातों से शुरू करेंगे।
संकेतवाचक सर्वनाम (Ukazovací Zájmena) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। संकेतवाचक सर्वनाम: ten/ta/to (यह/वह), tenhle/tahle/tohle (यही/यह वाला)। ये लिंग, वचन और कारक के अनुसार बदलते हैं। यह A1 (शुरुआती) स्तर का विषय है, इसलिए हम बहुत ही सरल और बुनियादी बातों से शुरू करेंगे।
समय के पूर्वसर्ग (Předložky Času) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। समय-संबंधी पूर्वसर्ग: v + अक्यूज़ेटिव (किसी दिन पर), v + लोकेटिव (किसी महीने में), o + लोकेटिव (के समय/दौरान), za + अक्यूज़ेटिव (इतने समय में/बाद)। यह A1 (शुरुआती) स्तर का विषय है, इसलिए हम बहुत ही सरल और बुनियादी बातों से शुरू करेंगे।
मूल संयोजक (Základní Spojky) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। आवश्यक संयोजक: a (और), ale (लेकिन), nebo (या), protože (क्योंकि), takže (इसलिए), i (भी/और)। यह A1 (शुरुआती) स्तर का विषय है, इसलिए हम बहुत ही सरल और बुनियादी बातों से शुरू करेंगे।
मोडल क्रियाएँ (Modální Slovesa) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। मोडल क्रियाएँ: muset (करना ही होगा), moct (सकना), chtít (चाहना), smět (अनुमति होना), umět (किसी काम को जानना)। इनका प्रयोग infinitive के साथ होता है। यह A1 (शुरुआती) स्तर का विषय है, इसलिए हम बहुत ही सरल और बुनियादी बातों से शुरू करेंगे।
मूल क्रियाविशेषण (Základní Příslovce) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। स्थान, समय और रीति के सामान्य क्रियाविशेषण: tady (यहाँ), tam (वहाँ), teď (अभी), dnes (आज), dobře (अच्छी तरह), rychle (जल्दी)। यह A1 (शुरुआती) स्तर का विषय है, इसलिए हम बहुत ही सरल और बुनियादी बातों से शुरू करेंगे।
अभिवादन और वाक्यांश (Pozdravy a Fráze) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। आवश्यक अभिवादन और विनम्र अभिव्यक्तियाँ: ahoj (नमस्ते), dobrý den (शुभ दिन), děkuji (धन्यवाद), prosím (कृपया), na shledanou (फिर मिलेंगे)। यह A1 (शुरुआती) स्तर का विषय है, इसलिए हम बहुत ही सरल और बुनियादी बातों से शुरू करेंगे।
Existenční Konstrukce (अस्तित्वसूचक संरचनाएँ) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। इसमें अस्तित्व व्यक्त करना शामिल है: je/jsou (है/हैं) और není/nejsou (नहीं है/नहीं हैं), स्थान बताने के लिए पूर्वसर्गों के साथ। यह A1 (शुरुआती) स्तर का विषय है, इसलिए हम बहुत ही सरल और बुनियादी बातों से शुरू करेंगे।
मूल विभक्ति प्रारूप (Základní Skloňování) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। मुख्य विभक्ति प्रकार: कठोर पुल्लिंग (hrad/pán), कठोर स्त्रीलिंग (žena), कठोर नपुंसकलिंग (město)। विभक्तियों में नियमित प्रत्यय। यह A1 (शुरुआती) स्तर का विषय है, इसलिए हम बहुत ही सरल और बुनियादी बातों से शुरू करेंगे।
सामान्य अनियमित क्रियाएँ (Nepravidelná Slovesa) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। महत्वपूर्ण अनियमित क्रियाएँ: jít (जाना), jíst (खाना), vědět (जानना), chtít (चाहना), říct (कहना)। इनके वर्तमान काल के रूप अनियमित होते हैं। यह A1 (शुरुआती) स्तर का विषय है, इसलिए हम बहुत ही सरल और बुनियादी बातों से शुरू करेंगे।
पसंद व्यक्त करना (Rád/Ráda) (Rád / Ráda) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। rád/ráda + क्रिया के साथ पसंद व्यक्त की जाती है (मुझे ... करना पसंद है)। यह लिंग के अनुसार बदलता है: rád (पुल्लिंग), ráda (स्त्रीलिंग), rádo (नपुंसकलिंग), rádi (बहुवचन)। यह A1 (शुरुआती) स्तर का विषय है, इसलिए हम बहुत ही सरल और बुनियादी बातों से शुरू करेंगे।
Days, Months, and Seasons (Dny, Měsíce a Roční Období) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। Days of the week (pondělí-neděle), months (leden-prosinec), seasons (jaro, léto, podzim, zima). Used with prepositions v/na. यह A1 (शुरुआती) स्तर का विषय है, इसलिए हम बहुत ही सरल और बुनियादी बातों से शुरू करेंगे।
मूल पूर्वसर्ग (Základní Předložky) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। निश्चित विभक्तियों वाले सामान्य पूर्वसर्ग: s + करण कारक (के साथ), bez + संबंध कारक (के बिना), pro + कर्म कारक (के लिए), o + स्थान कारक (के बारे में)। यह A1 (शुरुआती) स्तर का विषय है, इसलिए हम बहुत ही सरल और बुनियादी बातों से शुरू करेंगे।
अनियमित वर्तमान काल पैटर्न (Nepravidelný Přítomný Čas) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। वर्तमान काल में धातु बदलने वाली क्रियाएँ: spát→spím, stát→stojím, brát→beru, psát→píšu। इनमें व्यंजन और स्वर में बदलाव होते हैं। यह A1 (शुरुआती) स्तर का विषय है, इसलिए हम बहुत ही सरल और बुनियादी बातों से शुरू करेंगे।
A2 (12)
जेनिटिव कारक (Genitiv) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। जेनिटिव (दूसरा कारक) स्वामित्व, निषेध, मात्राओं और कुछ पूर्वसर्गों (bez, do, od, z, u) के साथ प्रयोग होता है। विभक्ति-प्रकार के अनुसार इसके अलग-अलग अंत होते हैं। यह A2 (प्रारंभिक) स्तर का विषय है जो आपकी बुनियादी समझ को और मज़बूत करेगा।
भूतकाल (Minulý Čas) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। भूतकाल में l-participle + auxiliary आता है (पहले/दूसरे पुरुष में)। लिंग और वचन के अनुसार रूप बदलते हैं: on psal, ona psala, oni psali। तीसरे पुरुष में auxiliary प्रायः नहीं आता। यह A2 (प्रारंभिक) स्तर का विषय है जो आपकी बुनियादी समझ को और मज़बूत करेगा।
क्रिया पक्ष (Vid) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। अपूर्ण पक्ष (चल रही या दोहराई जाने वाली क्रिया) और पूर्ण पक्ष (पूरी हो चुकी या एक बार की क्रिया) का अंतर। सामान्य युग्म: psát/napsat, číst/přečíst, dělat/udělat. यह A2 (प्रारंभिक) स्तर का विषय है जो आपकी बुनियादी समझ को और मज़बूत करेगा।
सम्प्रदान कारक (Dativ) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। Dative (तीसरा कारक) अप्रत्यक्ष कर्म, कुछ क्रियाओं (pomáhat, rozumět) और निश्चित अभिव्यक्तियों के लिए प्रयोग होता है। लिंग के अनुसार इसके अलग-अलग endings होते हैं। यह A2 (प्रारंभिक) स्तर का विषय है जो आपकी बुनियादी समझ को और मज़बूत करेगा।
करण कारक (Instrumentál) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। करण कारक (सातवाँ कारक) साधन/उपकरण, 'být' के साथ विधेय, और s/za/mezi/nad/pod जैसे पूर्वसर्गों के साथ प्रयोग होता है। पुल्लिंग: -em, स्त्रीलिंग: -ou. यह A2 (प्रारंभिक) स्तर का विषय है जो आपकी बुनियादी समझ को और मज़बूत करेगा।
लोकेटिव कारक (Lokál) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। लोकेटिव (छठा कारक) हमेशा पूर्वसर्गों के साथ आता है: v/na (में/पर), o (के बारे में), po (के बाद), při (के दौरान)। यह अक्सर व्यंजन-परिवर्तन कराता है। यह A2 (प्रारंभिक) स्तर का विषय है जो आपकी बुनियादी समझ को और मज़बूत करेगा।
आत्मवाचक क्रियाएँ (Zvratná Slovesa) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। आत्मवाचक कण se (accusative) या si (dative) के साथ क्रियाएँ बनती हैं: mýt se (अपने को धोना), učit se (सीखना), líbit se (पसंद आना)। यह A2 (प्रारंभिक) स्तर का विषय है जो आपकी बुनियादी समझ को और मज़बूत करेगा।
विशेषणों की तुलना (Stupňování Přídavných Jmen) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। तुलनात्मक रूप (-ejší/-ší) और सर्वोत्तम रूप (nej- + तुलनात्मक)। अनियमित: dobrý→lepší→nejlepší, špatný→horší→nejhorší. यह A2 (प्रारंभिक) स्तर का विषय है जो आपकी बुनियादी समझ को और मज़बूत करेगा।
कर्मवाचक सर्वनाम (Předmětová Zájmena) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। accusative/dative सर्वनाम रूप: mě/mně, tě/tobě, ho/mu, nás/nám। छोटे (clitic) और लंबे रूपों तथा उनकी स्थिति को समझना जरूरी है। यह A2 (प्रारंभिक) स्तर का विषय है जो आपकी बुनियादी समझ को और मज़बूत करेगा।
कालवाची संयोजक (Časové spojky) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। इसमें když (जब), než (पहले), po tom co (बाद में), zatímco (जबकि), dokud (जब तक), od té doby co (जब से) जैसे समयसूचक संयोजक आते हैं। यह A2 (प्रारंभिक) स्तर का विषय है जो आपकी बुनियादी समझ को और मज़बूत करेगा।
मृदु विभक्ति पैटर्न (Měkké Skloňování) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। मृदु व्यंजनों पर समाप्त संज्ञाओं के लिए मृदु विभक्ति: muž (सजीव पुल्लिंग), stroj (निर्जीव पुल्लिंग), růže (स्त्रीलिंग), moře (नपुंसकलिंग)। इनके अंत कठोर पैटर्न से अलग होते हैं। यह A2 (प्रारंभिक) स्तर का विषय है जो आपकी बुनियादी समझ को और मज़बूत करेगा।
भूतकाल में मोडल क्रियाएँ (Modální Slovesa v Minulém Čase) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। मोडल क्रियाओं का भूतकाल: musel jsem (मुझे करना पड़ा), mohl jsem (मैं कर सकता था), chtěl jsem (मैं चाहता था)। इसमें लिंग-सामंजस्य भी लागू होता है। यह A2 (प्रारंभिक) स्तर का विषय है जो आपकी बुनियादी समझ को और मज़बूत करेगा।
B1 (13)
भविष्य काल (Budoucí Čas) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। पूर्णतावाची क्रियाओं में भविष्य का अर्थ वर्तमान पूर्णतावाची रूप से व्यक्त होता है। अपूर्णतावाची क्रियाओं के साथ budu + infinitive आता है। 'Být' का भविष्य रूप: budu, budeš, bude... यह B1 (मध्यवर्ती) स्तर का विषय है जो आपके भाषा कौशल को और गहरा करेगा।
आज्ञावाचक काल (Rozkazovací Způsob) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। वर्तमान काल के मूल से आदेश: piš!, pišme!, pište! prosím के साथ विनम्र रूप। नकारात्मक आज्ञावाचक: nepiš! यह B1 (मध्यवर्ती) स्तर का विषय है जो आपके भाषा कौशल को और गहरा करेगा।
सशर्त काल (Podmiňovací Způsob) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। l-कृदंत + bych/bys/by/bychom/byste/by के साथ सशर्त रूप। काल्पनिक स्थितियों और विनम्र अनुरोधों के लिए उपयोग। यह B1 (मध्यवर्ती) स्तर का विषय है जो आपके भाषा कौशल को और गहरा करेगा।
गतिवाचक क्रियाएँ (Slovesa Pohybu) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। गतिवाचक क्रियाओं के निर्धारित/अनिर्धारित जोड़े हैं: jít/chodit (पैदल जाना), jet/jezdit (वाहन से जाना), běžet/běhat (दौड़ना)। यह B1 (मध्यवर्ती) स्तर का विषय है जो आपके भाषा कौशल को और गहरा करेगा।
आश्रित उपवाक्य (Vedlejší věty) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। इसमें že (कि), který (जो/जिसका), když (जब), aby (ताकि), protože (क्योंकि) जैसे शब्दों के साथ आश्रित उपवाक्य बनते हैं। संबंधवाचक सर्वनामों का विभक्ति रूप भी बदलता है। यह B1 (मध्यवर्ती) स्तर का विषय है जो आपके भाषा कौशल को और गहरा करेगा।
कर्मवाच्य (Trpný Rod) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। कर्मवाच्य: být + कर्मवाच्य कृदंत (-n/-t) के साथ। सामान्य कथनों के लिए 'se' के साथ प्रतिवर्ती कर्मवाच्य। यह B1 (मध्यवर्ती) स्तर का विषय है जो आपके भाषा कौशल को और गहरा करेगा।
संबंधवाचक सर्वनाम (Vztažná Zájmena) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। संबंधवाचक सर्वनाम který/která/které (जो/जिसे) लिंग, वचन और कारक के अनुसार रूपांतरित होते हैं। अन्य रूप: jenž (साहित्यिक), co (बोलचाल)। यह B1 (मध्यवर्ती) स्तर का विषय है जो आपके भाषा कौशल को और गहरा करेगा।
निरपेक्ष संरचनाएँ (Neosobní Konstrukce) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। निरपेक्ष अभिव्यक्तियाँ: je třeba (आवश्यक है), je možné (संभव है), dá se (किया जा सकता है)। मौसम और अवस्था से जुड़ी अभिव्यक्तियाँ भी इसी में आती हैं। यह B1 (मध्यवर्ती) स्तर का विषय है जो आपके भाषा कौशल को और गहरा करेगा।
Aby के साथ उद्देश्य उपवाक्य (Účelové Věty s Aby) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। aby + सशर्त क्रियारूप के साथ उद्देश्य उपवाक्य: abych, abys, aby, abychom, abyste, aby। उद्देश्य और इरादा व्यक्त करता है। यह B1 (मध्यवर्ती) स्तर का विषय है जो आपके भाषा कौशल को और गहरा करेगा।
क्रमसूचक संख्याएँ और तिथियाँ (Řadové Číslovky a Datum) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। क्रमसूचक संख्याएँ (první, druhý, třetí...) विशेषणों की भाँति रूपांतरित होती हैं। तिथि का प्रारूप: दिन के लिए संबंधकारक, महीने का नाम, वर्ष। यह B1 (मध्यवर्ती) स्तर का विषय है जो आपके भाषा कौशल को और गहरा करेगा।
जटिल पूर्वसर्ग (Složené Předložky) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। कुछ पूर्वसर्ग अलग-अलग कारकों के साथ अलग अर्थ देते हैं: na + accusative (की ओर/पर चढ़कर) बनाम na + locative (पर), za + accusative (इतने समय में) बनाम za + instrumental (पीछे)। यह B1 (मध्यवर्ती) स्तर का विषय है जो आपके भाषा कौशल को और गहरा करेगा।
क्रिया-विशेषण की तुलना (Stupňování Příslovcí) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। क्रिया-विशेषणों के तुलनात्मक और उत्कृष्ट रूप: rychle→rychleji→nejrychleji। अनियमित रूप: dobře→lépe→nejlépe, špatně→hůře→nejhůře। यह B1 (मध्यवर्ती) स्तर का विषय है जो आपके भाषा कौशल को और गहरा करेगा।
क्लिटिक स्थान-नियम (Pravidla pro Klitiky) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। उत्तर-क्लिटिक (se, si, mi, ti, mu, ho, jsem, bych) को वाक्य में दूसरे स्थान पर आना होता है (Wackernagel का नियम)। क्लिटिक के बीच क्रम भी निश्चित होता है। यह B1 (मध्यवर्ती) स्तर का विषय है जो आपके भाषा कौशल को और गहरा करेगा।
B2 (10)
संबोधन कारक (Vokativ) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। संबोधन कारक (पाँचवाँ कारक) सीधे संबोधन के लिए प्रयोग होता है। सजीव पुल्लिंग में प्रायः -e/-u, स्त्रीलिंग में -o/-e आते हैं; कुछ स्लाव भाषाओं के विपरीत बोली जाने वाली चेक में यह बहुत आम है। यह B2 (उच्च मध्यवर्ती) स्तर का विषय है जो आपको भाषा की सूक्ष्मताओं को समझने में मदद करेगा।
परोक्ष कथन (Nepřímá Řeč) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। že-उपवाक्यों के साथ परोक्ष कथन बनता है। चेक में अक्सर मूल काल बना रहता है। परोक्ष अनुरोधों के लिए aby के साथ कंडीशनल का प्रयोग होता है। यह B2 (उच्च मध्यवर्ती) स्तर का विषय है जो आपको भाषा की सूक्ष्मताओं को समझने में मदद करेगा।
कृदंत (Příčestí) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। वर्तमान सक्रिय (-ící/-oucí), भूतकालीन सक्रिय (-vší) और कर्मवाच्य (-ný/-tý) कृदंत। ये विशेषणों की तरह या आश्रित वाक्य-रचनाओं में प्रयोग होते हैं। यह B2 (उच्च मध्यवर्ती) स्तर का विषय है जो आपको भाषा की सूक्ष्मताओं को समझने में मदद करेगा।
सशर्त वाक्य (Podmínkové Věty) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। वास्तविक (jestli/když + सांकेतिक काल), अवास्तविक वर्तमान (kdyby + सशर्त), अवास्तविक भूत (kdyby + भूत सशर्त)। यह B2 (उच्च मध्यवर्ती) स्तर का विषय है जो आपको भाषा की सूक्ष्मताओं को समझने में मदद करेगा।
संयुक्त क्रिया-रूप (Složené Slovesné Tvary) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। भूतकालीन संभाव्य रूप (byl bych dělal), भविष्य संभाव्य रूप (budu-li) और सूक्ष्म काल-संबंध व्यक्त करने वाले जटिल काल-संयोजन. यह B2 (उच्च मध्यवर्ती) स्तर का विषय है जो आपको भाषा की सूक्ष्मताओं को समझने में मदद करेगा।
क्रिया-पूर्वसर्ग सहप्रयोग (Slovesné Vazby) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। निश्चित क्रिया + पूर्वसर्ग + कारक संयोजन: myslet na + कर्मकारक (के बारे में सोचना), mluvit o + अधिकरण कारक (के बारे में बात करना), záležet na + अधिकरण कारक (पर निर्भर होना)। यह B2 (उच्च मध्यवर्ती) स्तर का विषय है जो आपको भाषा की सूक्ष्मताओं को समझने में मदद करेगा।
धातुरूप संरचनाएँ (Infinitivní Konstrukce) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। infinitive कई कार्यों में आता है: कर्ता के रूप में (Plavat je zdravé), उद्देश्य के लिए (Přišel pomoci), और विशेषणों के बाद (snadný udělat)। यह B2 (उच्च मध्यवर्ती) स्तर का विषय है जो आपको भाषा की सूक्ष्मताओं को समझने में मदद करेगा।
संख्या-श्रेणियाँ (Číslovkové Kategorie) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। सामूहिक संख्याएँ (dvoje, troje), बारंबारता रूप (dvakrát, třikrát), भिन्नात्मक रूप (půl, třetina) और अनिश्चित संख्याएँ (několik, mnoho)। यह B2 (उच्च मध्यवर्ती) स्तर का विषय है जो आपको भाषा की सूक्ष्मताओं को समझने में मदद करेगा।
शब्द-क्रम (Slovosled) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। चेक में शब्द-क्रम अपेक्षाकृत स्वतंत्र होता है, लेकिन क्लिटिक शब्दों को अक्सर दूसरे स्थान पर आना चाहिए। विषय-फोकस संरचना यह तय करती है कि जानकारी किस क्रम में सामने आएगी। यह B2 (उच्च मध्यवर्ती) स्तर का विषय है जो आपको भाषा की सूक्ष्मताओं को समझने में मदद करेगा।
व्यंजन परिवर्तन (Souhláskové Alternace) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। रूपांतरण और रूपांतरण में व्यवस्थित व्यंजन-परिवर्तन: k→c, h→z, ch→š, r→ř, d→ď, t→ť, n→ň। ये तालव्यीकरण पैटर्न हैं। यह B2 (उच्च मध्यवर्ती) स्तर का विषय है जो आपको भाषा की सूक्ष्मताओं को समझने में मदद करेगा।
C1 (9)
क्रियात्मक उपसर्ग (Slovesné Předpony) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। उपसर्ग क्रिया का अर्थ बदलते हैं: vy- (बाहर), pří- (की ओर), od- (दूर), pro- (आर-पार), za- (आरंभ), do- (पूरा करना)। यह C1 (उन्नत) स्तर का विषय है जो आपको भाषा पर अधिक नियंत्रण प्रदान करेगा।
मानक लिखित चेक (Spisovná Čeština) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। इसमें साहित्यिक चेक की पूर्ण विभक्ति प्रत्यय, औपचारिक शब्दावली, निष्क्रिय रचनाएँ, संबोधन कारक का सही उपयोग और बोलचाल के रूपों से बचना शामिल है। यह C1 (उन्नत) स्तर का विषय है जो आपको भाषा पर अधिक नियंत्रण प्रदान करेगा।
क्रियाविशेषणीय कृदंत (Přechodník) (Přechodníkové Tvary) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। साहित्यिक क्रियाविशेषणीय रूप: वर्तमान přechodník (-a/-ouc/-íc) और भूतकालीन přechodník (-v/-vši)। बोलचाल में ये दुर्लभ हैं, लेकिन साहित्यिक पाठों में मिलते हैं। यह C1 (उन्नत) स्तर का विषय है जो आपको भाषा पर अधिक नियंत्रण प्रदान करेगा।
शब्द-निर्माण (Slovotvorba) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। इसमें -ost (अमूर्त संज्ञाएँ), -ný/-ní (क्रियाओं से बने विशेषण), -tel (कर्ता-संज्ञाएँ), -ství (स्थिति/क्षेत्र) जैसे उत्पादक रूप-निर्माण पैटर्न शामिल हैं। यह C1 (उन्नत) स्तर का विषय है जो आपको भाषा पर अधिक नियंत्रण प्रदान करेगा।
जटिल वाक्य संरचनाएँ (Složená Souvětí) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। कई उपवाक्यों वाले वाक्य जिनमें एक संरचना दूसरी के भीतर आती है: संबंधवाचक उपवाक्यों के भीतर शर्त, concessive clauses (ačkoli, přestože, i když), और परिणाम के भीतर उद्देश्य। यह C1 (उन्नत) स्तर का विषय है जो आपको भाषा पर अधिक नियंत्रण प्रदान करेगा।
साहित्यिक/पुस्तकीय रूप (Knižní Tvary) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। बोलचाल में कम प्रयुक्त साहित्यिक रूप: jenž (जो/जिसने), -li (यदि वाला प्रत्यय), neboť (क्योंकि), leč (लेकिन), nýbrž (बल्कि)। यह C1 (उन्नत) स्तर का विषय है जो आपको भाषा पर अधिक नियंत्रण प्रदान करेगा।
Nominalization (Nominalizace) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। क्रिया-संज्ञाओं (-ní/-tí) का उपयोग करके उपवाक्यों को संज्ञा पदबंधों में बदलना, औपचारिक और शैक्षणिक लेखन में सामान्य। यह C1 (उन्नत) स्तर का विषय है जो आपको भाषा पर अधिक नियंत्रण प्रदान करेगा।
उपसर्गों के अर्थ-भेद (Významové Odlišnosti Předpon) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। चेक क्रियाओं में उपसर्ग अर्थ बदलते हैं: po- थोड़ी देर या आरंभ, do- पूरा करना, vy- बाहर निकालना या पूरा कर लेना, za- शुरू करना या पीछे जाना। यह C1 (उन्नत) स्तर का विषय है जो आपको भाषा पर अधिक नियंत्रण प्रदान करेगा।
शैक्षणिक लेखन शैली (Akademický Styl) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। शैक्षणिक चेक की परंपराएँ: सावधानीपूर्ण दावे (zdá se, patrně), उद्धरण-पद्धतियाँ, impersonal constructions और औपचारिक connectors. यह C1 (उन्नत) स्तर का विषय है जो आपको भाषा पर अधिक नियंत्रण प्रदान करेगा।
C2 (7)
बोलचाल की चेक (Obecná Čeština) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। सामान्य बोलचाल की चेक की विशेषताएँ: ej/ý परिवर्तन, -ma वाला करण बहुवचन, छूटे हुए अक्षरांश और क्षेत्रीय भिन्नताएँ। यह बड़े द्विभाषिक-स्तरभेद की स्थिति का हिस्सा है. यह C2 (निपुण) स्तर का विषय है जो आपको मूल वक्ताओं जैसी दक्षता की ओर ले जाएगा।
कहावतें और मुहावरे (Přísloví a Idiomy) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। चेक कहावतें और मुहावरे: zabít dvě mouchy jednou ranou, vylévat vaničku i s dítětem, mít máslo na hlavě। यह C2 (निपुण) स्तर का विषय है जो आपको मूल वक्ताओं जैसी दक्षता की ओर ले जाएगा।
मोरावियाई बोलियाँ (Moravské Dialekty) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। मोरावियाई और सिलेसियाई बोलियों की विशेषताएँ: अलग शब्दावली (जैसे tramvaj के लिए šalina), स्वर-परिवर्तन और विशिष्ट स्वर-लय पैटर्न. यह C2 (निपुण) स्तर का विषय है जो आपको मूल वक्ताओं जैसी दक्षता की ओर ले जाएगा।
Bureaucratic Language (Úřední Jazyk) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। कानूनी और प्रशासनिक चेक: संज्ञात्मक शैली, कर्मवाच्य रचनाएँ, मानक वाक्यांश, आधिकारिक दस्तावेज़ संरचना। यह C2 (निपुण) स्तर का विषय है जो आपको मूल वक्ताओं जैसी दक्षता की ओर ले जाएगा।
वाक्-युक्तियाँ (Řečnické Prostředky) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। उन्नत शैलीगत विशेषताएँ: जोर देने के लिए चिह्नित शब्द क्रम, अलंकारिक प्रश्न, व्यंग्य संकेतक, शैक्षणिक प्रवचन में संकोच-भाव संबंधी अभिव्यक्तियाँ। यह C2 (निपुण) स्तर का विषय है जो आपको मूल वक्ताओं जैसी दक्षता की ओर ले जाएगा।
अभिव्यंजक शब्द-निर्माण (Expresivní Slovotvorba) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। लघु रूप (-ek/-ík/-inka/-ička), वृद्धिरूप (-isko/-izna), अपमानसूचक और स्नेहसूचक रूप। लघु रूपों की कई परतें हो सकती हैं। यह C2 (निपुण) स्तर का विषय है जो आपको मूल वक्ताओं जैसी दक्षता की ओर ले जाएगा।
पुरातन शब्द और नवशब्द (Archaismy a Neologismy) चेक भाषा में एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक अवधारणा है। इसमें पुरानी चेक भाषा (बाइबिलीय, साहित्यिक) और आधुनिक नवशब्दों (तकनीक, सोशल मीडिया) की पहचान और प्रयोग शामिल है। यह ऐतिहासिक पाठों से लेकर समकालीन स्लैंग तक शैलीगत विस्तार समझने में मदद करता है। यह C2 (निपुण) स्तर का विषय है जो आपको मूल वक्ताओं जैसी दक्षता की ओर ले जाएगा।
languages.cta.text
languages.cta.button